Hindi News »Bihar »Siwan» कैदी वार्ड में दो साल से लगा है ताला, जेनरल वार्ड में होता है जेल के बंदियों का इलाज, परेशान हैं मरीज

कैदी वार्ड में दो साल से लगा है ताला, जेनरल वार्ड में होता है जेल के बंदियों का इलाज, परेशान हैं मरीज

अगर आप सदर अस्पताल के जेनरल वार्ड में अपने मरीज भर्ती कराते हैं तो ये खबर आपके होश उड़ाने के लिए काफी है। सीवान सदर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 06, 2018, 05:30 AM IST

कैदी वार्ड में दो साल से लगा है ताला, जेनरल वार्ड में होता है जेल के बंदियों का इलाज, परेशान हैं मरीज
अगर आप सदर अस्पताल के जेनरल वार्ड में अपने मरीज भर्ती कराते हैं तो ये खबर आपके होश उड़ाने के लिए काफी है। सीवान सदर अस्पताल का बंदी वार्ड में पिछले दो साल से ताला लग चुका है और सीवान जेल से आने वाले कुख्यात व गंभीर विचाराधीन बंदियों को जेनरल वार्ड में ही आम मरीजों के साथ भर्ती कर दिया जाता है। कुख्यातों का पुलिस की निगरानी में सदर अस्पताल के जेनरल वार्ड में कई-कई दिन तक इलाज चलता है और उनके परिजनों की भीड़ भी वहीं मौजूद रहती है। विभाग की इस व्यवस्था से जेनरल वार्ड में भर्ती सामान्य मरीजों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

जनरल वार्ड में इलाज कराता कैदी।

कैदी कर रहे थी वार्ड का दुरुपयोग

कैदियों द्वारा वार्ड का दुरुपयोग किए जाने की सूचना के बाद, प्रशासन के निर्देश पर पिछले दो सालों से बंदी वार्ड में ताला लगा दिया गया है। प्रशासन जब तक आदेश नहीं करेगा, तबतक बंदियों का इलाज जनरल वार्ड में ही किया जाएगा। डॉ. शिवचंद्र झा, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल

अभी भी 8 कुख्यातों का जेनरल वार्ड में चल रहा है इलाज

अभी की स्थिति यह है कि सदर अस्‍पताल के जनरल वार्ड में जेल से आए भारत कुमार सहित अन्य 8 मरीजों का इलाज पुलिस अभिरक्षा में पिछले कई दिनों से चल रहा है। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के साथ ही इनकी इलाज करने से मरीजों को काफी असुविधा होती है और उनके जान को भी खतरा रहता है। क्योंकि उनके पास के बेड पर इलाज करा रहा मरीज कोई आम मरीज नहीं होता, वह एक कुख्यात अपराधी होता है, या जेल में बिताने वाले विचाराधीन, सजायाफ्ता बंदी भी होता है। जिसका व्यवहार आम लोगों के तरह नहीं होता।

क्या कहते हैं अधिकारी

पिछले दो वर्ष या उससे अधिक समय से बंदी वार्ड बंद है, क्यों बंद है, इसकी जानकारी नहीं है। अधिकारियों के आदेश से ही इसे बंद किया गया है। निशांत सागर, हॉस्पिटल मैनेजर, सदर अस्पताल

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Siwan

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×