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आवेदन स्वीकृत हाेने के बाद भी नहीं मिल रहा लोन

एक वर्ष पहले
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अल्पसंख्यक बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भले ही योजना संचालित की जा रही है, लेकिन सच तो यह है कि तीन वर्षों से आवेदन स्वीकृत होने के बाद भी आवेदक कार्यालय का चक्कर काट रहे है। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार योजना के तहत वर्ष 2016-17, 17-18 व 18-19 के चयनित बेरोजगार को आज तक लोन नहीं दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 2016-17 में 2600 आवेदकों में से 81 बेरोजगार युवकों का चयन किया गया था। इसी प्रकार 2017-18 में 1300 में से 170 का चयन किया गया, वहीं 2018-19 में 1500 आवेदकों मे 200 का चयन किया गया था। बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम द्वारा अब तक इनका एग्रीमेंअ तक नहीं किया गया है। मो. बशारत करीम ने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अपने जिला पूर्वी चंपारण एवं पश्चिमी चंपारण के चयनित आवेदकों में से 90 प्रतिशत आवेदकों को लोन दिलवा दिया, लेकिन सीतामढ़ी के चयनित बेरोजगार को आज तक वंचित रखा गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी निरंजन कुमार ने कहा कि चयनित 5 प्रतिशत आवेदकों का भुगतान किया गया है। शेष को लाभान्वित कराने के लिए बैठक में इस बात को रखा गया है। वरीय अधिकारियों के आदेश के आलोक में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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