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जिले में छह से ज्यादा लूट और हत्या मामलों के अारोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से हैं बाहर

शहर में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। यही वजह है कि अपराधी दिनदहाड़े बड़ी घटनाअों को अंजाम देने में कामयाब हो जाते हैं और...

Dainik Bhaskar

Aug 03, 2018, 05:20 AM IST
जिले में छह से ज्यादा लूट और हत्या मामलों के अारोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से हैं बाहर
शहर में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। यही वजह है कि अपराधी दिनदहाड़े बड़ी घटनाअों को अंजाम देने में कामयाब हो जाते हैं और पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम रही है। जून, जुलाई में ही शहर में छह से अधिक आपराधिक घटनाएं हुईं। इसमें से कई का खुलासा भी पुलिस नहीं कर सकी। कई मामलों में पुलिस कुछ अपराधियों को गिरफ्तार कर सकी लेकिन घटना में शामिल सभी अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी। पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करती है लेकिन अपराधी पुलिस की पकड़ में नहीं आते। जिला के अपराधियों में पुलिस का डर खत्म हो गया है। इसके कारण शहर में लोगों के बीच सबसे ज्यादा दहशत है। कारण हैं कि पुलिस शहर में अपराधियों को तलाशने या उसे गिरफ्तार करने के प्रति उदासीन है। शहर में 6 थाने हैं। इसमें टाउन थाना, महिला थाना, मुफस्सिल थाना, महादेवा अोपी, सहायक सराय थाना व एससी-एसटी थाना शामिल हैं। पुलिस विभाग की नियमावली है कि कम से कम कम एक गश्ती टीम हर थाने से क्षेत्र में रहेगी। लेकिन पुलिस की गश्ती होने के बाद भी अपराध रुकने का नाम नहींं ले रहा। घटना के बाद भी पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पा रही है।

पुलिस की गश्ती होने के बाद भी अपराध रुकने का नाम नहींं ले रहा

गोलीमार लूटने की घटना में नहीं हुई गिरफ्तारी

मैरवा थाना क्षेत्र के सेवतापुर तथा डोमडीह के बीच 25 जुलाई की शाम को हथियारबंद अपराधियों द्वारा सीएसपी संचालक को लूटने के प्रयास में गोली मार दी गई थी। इस घटना के एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस न अपराधियों को पकड़ पाई और न ही पुलिस अपराधियों की अब तक पहचान कर पाई है। इस मामले को लेकर सीएसपी संचालकों का एक प्रतिनिधिमंडल थानाध्यक्ष से मिलकर अपराधियों की गिरफ्तारी तथा अपनी सुरक्षा की मांग भी कर चुका है। इसके पूर्व नवतन के बंका मोड़ पर सीएसपी संचालक सिरिसिया निवासी अजय यादव को 25 जुलाई की शाम मैरवा के एसबीआई की शाखा से 1.5 लाख रुपए निकाल कर अपने घर जा रहा था। इसी दौरान बाइक से पीछा कर रहे दो अपराधियों ने मैरवा के सेवतापुर और डोमडीह के बीच गोली मारकर लूटने का प्रयास किया था। अजय को गोली दाहिने हाथ को छूकर निकल गई। लेकिन अजय यादव रुकने की बजाय भागते रहे। लूट में असफल होने पर बदमाश वापस भाग गए थे। इस मामले में पुलिस अब तक अपराधियों की पहचान नहीं कर सकी है।

सीएसपी संचालक से लूटकांड का फ़ाइल फोटो।

मैनेजमेंट कर्मी से लूट

शहर के बब्बन पान भंडार के समीप 28 जून को रेडिएंट कैश मैनेजमेंट कर्मी को गोली मार कर 9 लाख 59 हजार 540 रुपए लूटने के मामले में शामिल 5 अपराधियों में से अब भी 3 पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। लेकिन अपराधी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहे। वहीं पुलिस ने इस लूट मामले में शामिल 2 अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अपराधी े तेलहट्‌टा बाजार निवासी रामजी प्रसाद का पुत्र कालीचरण उर्फ शाहिल तरवारा मोड़ रहता है और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के विदुरती हाता निवासी मुख्तार अहमद का पुत्र इरशाद उर्फ पप्पू है। े लूटे गए 8 लाख 84 हजार 500 रुपए बरामद कर लिया था।

सभी घटनाओं में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही हैं। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही सभी अपराधियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। नवीन चंद्र झा, एसपी, सीवान

मुस्तफा हत्याकांड मामला

शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महुअारी बिचला टोला निवासी मो. मुस्तफा की पीट-पीट कर हत्या मामले में पुलिस अब तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। घटना के 15 दिन बीत जानेे के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी भी कर रही है। लेकिन अपराधी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कई लोगों को उठाकर पूछताछ कर चुकी हैं। लेकिन घटना में शामिल सभी आराेपितों को पुलिस 15 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी।

क्या था मामला

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के महुआरी बिचला टोला निवासी मो. कलामुद्दीन का पुत्र मो. मुस्तफा ने गांव के ही निवासी सहीम मियां का पुत्र व बाइक मिस्त्री रौशन से बाइक खरीदा था। बाइक खरीदवाने के बदले मुस्तफा ने रौशन को 500 रुपए कमीशन दिया था। रौशन मुस्तफा से और अधिक कमीशन की मांग करता था। 17 जुलाई को रौशन, लल्लू और अन्य 6 लोगों के साथ आकर मुस्तफा से अपने कमीशन को लेकर गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद दाेनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। रौशन, लल्लू और अन्य 6 लोगों ने मिलकर लाठी डंडे से पीट-पीटकर मुस्तफा को मार डाला।

आलोक हत्याकांड मामला

शहर महादेवा ओपी के आंखोपुर निवासी मोहन साह का पुत्र 16 वर्षीय आलोक कुमार की हत्या मामले में घटना के एक महीना से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस घटना के कारणों का पता नहीं लगा सकी। घटना के कारणों का खुलासा करने और इसमें शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दर्जनों लोगों का उठाकर पुलिस पूछताछ कर चुकी है। लेकिन अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस ने इस मामले में परिजनों के तरफ से तीन नामजद दोस्तों में से मृतक के दो दोस्ताें को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

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