आसमान से किसानों पर बरसा कुदरत का कहर, खेतों की फसल बर्बाद
शुक्रवार की सुबह से जिले में शुरू हुई मूसलधार बारिश का दौर शनिवार की देर संध्या तक चलता रहा जिसके कारण कृषि के क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक कहर का शिकार हुए किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बारिश के साथ तेज हवा ने खेतों में लगे सभी प्रकार के फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। पिछले साल खरीफ फसल के मौसम में पहले सुखाड़ व फिर बाढ़ का दंश झेल चुके किसानों की उम्मीदें इस बार रबी के फसलों पर टिकी थी, लेकिन प्राकृतिक के कहर ने रबी के फसलों को भी तबाह कर दिया है। मूसलधार बारिश की वजह से जहां किसानों को भारी नुकसान हुआ है, वही लगातार बारिश से ठंड ने फिर से दस्तक दे दी है। सबसे ज्यादा नुकसान टाल क्षेत्र के किसानों को दलहन फसल बर्बाद होने के कारण हुआ है। इस बाबत किसान प्रशांत कुमार ने बताया कि भारी बारिश की वजह से चना और मसूर का तैयार फसल जो कुछ दिन में कढ़ाई योग्य होने वाला था अब खेतों में पानी जमा होने के कारण सारा फसल नष्ट हो गया है। वहीं, किसान धर्मराज कुमार ने बताया कि खेतों में कढ़ाई करके फसल को घर लाने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक भारी बारिश शुरू हो गई और फसल खेत में ही रह गए। एक सप्ताह के अंदर दलहन और तिलहन फसल खेतों से निकलकर किसान के खलिहान में पहुंचते उससे पहले ही फसल तबाह हो गए और किसानों को ऐसी आर्थिक मार पड़ी कि उनकी कमर ही टूट गई।
कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे किसान
किसान रामदेव यादव, सुरेन्द्र महतो ने कहा कि जो किसान महाजनों से कर्ज लेकर खेती करते हैं वे अब फसल बर्बाद होने के कारण कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे और ऐसे में उनका परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा। किसानों को पहले सुखाड़ ने परेशान किया तो अब बेमौसम बारिश ने उन्हें तबाह कर दिया। दलहन व तिलहन के अलावे गेहूं की फसल भी झुककर खेतों में गिर गया है।
वर्तमान हालत से किसानों की बढ़ी समस्या
घाटकुसुम्भा प्रखंड के डीहकुसुम्भा गांव के किसान सुरेश महतो, महेश यादव आदि ने बताया कि चैत्र माह मे 24 घंटे लगातार बारिश आज तक नहीं हुई है इस क्षेत्र में जिस स्तर से बारिश हुई है, उससे खेतों में लगी मसूर, खेसारी, मटर की फसलें मिट्टी में बिछ गया है, जबकि खलिहानों में काटकर लाया गया फसल पानी मे तैर रहा है। वहीं गेहूं के खड़ी फसल गिर गया है, जबकि प्याज की फसल भी जमीन में बिछ गया है। किसानों ने कहा कि रबी फसल के 80 प्रतिशत फसल नुकसान हो गया है। इस मौसम के असर ने फसलों के उत्पादन को प्रभावित कर दिया है। इसके अलावा चना के फसलों में फूल झड़ जाने से फल नहीं होने का डर बन गया है।
सबसे ज्यादा शेखोपुरसराय में 37.2 एमएम दर्ज़ की गयी बारिश
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले मे 25.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिसमें शेखोपुरसराय में 37.2, अरियरी में 26.4, बरबीघा में 32.6, चेवाड़ा में 21.3, घाटकुसुम्भा में 22.6, जबकि शेखपुरा प्रखंड में 12.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिला कृषि पदाधिकारी लालवचन राम ने बताया कि अभी बारिश हो हीं रही कितना नुकसान हुआ है इसका आकलन करने के बाद हीं पता चल पायेगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों के द्वारा आकलन करवाया जायेगा जो रिपोर्ट सामने आयेगी उसे जिला पदाधिकारी को सौंपा जाएगा।
बारिश के कारण दलहन एवं तिलहन फसल नष्ट किसान चिंतित
शेखोपुरसराय प्रखंड क्षेत्र में रुक-रुक हो रही बारिश के कारण दलहन एवं तेलहन का फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया है। इस वजह से यहां के किसानों में नाराज़गी है। इस बाबत किसान उमेश सिंह, विनय सिंह, नवीन सिंह, रामप्रवेश सिंह सहित अन्य ने बताया कि इस वर्ष दलहन एवं तेलहन फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन असंतुलित वातावरण व प्रकृति का कहर इस तरह टूटा की सारा फसल नष्ट हो गया।