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वर्षा से एनएच-82 पर फिर से उभरे सैकड़ों गड्ढे

एक वर्ष पहले
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बरबीघा के लिए समस्या का पर्याय बन चुके हटिया मोड़ से गंगटी मोड़ तक एनएच 82 की 2 किलोमीटर लंबी सड़क पर दो दिन की बारिश में ही सैकड़ों गड्ढे उभर आए। पिछले 3 वर्षों से अपनी मरम्मत की बाट जोह रहा यह सड़क शहरवासियों के लिए किसी आफत से कम नहीं है। गर्मी में जहां धूल से परेशान करती है, वही हल्की बारिश होने के बाद गड्ढों में तब्दील हो जाती है। सड़कों पर गाड़ियां तो ठीक से चलना दूर लोगों को पैदल चलने में भी मुश्किल होती है।बरबीघा के लोगों का सड़क मरम्मती की बाट जोहते जोहते अब आंखें पथरा गई है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के कानों पर जु तक नहीं रेंगी। वर्तमान विधायक सुदर्शन कुमार ने आज तक इस पर कोई संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझा। नगर परिषद के सभापति तथा कार्यपालक पदाधिकारी ने डीएम से मिलकर कुछ माह पूर्व पहल की थी, लेकिन उसे अमली जामा पहनाया नहीं जा सका। वहीं वर्तमान सांसद चंदन सिंह ने कुछ माह पूर्व एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सड़कों के कालीकरण करवाने की बात कही थी लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। ऐसे में अब लोगों की नजरें आने वाले विधानसभा चुनाव के दरमियान किसी मसीहा की और टिकी हुई है जो सड़क की मरम्मत करवा दें और बरबीघा वासियों को इस आफत से राहत मिल सके।

विवाद में अटका पड़ा है निर्माण लोग हो रहे हलकान

बिहारशरीफ से बरबीघा होते हुए मोकामा तक एनएच 82 का निर्माण कराया गया है जिसका बाईपास बरबीघा में जमीनी विवाद के कारण अटका पड़ा हुआ है और इसी कारण शहर से होकर गुजरने वाली 2 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण अटका हुआ है। सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण दोनों और बसी बस्तियां तथा दुकानदारों को उड़ती धूल से काफी परेशानी होती है। धूल का आलम ये होता है कि दिन में भी कोहरे के समान दिखाई पड़ता है। लोग सड़क पर मास्क लगाकर चलने को मजबूर हो गये है। एक ओर उड़ती धूल करण से जहां शहर में महामारी फैलने का खतरा बना रहता है वहीं दूसरी ओर गड्ढे के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होने का भी आशंका बनी रहती है।

गड्ढों में तब्दील सड़क।
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