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12 को सूर्योदय काल से शाम 6.48 बजे तक है तीज का शुभ मुहूर्त, 13 सितम्बर को सुबह 5.52 बजे खत्म होगा

तीज को लेकर रविवार को अधिकतर बाजारों में काफी चहल-पहल रही। सुबह से देर रात तक लोग खरीदारी करते रहे। महिलाओं ने...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 05:15 AM IST
तीज को लेकर रविवार को अधिकतर बाजारों में काफी चहल-पहल रही। सुबह से देर रात तक लोग खरीदारी करते रहे। महिलाओं ने बाजारों में साड़ी, फल, पूजन सामग्री आदि की खरीदारी की। दिनभर मेहंदी लगाने के लिए होड़ लगी रही। मान्यता के अनुसार पहली बार पार्वती ने शिव को वर रूप में प्राप्त करने के लिए तीज का व्रत किया था। तभी से तीज करने की परंपरा चली आ रही है। सुहागिन महिलाएं तीज के दिन उपवास करने के बाद रात्रि में शिव व पार्वती की पूजा करेंगी। तीज का व्रत करने वाली महिलाओं पर भगवान शंकर एवं मां पार्वती की कृपा हमेशा बनी रहती है। वे महिलाएं सदा सुहागन रहती हैं।

तैयारी में जुटीं सुहागन महिलाएं, मेहंदी-चूड़ी-कपड़ों की कर रहीं खरीदारी

मेहंदी रचाने के लिए लगी रही होड़ | नगर थाना रोड का माहौल बिल्कुल बदला-बदला सा था। सुबह से देर रात शाम तक महिला ग्राहकों को मेहंदी लगाया गया। वहीं नगर के विभिन्न मंदिरों में भी काफी चहल-पहल रही। विभिन्न मेहंदी केन्द्रों पर शहर के कोने-कोने से आने वाली सुहागिन महिलाएं परिवार के साथ आकर मेहंदी रचा रही थीं।

पूजन का समय, शुभ मुहूर्त

स्त्रियों का सबसे खास त्योहार तीज का शुभ मुहूर्त 12 सितम्बर को सूर्योदय काल से शाम 6.48 बजे तक है। जो दूसरे दिन 13 सितम्बर को सुबह 5.52 बजे खत्म हो जाएगा। आचार्य पंडित उमाशंकर पाण्डेय के अनुसार12 सितम्बर को सूर्योदय काल से शाम 6.48 बजे तक पूजन का समय है। तीज की कथा सूर्योदय काल से प्रारंभ हो जाएगी, 13 सितम्बर को पूजनोपरांत बांस की डलिया में समस्त सामग्री भरकर दान करेंगी। तीज व्रतधारी सभी महिलाएं 13 सितम्बर को सुबह 5.52 बजे के बाद व्रत तोड़ेंगी, जो महिलाएं इस व्रत को करती हैं वह सब पापों से मुक्त हो जाती हैं, तथा उसके घर से दरिद्रता समाप्त हो जाती है। तीज व्रत को हरितालिका व्रत भी कहते हैँ, क्योंकि मां पार्वती को उनकी सखियां हरकर ले गई थी इसलिए इस व्रत का नाम हरितालिका पड़ा।