फसल पर संकट के बादल, रबी की कटाई में जुटे किसान
जिले में एक बार फिर बादलों का संकट फसलों पर मंडराने लगा है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस सप्ताह के अंत में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। ऐेसे में किसानों की परेशानी तय है। उनकी चार महीनों की तपस्या के फल को ना छीन ले इसके लिए वे फसल को समेटने में जुट गए है। बुधवार से हीं बादलों की आवाजाही ने किसानों की चिंता को एक बार फिर बढ़ा दिया है। जिले के घाटकुसुम्भा, चेवाड़ा, अरियरी, बरबीघा, शेखोपुरसराय आदि कृषि क्षेत्रों में फसल पककर कटने को तैयार है। ऐसे में बादलों की आवाजाही शुरू होने से किसानों को चिंता सताने लगी है। बादलों की आवाजाही शुरू होने से फसलों के जीवन को लेकर बढ़े खतरे के बीच किसान पकी फसल की कटाई में जुट गए है, वहीं कई किसान मजदूरों की जुगाड़ नहीं होने से मायूस है और फसल को बचाने के लिए महंगे दामों में बाहरी जिलों से मजदूर बुलाने की कवायद कर रहे है, ताकि जल्दी से फसल को खेत से कटाई कर समेटी जा सके और बड़े नुकसान से बचाव किया जा सके। एक दो दिनों से मौसम के बदलाव को देखकर किसान फसल कटाई मे रात-दिन एक कर जुटे हुए हैं।
बारिश से हुआ था फसलों का नुकसान : गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले हुई बारिश से कई किसानों को नुकसान भी हुआ। जहां मसूर, चने व सरसों की फसल खराब हुई, लेकिन बुधवार को फिर आसमान में बादलों की घटाएं देख किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों का कहना है कि छह माह तक खून-पसीना एक कर फसल को पकाया। अब इस पर संकट के बादल देख चिंता हो रही है। ऐसे में खेतों से फसल समेटने के लिए पूरे परिवार सहित जुट गए हैं। कुछ किसान परिवार के साथ दिहाड़ी पर मजदूर लगाकर भी फसल कटाई कर रहे हैं। ऐसे में हजारों बाहरी मजदूर यहां फसल कटाई का काम कर रहे हैं। किसान बबलू महतों, सुरेन्द्र महतों, पिंटू सिंह, महेन्द्र यादव, दिनेश कुमार सहित अन्य का कहना है कि मौसम परिवर्तन से बारिश या ओले गिरे तो किसानों के मुंह आया निवाला छिन जाएगा। मौसम विभाग के द्वारा मौसम का पूर्वानुमान जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि अगले पांच दिनों तक आसमान में हल्के बादल रहने व तेज गरज के साथ बूंदाबांदी की संभावना बताई जा रही है।
जायजा लेते कृषि विशेषज्ञ।