पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Barbigha News Referral Hospital Reached Doctor39s Delivery Sent To Private Clinic

रेफरल अस्पताल पहुंची प्रसूता को डॉक्टर ने प्रसव कराने भेज दिया निजी क्लिनिक

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बरबीघा प्रखंड के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों फर्जी चिकित्सकों का भरमार हो गई है। ऐसे चिकित्सकों द्वारा दलालों के माध्यम से मरीजों का आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक शोषण किया जा रहा है। जिससे आए दिन जहां लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं, वहीं गलत इलाज के कारण अब तक कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्‍थ्‍य विभाग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है। इसका ताज़ा उदाहरण एक बार फिर सामने आ गया है। जहां चंदुकुआं मोहल्‍ला निवासी क्रांति वर्मा की प|ी शारदा देवी को प्रसव के लिए बरबीघा के रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने कहा कि इनकी हालत काफी सीरियस है। इसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ेगा। इस दौरान जब उसके पति रुपये का इंतजाम करने गए और जब लौटे तो उसी प|ी गायब मिली। पूछने पर बताया गया की उसको कल्‍पना क्लिनिक में भर्ती कराया गया है।

नॉर्मल डिलीवरी कराने के बाद क्लिनिक ने वसूले 9 हज़ार रुपएे

जिसके बाद उसके पति उक्त क्लिनिक पहुंचे तो देखा की उसकी प|ी को पानी चढ़ाया जा रहा है। मौजूद चिकित्सक ने कहा कि परेशान न हो, प्रसव बेहतर ढंग से होगा। जिसके बाद प्रसूता की नार्मल ढंग से प्रसव करा दिया और उसके पति से नौ हज़ार रुपये जबरन वसूल लिए।

कल्पना क्लिनिक की तस्वीर।

दो घंटे बाद ही महिला की हो गई नॉर्मल डिलीवरी
पीड़ित पति ने बताया कि दो घंटे बाद साधारण तरीके से नार्मल एक बच्‍ची जन्‍म ली। पहले उनसे चार हजार रुपए पूरे इलाज के लिए मांगे गए और रुपए तुरंत जमा कर देने को कहा गया, लेकिन प्रसव के बाद जब मरीज को घर ले जाने को कहा गया तो ले जाने के पूर्व पांच हजार रुपए और मांगे। जब उन्होंने कहा कि पहले तो चार हजार रूपये में बात हुई, अब नौ हजार रूपये मांग रहे हैं। इस पर वहां पर उपस्थित अस्‍पताल संचालक और कम्‍पाउन्‍डर द्वारा कहा गया कि बाहर ले जाते तो पेट फाड़ कर डिलिवरी कराया जाता, हमलोगों ने तो नार्मल रूप से ही प्रसव करा दिये हैं। इसके बाद क्लिनिक संचालक द्वारा बताया गया कि बिना पांच हजार रूपये और जमा किये मरीज को यहां से नहीं ले जा सकते हैं। जितना बिलम्‍ब होगा यहां पर बेड का चार्ज भी बढ़ता जायेगा। इसके बाद पॉच हजार रूपया और लिया गया। जब पीडि़ता के पति द्वारा इलाज के पूर्जे मांगे गये तो पहले देने से इंकार किया फिर बाद में बहुत ही चालाकी से सिर्फ रेफरल अस्‍पलात द्वारा दिये गये पूर्जें को थमा दिये गये।

प्रसूता को खुद सरकारी चिकित्सक ने कराया निजी क्लिनिक में भर्ती
इस बाबत प्रसूता के पति ने बताया कि उनकी पत्‍नी का प्रसव का महीना पूरा हो चुका था। प्रसव पीड़ा होने के कारण उसे बरबीघा के रेफरल अस्पताल में पहुँचाया तो जाँच के बाद डॉ. रविन्‍द्र कुमार ने कहा कि मरीज की हालत काफी नाजुक है, इसे पीलिया हो चुका है। इसके बाद उन्‍होंने मरीज को बाहर बिहारशरीफ ले जाने की सलाह दी और मरीज को तुरंत रेफर भी कर दिया। क्रांति वर्मा ने बताया कि रेफर किये जाने के बाद वो घर से अपना और मरीज का कपड़ा, बिछावन और रुपये लेने चला गया। जब बापस बरबीघा रेफरल अस्‍पताल पहुंचा तो बेड पर मरीज नहीं थी। जिसके बाद वहां पर उपस्थित कम्पाउंडर से जब पूछा तो उसने बताया कि रेफरल अस्‍पताल के बाहर जो कल्‍पना क्लिनिक है, वहीं मरीज को पहुंचा दिया गया है।जब पीड़ित पति ने जब पूछा कि चिकित्‍सक ने मरीज को सिरियस बता कर रेफर कर दिया तो फिर इस साधारण क्लिनिक में किसने भेज दिया। इसके बाद कम्पाउंडर ने बताया कि इलाज से मतलब है, बाहर ले जाने की कोई जरूरत नहीं है, यहीं ठीक-ठाक से प्रसव हो जायेगा।

निरीक्षण करने पहुंचे डीएम से पीड़िता के पति ने की शिकायत
गुरुवार की सुबह डीएम योगेंद्र सिंह जब रेफरल अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे तो पीड़िता के पति ने इस मामले की शिकायत की। जिसके बाद डीएम प्रभारी चिकित्‍सा पदाधिकारी डॉ.आत्‍मानन्‍द कुमार एवं मौजूद चिकित्‍सकों को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रसव कराने पहुंची गर्भवती महिला को आखिर किस स्थिति में निजी क्लिनिक भेजा गया है और वहां से नौ हजार रुपये वसूली करवाने में किसकी भूमिका रही है, इसकी जांच कराने की बात कही।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर जाने का प्रोग्राम बन सकता है। साथ ही आराम तथा आमोद-प्रमोद संबंधी कार्यक्रमों में भी समय व्यतीत होगा। संतान को कोई उपलब्धि मिलने से घर में खुशी भरा माहौल ...

और पढ़ें