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प्रतिदिन 250 बसों में 25 हजार यात्री करते हैं सफर बस स्टैंड में न तो है शेड न हैलोजन लाइट की व्यवस्था

शहर के मजहरुल हक बस स्टैंड से गोपालगंज, पटना, बेतिया, मोतिहारी व अन्य जिलों के लिए प्रतिदिन 250 से ज्यादा बसों का...

Dainik Bhaskar

Jul 27, 2018, 05:30 AM IST
प्रतिदिन 250 बसों में 25 हजार यात्री करते हैं सफर बस स्टैंड में न तो है शेड न हैलोजन लाइट की व्यवस्था
शहर के मजहरुल हक बस स्टैंड से गोपालगंज, पटना, बेतिया, मोतिहारी व अन्य जिलों के लिए प्रतिदिन 250 से ज्यादा बसों का संचालन होता है। यहां प्रत्येक दिन विभिन्न जगहों से लगभग 25 हजार यात्री आते हैं। और एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए बस का घंटों इंतजार भी करते हैं। लेकिन इस बस स्टैंड में किसी भी तरह की मूलभूत सुविधाएं नहीं है। यात्रियों के लिए बस स्टैंड पर न ही पीने की पानी की सुविधा है और न कोई शौचालय बना हुआ है। जिससे दूर-दराज से आने जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि तमाम आने-जाने वाले लोग जहां तहां शौच कर देते हैं, जिससे बस स्टैंड के चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। हलकी बारिश होने पर भी बस स्टैंड में पानी भर जाता है जिससे लोगों को गाड़ियों पर चढ़ना-उतरना मुश्किल हो जाता है। स्टैंड में लगे स्ट्रीट लाइट भी महीनों से खराब पड़ा हुआ है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। रात होते ही यात्रियों को अंधेरा होने से मन में चोरी का भय सताने लगता है।

सुविधा के नाम पर हजारों यात्रियों के आने-जाने वाले इस स्टैंड पर एक छोटा सा यात्री शेड बना हुआ है जिसमें 15 से 20 लोग ही एक साथ बैठ सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम द्वारा एक यात्री पड़ाव बना हुआ है लेकिन इस पड़ाव में बहुत गंदगी होने के चलते लोग यहां जाना तक नहीं चाहते। शहर के मजहरुल हक बस स्टैंड की बंदोबस्ती सत्र 2018-19 के लिए नगर निगम द्वारा एक करोड़ 41 लाख में हुई है। जिसका संचालन निगम द्वारा पटना व अन्य जगहों के लिए किया जा रहा है।

शहर के मजहरुल हक बस स्टैंड का हाल





बस स्टैंड में बना यात्री शेड।

विभिन्न जगहों का किराया






मौलान मजहरुल हक बस स्टैंड, बारिश में हो जाता है ये हाल।

क्या कहते हैं यात्री

मोतिहारी जिले की रमावती देवी ने बताया कि बस स्टैंड पर शौचालय न होने से अकेले समान लेकर कहीं दूर जाने में बहुत दिक्कत होती है। वहीं गोपालगंज से आए रमेश कुमार कहते हैं कि स्टैंड में पीने का पानी नहीं होने से पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। और खरीदकर पीना पड़ता है जो गरीब लोगों के लिए संभव नहीं है। मजहरुल हक बस स्टैंड से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसें भी चलती हैं। लेकिन इन बसों का और बुरा हाल है। दो बसों के टायर और बैटरी न होने से स्टैंड पर ही खड़ी रहती हैं। जो बसें चलती भी हैं वो 14 वर्ष पुरानी और खटारा होने से लोग इन बसों पर चढ़ना नहीं चाहते। इन बसों को विभाग द्वारा किसी तरह संचालित किया जा रहा है। निगम के पास मात्र तीन बस है जो सही स्थिति में है।

संचालन का समय






बस स्टैण्ड में है समस्याओं का अंबार।

आंकड़ों पर एक नजर





क्या कहते हैं अधिकारी


प्रतिदिन 250 बसों में 25 हजार यात्री करते हैं सफर बस स्टैंड में न तो है शेड न हैलोजन लाइट की व्यवस्था
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