कोरोना की भेंट चढ़ा सोन कला केंद्र का आयोजन सोन उत्सव
सोन कला केंद्र द्वारा आयोजित किये जाने वाला सोन उत्सव भी कोरोना की भेंट चढ़ गया। बड़ी मुश्किल परिस्थिति में आयोजन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। शुक्रवार की रात ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ.श्याम बिहारी प्रसाद के पाली रोड स्थित आवास पर आपात बैठक कर निर्धारित सांस्कृतिक कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कोरोना वायरस को लेकर बिहार सरकार द्वारा एहतियातन लिए गए निर्णय के सन्दर्भ में चर्चा की गयी। सरकार के आदेश का अनुपालन और वैश्विक चिंता को देखते हुए जनहित में सोन उत्सव का कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया गया। यह आसान नहीं था। तैयारी पूर्ण होने के बाद अचानक से कोरोना महामारी को लेकर जिस तरह राज्य सरकार ने फैसला लिया उसको देखते हुए संस्था द्वारा यह दुखद निर्णय लिया गया। निर्णय लेने के लिए इकट्ठा हुए सभी अधिकारी भावुक हो गये थे। कहा गया कि एक बड़ा आयोजन का स्थगित होना बड़ा झटका है। बैठक में संस्था के अध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष जीवन प्रकाश, कृष्ण किसलय, उपाध्यक्ष सुनील शरद एवं उपेंद्र कश्यप, कोषाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह उपस्थित रहे। महत्वपूर्ण है कि सोन कला केंद्र द्वारा यह उत्सव आगामी 18 और 19 मार्च को होना तय था। इस आयोजन के लिए अनुमंडल कार्यालय द्वारा गुरूवार को ही अनुमति दी गयी थी। नृत्य और झांकी प्रतियोगिता की तैयारी चरम पर थी। इस बीच शुक्रवार की शाम बिहार सरकार ने सांस्कृतिक आयोजनों प्र प्रतिबन्ध लगा दिया। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, चिड़ियाघर, पार्क, सिनेमा हॉल तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस स्थिति में सांस्कृतिक आयोजन करना संभव नहीं रहा। ऐसे में सभी पहलुओं पर चर्चा की गई।
का स्थगित होना बड़ा झटका है। बैठक में संस्था के अध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष जीवन प्रकाश, कृष्ण किसलय, उपाध्यक्ष सुनील शरद एवं उपेंद्र कश्यप, कोषाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह उपस्थित रहे। महत्वपूर्ण है कि सोन कला केंद्र द्वारा यह उत्सव आगामी 18 और 19 मार्च को होना तय था। इस आयोजन के लिए अनुमंडल कार्यालय द्वारा गुरूवार को ही अनुमति दी गयी थी। नृत्य और झांकी प्रतियोगिता की तैयारी चरम पर थी। इस बीच शुक्रवार की शाम बिहार सरकार ने सांस्कृतिक आयोजनों प्र प्रतिबन्ध लगा दिया। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, चिड़ियाघर, पार्क, सिनेमा हॉल तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस स्थिति में सांस्कृतिक आयोजन करना संभव नहीं रहा। ऐसे में सभी पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित लोग।