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बॉर्डर पर विशेष सुरक्षा अभियान में भारत-नेपाल के डॉक्टरों की संयुक्त तैनाती, महिला टीम भी शामिल

एक वर्ष पहले
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कोरोना वायरस को लेकर जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर डॉक्टरों की टीम की तैनाती की गई है। स्कूल, कॉलेज सिनेमाघरों को बंद करने का निर्देश जारी किया गया है। अलर्ट जारी करने के अगले दिन शनिवार को डीएम ने सदर अस्पताल की व्यवस्था का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिया। संदिग्ध रोगियों पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के टीम के साथ आम लोगों को भी अलर्ट किया गया है। हालांकि जिला प्रशासन ने भले ही पूरी तैयारी का दावा किया है लेकिन, बॉर्डर पर बगैर थर्मामीटर के ही जांच का काेरम पूरा किया जा रहा है। वहीं कोरोना वायरस को लेकर अस्पताल मेें आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है। लेेकिन, यहां जांच के लिए लैब की व्यवस्था नहीं है। नोडल पदाधिकारी डॉ. रविंद्र यादव ने बताया कि कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज को पहले वार्ड मेें भर्ती कराया जाएगा। सर्दी, खांसी, बुखार का इलाज किया जाएगा। ब्लड सैंपल लेकर पीएमसीएच अथवा आईजीएमएस भेजा जाएगा। जांच में काेरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद समुचित इलाज किया जाएगा।

सोनबरसा बॉडर पर भारत-नेपाल की संयुक्त टीम आने-जाने वाले लोगों की कर रही जांच


सोनबरसा | कोरोना वायरस को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर एलर्ट जारी किया गया है। इसे लेकर भारत-नेपाल सीमा पर भारत व नेपाल के स्वास्थ विभाग की टीम संयुक्त रूप से नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले यात्रियों की जांच करने में जुटी है। सोनबरसा बोर्डर पर जांच टीम को सहयोग करने में एसएसबी की महिला टीम भी शामिल है। एसएसबी सोनबरसा कैम्प इंचार्ज सह इंस्पेक्टर रोहित कुमार ने बताया कि इस तरह ड्यूटी में तैनात महिला जवानों को सर्तकता बरतने का निर्देश दिया गया है। दोनों देश के सुरक्षा तंत्र की बैठक हुई थी, जिसमे संयुक्त स्वास्थ टीम द्वारा जांच पर सहमति बनी थी। इसके तहत सीमा पर सर्तकता बरती जा रही है। प्रभारी चिकत्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मल कुमार सिंह ने कहा कि थर्मामीटर से बुखार का तापमान देखा जा रहा है। कोरोना के बारे में लोगो को जागरूक कर उससे पूछा जा रहा है कि कहीं चीन से तो नहीं आ रहे। ऐसा कोई लक्षण दिखते ही टीम संबंधित व्यक्ति को भीड़ से हटा कर इलाज के लिए भेजेगी।

इधर, मास्क व हैंड ग्लब्स पहनकर कार्य करेंगे बिजली विभाग के कर्मचारी

डुमरा | कोराेना वायरस को लेकर सभी विभागों द्वारा सर्तकता बरती जा रही है। इसी क्रम में स्टेट पावर ग्रिड के एसडीओ कुंदन कुमार ने बताया कि अब बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी मास्क एवं हैंड ग्लब्स पहनकर कार्य करना होगा। शुक्रवार की देर शाम नार्थ पावर सप्लाई विभाग के सीएमडी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी जानकारी दी है। वहीं, कार्यालय में उपस्थित सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों को हैंड ग्लब्स एवं मास्क लगाकर कार्य करने का आदेश निर्गत किया गया। इसके अंतर्गत लगभग 40 कर्मियों के बीच हैंड ग्लब्स एवं मास्क का वितरण किया गया है।

कालाजार वार्ड गायब, बन गया एईएस वार्ड


कोरोना वायरस के मरीजों के लिए करीब एक माह पूर्व में सदर अस्पताल के जेई/एईएस वार्ड में आइसोलेशन वार्ड को बनाया गया था। डीएम के निर्देश पर अब आइसोलेशन वार्ड को नशामुक्ति केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया। यहां छह बेड उपलब्ध कराया गया है। इसके पूर्व कालाजार वार्ड को हटाकर जेई/एईएस वार्ड बनाया गया था।

आम लोगों को मास्क लगाने की आवश्यकता नहीं : डॉ. रविंद्र

नोडल पदाधिकारी डॉ. रविंद्र यादव ने बताया कि आम लोगों को मास्क लगाने की काेई आवश्यकता नहीं है। चेहरा, आंख, नाक, कान, मुंह छूने से पहले अच्छी तरह साबून से 20 सेकेंड तक हाथ धोना चाहिए। खांसी व सर्दी होने की स्थिति में तीन लेयर वाली मास्क लगाए, ताकि खांसते व छींकते समय अन्य लोगों को प्रभावित नहीं करे। भीड़ से बचे। हमेशा एक दुसरे के बीच एक मीटर की दूरी बनाएं रखें। संदिग्ध मरीज से बात करते समय अथवा उसकी देखभाल के दौरान मास्क पहननी चाहिए। खासकर डॉक्टरों को मरीजों का इलाज करते समय एन- 95 मास्क का उपयोग करनी चाहिए।

भिठ्ठामोड़ बॉर्डर पर बगैर थर्मामीटर के हो रही जांच

सुरसंड। भारत-नेपाल सीमा स्थित भिठ्ठामोड़ बॉर्डर पर नेपाल से आने वाले यात्रियों की जांच मेडिकल टीम द्वारा की जा रही है। शनिवार को एक भी यात्री को थर्मामीटर नहीं लगाया गया। टीम के सदस्य यात्रियों से पूछताछ करके उसे यों ही जाने की अनुमति दे रहे थे। जांच टीम में शामिल डॉ. दिनेश कुमार, एएनएम बिंदु कुमारी, डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रशासन द्वारा किसी भी तरह का मशीन उपलब्ध नहीं कराया गया है।

सदर अस्पताल में छह व पीएचसी में दो बेड की व्यवस्था

संदिग्ध मरीजों की देखभाल के लिए सदर अस्पताल में छह बेड की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो-दो बेड की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों को इलाज करते समय मास्क लगाना है। इसके लिए जिले में 100 एन-95 मास्क की व्यवस्था की गई है। वहीं स्वास्थ्यकर्मियों एवं संदिग्ध लोगों के उपयोग के लिए जिले में ट्रीपल लेयर 60 हजार मास्क, 3500 पीपीई किट, एक इंफ्रेड थर्मामीटर उपलब्ध कराया गया है।

निरीक्षण के दौरान डॉक्टर से पूछताछ करतीं डीएम।

नेपाल सरकार की ओर से लगाए गए कैंप में शामिल स्वास्थ्य कर्मी।
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