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दो गुटों में बंटी शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति रोहतास इकाई
बिहार शिक्षक संघर्ष समिति रोहतास जिला इकाई इन दिनों दो गुटों में बंट गया है। समिति में शामिल शिक्षक नेता एक दूसरे पर हीं छींटाकशी करना शुरू कर दिए है। शिक्षक संगठनों के आंतरिक कलह के कारण समान काम-समान वेतन को लेकर शुरू किया गया हड़ताल अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। दिन-प्रतिदिन हड़ताल में शामिल होने वाले शिक्षकों की संख्या कम होती जा रही है। कुछ शिक्षकों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। लेकिन संगठन के नेता उन शिक्षकों के विरूद्ध किए गए कार्रवाई का आदेश वापस लेने के लिए विभागीय अधिकारी पर दबाव नहीं बना पा रहे हैं। ऐसे में उन शिक्षकों में संगठन के नेताओं के प्रति आक्रोश भी पनपने लगा है। शिक्षकों ने बताया कि संगठन से जुड़े तमाम नेता सिर्फ अखबारों में अपना बयान एवं फोटो छपवाने में व्यस्त है। समप्वय समिति के पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे अनदेखी से आहत दूसरे गुट के शिक्षकों ने हड़ताल से किनारा करने का मन बना लिया है। कहा कि अब हमलोग और शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने केस लड़ने के नाम पर पैसा उगाही का आरोप भी संघ के नेताओं पर लगाया है। हड़ताल में शामिल कई शिक्षकों ने विद्यालय में योगदान करने का मन बना लिया है। उनका कहना है कि शिक्षक नेताओं पर तो कोई कार्रवाई होती नहीं है। कार्रवाई तो सिर्फ हमलोगों जैसे भोले-भाले शिक्षकों पर होती है। जो इनके बहकावे में स्कूल बंद कर हड़ताल में शामिल होने के लिए आ जाते हैं। कार्रवाई होने के बाद हमें अकेले हीं लड़ाई शिक्षा विभाग से लड़नी पड़ती है। हड़ताल में शामिल होने के लिए हमपर संघ के पदाधिकारी द्वारा बार-बार दबाव बनाया जाता है लेकिन जब हमें उनके साथ की जरूरत होती है तो कोई सहयोग के लिए आगे नहीं आता है। वहीं, कई अभिभावकों ने भी कहा कि शिक्षक नेताओं के दबाव के कारण हीं अधिकांश स्कूलों के शिक्षक विद्यालयों में तालाबंदी कर हड़ताल में शामिल होने को मजबूर हैं। जिसके कारण बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। वैसे शिक्षक नेताओं पर डीईओ द्वारा सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।