चिकन दुकानों पर सन्नाटा, बिक्री में आई भारी कमी
प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों से ज्यादा चिकन दुकानों पर बिल्कुल सन्नाटा पसर गई है। कारण मुर्गा विक्रेता को दुकान बंद करना पड़ा। किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित ना हो इस कारण लोग भय से मुर्गा खाने से परहेज करने लगे हैं। कारण कि लगातार इन दिनों महामारी के रूप में पांव पसार रहे चीन से उत्पन्न हुए कोरोना वायरस की दहशत पूरी दुनिया में छाई है। जिसका खामियाजा मुर्गा विक्रेता एवं व्यवसायियों को भुगतना पड़ रहा है।
कोरोना वायरस से फैली बीमारी का प्रचार प्रसार ने आमजनों को भयभीत कर दिया है। चिकन ग्राहकों को लगता है कि मुर्गे की मांस खाने से कोरोना के शिकार हो जाएंगे। मुर्गा विक्रेता कीर्तन चौहान ने बताया कि प्रतिदिन करीब 1 क्विंटल मुर्गे की बिक्री हो जाती थी, परंतु होली के बाद से एक केजी भी नहीं बिक्री हो पा रहा है।
वहीं होली के दिन 5 क्विंटल मुर्गे की बिक्री होती थी, परंतु इस होली के त्योहार पर 25 केजी भी चिकेन की बिक्री नहीं हो पाई। लोग पिकनिक एवं छुट्टी के दिन एडवांस बुकिंग चिकन का कराते थे। मुर्गा विक्रेताओं का कहना है कि फैली अफवाह के कारण लोग मुर्गे की मांस खाने से परहेज करने लगे हैं। जिससे लोग मुर्गे की बिक्री ठप हो गई वहीं दाम में गिरावट आई है।