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शराब नहीं मिली तो पंखे से लटककर की आत्महत्या

एक वर्ष पहले
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थाना क्षेत्र के सोनाडीह गांव में गुरुवार की देर रात नशे की लत लगे युवक को पैसे के अभाव में शराब नहीं मिला तो पंखे से लटककर आत्महत्या कर लिया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेज दिया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि उक्त गांव के सत्येंद्र सिंह का 25 वर्षीय पुत्र विकास कुमार टेंपों पर ड्राइवरी का काम करता था। टेंपो चलाने से उसे जो भी आमदनी होती थी वह सभी पैसे को शराब के सेवन में खर्च कर देता था। यही नहीं कभी-कभी पैसे के अभाव में नशे के लिए वह सनफिक्स, आयोडेक्स तथा एक साथ कई नींद की गोलियां भी खाता था। विकास के नशे करने के कारण ही टेंपो के मालिक ने इसे टेंपो चलाने से मना कर दिया। जिसके कारण विगत एक माह से इसके पास पैसे की कमी हो गई थी। थानाध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल की माने तो विकास अपने अर्धनिर्मित घर में अकेले रहता था। पैसे के अभाव के कारण इसकी नशे की जरूरत पूरी नहीं होती थी। जिसे काफी तनाव में रह रहा था। इसी वजह से डिप्रेशन में आकर इसमें पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।

विकास के शराब की लत के
कारण मां-बाप ने छोड़ा था घर


विकास के शराब पीने सहित कई नशा के सेवन करने से इसके व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था। जिस दिन इसकी नशे की जरूरतें पूरी हो जाती थी उस दिन तो ठीक-ठाक रहता था। लेकिन जिस दिन इसे शराब नहीं मिलता था तो यह घर में खाने पीने के लिए रखें अनाजों को भी बेचने से परहेज नहीं करता था। विकास के पिता सत्येंद्र सिंह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं। घर के नाम पर एक अर्धनिर्मित कमरा है। जिसमें अपनी प|ी व विकास के साथ रहते थे। जैसे तैसे मेहनत मजदूरी करके अपने प|ी व पुत्र का भरण पोषण करते थे। लेकिन विकास के शराब के गिरफ्त में आने से घर की आर्थिक स्थिति और चरमरा गई। इसे शराब की ऐसी लत लगी की शराब नहीं मिलने पर मां-बाप के साथ भी मारपीट करने लगता था। उसके इसी प्रताड़ना के कारण इसके मा-बाप सूरत में रह रहे अपने बड़े पुत्र के यहां चले गए। तब से यह घर में अकेला ही रह रहा था।

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