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बेटी के जन्मदिन का केक ले लौट रहे आर्मी जवान को वैन ने रौंदा, हुई मौत
होली का दिन मंगलवार बिक्रमगंज अनुमंडल के लिए अमंगल रहा तेज रफ्तार ने कई घरों की खुशियां छिन ली रंग से सराबोर परिजनों की चीत्कार से बलुआही गांव में अचानक कोहराम मच गया। जो सुना दौड़ते हुए मृतक आर्मी के जवान दशरथ के घर की ओर दौड़ पड़े किसी को कुछ समझ मे नही आ रहा था कि हुआ क्या है ? सब हतप्रभ थे। घटना के बारे में बताया जाता है कि आर्मी जवान दशरथ सिंह होली की छुट्टी मनाने अपने घर आए थे। 10 मार्च को होली के दिन ही उसकी बेटी का जन्मदिन था जो अपने पिता व एक भाई के साथ बिक्रमगंज से केक लेकर लौट रहे थे कि बिक्रमगंज-दिनारा मुख्य मार्ग पर धनगाई गांव के समीप विपरीत दिशा से तेज रफ्तार से आ रही बोलेरो पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दिया। जिसमें बाइक सवार तीनों लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। आनन फानन में आस पास के ग्रामीणों ने तीनों जख्मियों को लेकर शहर के करुणा अस्पताल पहुंचे। जहां आर्मी मैन को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जख्मियों में एक की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के समय गांव में युवा की टोली रंग अबीर के साथ होली खेलने में मशगूल थे। जैसे ही जानकारी हुई कि सड़क हादसा में आर्मी मैन दशरथ उनके चाचा अमरजीत सिंह व उनके पुत्र शिवम का दुर्घटना हुआ है। सब लोग अस्पताल के तरफ दौड़ पड़े। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि आर्मी जवान की मौत हो चुकी है। जबकि शिवम की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसका डॉक्टर ने सर्जरी किया। खून की कमी होने के कारण अस्पताल कर्मी राहुल सिंह ने खून दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो इस घटना में गांव के एक अन्य व्यक्ति भी जख्मी हुए हैं। जिन्हें मामूली रुप से चोट आई है।
जवानों ने दी सलामी
दशरथ सिंह की मौत की सूचना जब उनके सीनियर अधिकारियों को बताया गया तो बुधवार को गया ऑफिसर ट्रेनिंग सेंटर से सूबेदार अजीत काल गुडे के देखरेख में पहुंचे। जवानों ने अपने साथी के शव को कंधे पर लेकर अंतिम यात्रा निकाले फिर तीन चक्र से सलामी दी। अंतिम यात्रा पर लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी। हर तरफ से दशरथ सिंह अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे सबकी आंखे नम थी। उधर घर मे प|ी की रो रो कर बुरा हाल था। बेहोश हो जा रही थी।
अक्टूबर 2009 में मिली थी नौकरी, असम में थे तैनात
दशरथ सिंह ने 2009 में नौकरी ज्वॉइन की थी फिलहाल वह असम में तैनात थे जिनकी दो पुत्री नब्या व बेबीका थी नब्या के 10 मार्च को जन्मदिन था। जिसके लिए वह बिक्रमगंज से केक लेकर आ रहे थे इसी बीच घटना घटित हो गई थी नब्या व बेबीका को समझ नही आ रहा था कि हुआ क्या है ? घर में चीत्कार मचा था बच्चियां शांत थी हर आने जाने वाले को टुकर टुकर निहार रहे थे। उन्हें क्या पता था कि जो पिता जन्मदिन मनाने के लिए केक लाने गए थे वह अब नहीं हैं।
4 मार्च को 28 दिन की छुट्टी पर पहुंचे थे घर
होली व बेटी की जन्मदिन मनाने के लिए जवान दशरथ सिंह 4 मार्च को 28 दिन के छुट्टी लेकर घर आया था। लेकिन जवान की हसरत पूरी नही हुई वह अपनी बिटिया के जन्मदिन मनाने का सपना अधूरा रह गया गांव के लोग कोई कुछ बोलने की हिम्मत नही दिखा पा रहा था जबकि जुबां चुप थी। गांव के लोगों ने कहा कि जिस बेटी को वह जन्मदिन मनाने आया था अब उसका लालन पालन कैसे होगा। घटना की सूचना मिलते ही शुभचिंतकों का तांता लग गया।
मशगूल थे। जैसे ही जानकारी हुई कि सड़क हादसा में आर्मी मैन दशरथ उनके चाचा अमरजीत सिंह व उनके पुत्र शिवम का दुर्घटना हुआ है। सब लोग अस्पताल के तरफ दौड़ पड़े। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि आर्मी जवान की मौत हो चुकी है। जबकि शिवम की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसका डॉक्टर ने सर्जरी किया। खून की कमी होने के कारण अस्पताल कर्मी राहुल सिंह ने खून दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो इस घटना में गांव के एक अन्य व्यक्ति भी जख्मी हुए हैं। जिन्हें मामूली रुप से चोट आई है।
पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी देते जवान, जवान की फाइल फोटो व बिलखते परिजन।
हादसे के शिकार जवान का पूरे सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार