तैयार फसलों पर वर्षा की मार, कृषक चिंतित
रबी की फसलों पर लगातार बारिश की मार से किसान परेशान हैं। इस बार भी बरसात किसानों पर आफत बनकर पड़ी है। शुक्रवार की सुबह से ही छिटपुट बारिश जारी है। बारिश ने किसानों को काफी दर्द दिया है। इस बारिश ने मसूर, खेसारी, मटर व चने की फसल को अधिक नुकसान पहुंचाया है। खेत में खड़ी और खलिहान में रखी फसल बर्बाद हो गई है। तिलहन व गेहूं की फसल भी खेतों में चौपट होते देखी जा रही है। ऐसे में अब किसानों को पूंजी निकालने की चिंता सताने लगी है। बार-बार बारिश रबी की फसल के लिए काफी नुकसान साबित हो रही है। धान की फसल की सूखे को पैदावार काफी कम हुई थी तो वहीं रबी व गेहूं की फसल के दौरान बरसात ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। दो सप्ताह पूर्व हुई बरसात में फसलों के कच्चा होने से नुकसान कम हुआ था, परंतु शुक्रवार को हुई बरसात से गेहूं, मसूर, चना मटर समेत तिलहनी फसलों को काफी क्षति पहुंची है। किसान फसल पकने के बाद कटाई कर रहे थे कि बारिश ने फिर से रबी व गेहूं की फसल पर कहर ढाया है। जिससे पके हुये फसलों के दानों को काला पड़ जाने की आशंका जाहिर कर रही है। दो सप्ताह पूर्व हुई बरसात से मसूर, खेसारी व अरहर के फूल झड़ गए थे। फिर से जब फूल लगने शुरु हुए थे तो बरसात हो गई। इससे दलहन का उत्पादन भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। खलिहान में पड़ी सरसों भींग जाने से खराब होने की दशा बन गई है।
बारिश के दौरान नहीं करें पटवन, होगी क्षति
बरबीघा| शुक्रवार को सुबह से ही रुक-रुक कर हो रही बारिश ने रबी की फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है। आए दिन रुक-रुक कर हो रही बारिश से दलहन, तेलहन, गेहूं तथा आलू की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आसमान से बारिश की बूंदे नहीं बल्कि किसानों के लिए आफत बरस रही है।प्रखंड के बभनबीघा ग्राम निवासी किसान दीपक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को 2 बीघा मसूर के फसल का कढ़ाई किया गया जिसमें सारे फसल के अंदर फली काली पाई गई। उन्होंने बताया कि दलहनी फसलों का कढ़ाई का समय आ गया है। 8 दिन पहले भी हुई बारिश के कारण फसलों के फली को काला कर दिया है जिससे वह किसी उपयोग के लायक नहीं रह गए। प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो.कमरे आलम ने किसानों को सलाह दिया है कि बारिश के दौरान आलू और गेहूं का पटवन ना करें इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। आलू का पटवन करने से उसमे पाला मारने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं गेहूं की बालिया झुक कर खेतो में गिर सकती है जिससे दाने काले पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है।