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- Nasriganj News There Is A Shortage Of Doctors In Nasriganj Referral Hospital And Primary Health Center
नासरीगंज रेफरल अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की है कमी
नासरीगंज में रेफरल अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ना तो महिला चिकित्सक है और ना ही कोई शिशु, चिकित्सा पदाधिकारी को छोड़ सिर्फ आयुष चिकित्सकों के भरोसे ही चल रहा है। उक्त खुलासा नासरीगंज के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पत्रकारों से बात चीत के दौरान किया। प्रखंड अध्यक्ष बख्शी जौहर अली की उपस्थिति में बताया गया कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने पर कई अन्य खामियां भी उजागर हुई हैं। दवाइयों की भी पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। जिसके चलते क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रसव आदि के लिए भी महिलाएं सिर्फ एएनएम पर निर्भर रहती हैं। फलस्वरूप दुर्घटना या आकस्मिक स्थिति में मरीजों को फौरन बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। लोगों ने कहा कि सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा को लेकर झूठे और खोखले दावे करती है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दास्तां बयान करती है। जांच प्रतिवेदन में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल के वार्डों और शौचालयों तक में साफ सफाई का घोर अभाव है। वहीं परिसर में आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
पीएचसी का भवन पूरी तरह हो चुका है जर्जर
लोगों का यह भी आरोप है कि पीएचसी का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जिससे लगातार किसी दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। और बरसात के दिनों में पानी चूने के चलते ओपीडी में मरीजों की चिकित्सीय जांच में काफी परेशानी होती है। लोगों ने कहा कि रेफरल अस्पताल में सिटीस्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, एक्सरे और पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा तो बिल्कुल ही नहीं है। आवश्यकतानुसार लोगों को एंबुलेंस की सेवा भी नहीं मिल पाती है। लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा की बदतर हालत की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने हेतु आंदोलन किया जाएगा। मौके पर रोहतास जिला महासचिव अजय कुमार गुप्ता, प्रदेश संगठन सचिव गुलाम मुस्तफा, प्रखंड महासचिव विनोद सिंह, महेंद्र तिवारी, गुलाम मोहम्मद, अतहरुल हक, अकबर अली और रामकिशुन महतो इत्यादि उपस्थित थे।