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बदमाशों की हत्या के तीन दिन बाद भी सीसीटीवी को ही खंगालती रही पुलिस

एक वर्ष पहले
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सोनबरसा चौक पर व्यवसायी से पैसे छीनने को लेकर दो बदमाशों को बेकाबू भीड़ ने पीट-पीटकर कर मार डाला। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह घटना थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर ही घटी है। ऐसे में पुलिस बदमाशों की हत्या के तीन दिन बाद भी सीसीटीवी को ही खंगालती रही। बता दें कि 10 मार्च की सुबह व्यवसायी रामएकवाल साह के पुत्र रामप्रवेश से बाइक सवार तीन बदमाशों ने रुपए से भरा बैग छीनने की कोशिश की। इस कोशिश में बदमाशों में ने व्यवसायी पर पहले गोली भी चलाई, लेकिन एन मौके पर गोली फायर नहीं हो सकी और व्यवसायी रामप्रवेश बच गए। इस बीच अपराधी भागने की काेशिश करने लगे, लेकिन दो अपराधियों को लोगों ने दबोच लिया, जबकि एक भागने में सफल रहा।

इस बीच लोगों ने दोनो अपराधियों को पुलिस में देने के बजाए पीट-पीटकर मार डाला। दोनों अपराधियों में एक शाहरुख को उच्य विद्यालय परिसर तथा कासिम को बस स्टैंड में सड़क से उठाया। उक्त घटना के बाद अब पुलिस जांच के लिए सीसीटीवी को खंगाला रही है। थानाध्यक्ष राकेश रंजन, बीडीओ सह मजिस्ट्रेट ओम प्रकाश, अवर निरीक्षक मो. एकराम खान, अनी संजय, रंजीत सिंह ने निजी सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट राकेश कुमार के जरिए वीडियो को खंगाला जा रहा है।

सात सालों में इन बड़ी घटनाओं को अपराधियों ने अंजाम दिया है


वर्ष 2013 में 31 मार्च को सोनबरसा के मुख्य चौक पर एक अपराधी ने इसी व्यवासायी राम प्रवेश के ही भाई व्यवासायी प्रमोद महतो की दुकान में घुस कर गोली मार कर हत्या कर दी थी और आरोपी आराम से हथियार लहराते हुए निकल पड़ा था।

13 जनवरी 2015 को सोनबरसा के मुखिया व मुखिया संघ के अध्यक्ष संजय कुमार को मुख्यालय में ही बस स्टैंड के निकट अपराधियों ने पांच गोली मारी, हांलाकि तब मुखिया की जान बच गयी थी।

वर्ष 2016 के सात जनवरी को सोनबरसा गांव के चौर में अपराधियो की ओर से रखी गई बम फटने से दो महिला गम्भीर रूप से जख्मी।

पुलिस जांच में जुटी


सोनबरसा थाना के बाहर लगा थाना का बोर्ड।

एसपी अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में जुटी है। घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी।

22 जून 2019 को मुकेश उर्फ मुक्का के भाई बस स्टैंड इंचार्ज राकेश उर्फ पहाड़ी को बस स्टैंड में गोलियों से छलनी कर डाला गया था, जिसमे उसकी मौके पर मौत हो गई थी। यहां से थाना की दूरी बमुश्किल 200 मीटर थी, लेकिन पुलिस अपराधी को नही पकड़ पाई थी।

2019 में ही 17 फरवरी को कुख्यात मुक्का के ही भाई इंदल महतो को गैंगवार में कार से आए आधे दर्जन से ज्यादा अपराधियों ने उसके घर से खींच कर गोलियों से छलनी कर डाला जिससे उसकी मौत हो गई और अपराधी भागने में सफल रहा।

2017 में ही 2 सितंबर को स्थानीय निवासी कुख्यात मुकेश कुमार उर्फ मुक्का को चांदनी चौक पर गैंगवार में दिन दहाड़े अपराधियों ने घेर कर कई गोली मारी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या के बाद बाइक सवार अपराधी थाना के रास्ते से ही भाग खड़ा हुआ था।

4 जनवरी 2018 को गुरुवार को घटना तब घटी थी जब चौक पर काफी लोग थे और अपराधियों ने यहां भी दुस्साहस दिखाया। यह दुकानदार मिथलेश की किस्मत अच्छी थी कि अपराधी की पिस्टल जवाब दे गई। जहां अपराधी दस हजार कैश लूट कर भागने में सफल रहा था। इसी सप्ताह स्थानीय कपड़ा ब्यावसायी हजारी प्रसाद को भी मुख्य चौक पर बाहरी अपराधियो ने गोली मारी थी, लेकिन वो बच गए थे।

इस क्षेत्र में अपराधियों का खौफ रहा है

जानकारी के मुताबिक आपको बता दें कि रंगदारी को लेकर भी यह थाना क्षेत्र चर्चित रहा है। कई मामले थाना में दर्ज हुए तो कई मामलों में व्यपारयाें ने भय वश मामला तक दर्ज नही कराया था। इसके अलावा थाना क्षेत्र में रंजिश की लपट नेपाल तक भी उठती रही है। 13 दिसम्बर 2015 की सुबह नेपाल के श्रीपुर में सोनबरसा निवासी मुकेश साह तथा कपिल पटेल की गैंगवार में जघन्य हत्या कर दी गई थी। दोनों का शव चौर में बरामद किया गया था। ऐसे कई वारदातों से स्थानीय व्यवसाय भी प्रभावित हुआ और दुकानें शाम ढलते ही बंद होने लगी हैं, जो हालात अभी भी जारी है।

मंगलवार को मुख्य चौक पर बदमाशों को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था : आखिर सोनबरसा में लोगों को कानून अपने हाथों में क्यों लेना पड़ा है
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