Hindi News »Bihar »Siwan» लागत एक करोड़, फिर भी 80 प्रतिशत घरों में नहीं पहुंचता एक बूंद पानी, 18 वर्ष पूर्व हुआ था निर्माण

लागत एक करोड़, फिर भी 80 प्रतिशत घरों में नहीं पहुंचता एक बूंद पानी, 18 वर्ष पूर्व हुआ था निर्माण

सचिन कुमार, सीवान : शहर के आनंद नगर में करोड़ों रुपए की लागत से बना जलमीनार लोगों के लिए अनुपयोगी साबित हो रहा हैं। इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 31, 2018, 05:20 AM IST

लागत एक करोड़, फिर भी 80 प्रतिशत घरों में नहीं पहुंचता एक बूंद पानी, 18 वर्ष पूर्व हुआ था निर्माण
सचिन कुमार, सीवान : शहर के आनंद नगर में करोड़ों रुपए की लागत से बना जलमीनार लोगों के लिए अनुपयोगी साबित हो रहा हैं। इस जलमीनार से इस मुहल्ले के मात्र 10 से 15 लोगों के घर ही पानी की सप्लाई होती हैं। जलमीनार के रखरखाव के लिए 3 चौकीदार की नियुक्ति की गई हैं। एक पंप ऑपरेटर की भी नियुक्ति की गई हैं। जिन पर सरकार का प्रति महीना लाखों रुपये खर्च होता हैं। हालांकि कई स्थानों पर तो पानी सप्लाई के लिए पाइप लगाया गया है। लेकिन वह भी पाइप व नल टूटने लगे हैं। वही इस मुहल्ले में स्थित जलमीनार से दखिन टोला मुहल्लेंवासियों को पानी का सप्लाई दिया जाता हैं जिससे आनंद नगर के निवासियों में आक्रोश हैं। बिजली होने पर इसे चलाकर लोगों को पानी की सप्लाई दी जाती हैं।

बिजली रहने पर दी जाती हैं डायरेक्ट सप्लाई

करोड़ों की लागत से 5 लाख लीटर की क्षमता वाला यह जलमीनार 18 वर्ष पूर्व यहां लगाया गया था। लेकिन जिस दिन से इसे लगाया गया, उसी दिन से तकनीकी खामियों के चलते इसमें पानी स्टॉक नहीं किया जा सकता। मुहल्ले में सुबह 5 बजे से 10 बजे तक और शाम 2 बजे से 7 बजे तक

नगर परिषद के पास फंड की भी कमी

पीएचईडी द्वारा ऐसे ही जलमीनार को हैंडओवर कर दिया गया हैं। इसके साथ इंजीनियर और टेक्नीशियन नहीं दिया गया। नगर परिषद के पास फंड की भी कमी हैं। इसको दिखवाते हैं अगर कोई कनेक्शन गड़बड़ी हाेगी तो उसे ठीक कराया जायेगा। हर घर नल जल योजना का कार्य बिहार राज्य जल परिषद के द्वारा देखा जा रहा हैं। जल्द ही इसे बिहार राज्य जल परिषद को हैंडओवर कर दिया जाएगा। सुशील कुमार, कार्यपालक अभियन्ता, नगर परिषद सीवान

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Siwan

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×