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घर-घर बिलिंग के लिए एजेंसी बहाल फिर 72 हजार को नहीं मिल रहा बिल

सीवान ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता त्रस्त हो गए हैं। उनकी परेशानी का कारण गलत बिजली बिल आना है। सीवान...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 27, 2018, 05:30 AM IST

घर-घर बिलिंग के लिए एजेंसी बहाल फिर 72 हजार को नहीं मिल रहा बिल
सीवान ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता त्रस्त हो गए हैं। उनकी परेशानी का कारण गलत बिजली बिल आना है। सीवान ग्रामीण क्षेत्र के सरसर गांव के एक उपभोक्ता नगीना महतो का बिजली बिल 11 लाख 8 हजार 58 रुपए का बिल आया है। उसे बिल जमा करने की अंतिम तिथि 17 जून तक दी गई थी। लेकिन बिल ज्यादा होने की वजह से उपभोक्ता ने बिल जमा नहीं किया। यह तो महज एक उदाहरण है । इसी तरह दर्जनों उपभोक्ता बिलिंग एजेंसी की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं। जबकि बिजली खपत की रीडिंग करने व बिल देने के लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी ने फ्लूएंट ग्रिड एजेंसी भी बहाल कर रखा है। जिसका काम हर माह घर-घर जाकर बिजली मीटर का रीडिंग करना और उसी समय बिल की प्रिंट आउट निकालकर उपभोक्ता को दे देना है। लेकिन एजेंसी द्वारा इस तरह का काम नहीं किया जा रहा है। जिले में हर माह 72 हजार उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिलती है।

ऑन द स्पॉट बिलिंग करने के बजाय ऑफिस से सीधे करते हैं मनमानी बिलिंग

उपभोक्ता बिल सुधार के लिए अधिकारियों का लगाते रहते हैं चक्कर

एजेंसी उपभोक्ताओं के घर नहीं जाकर ऑफिस में बैठकर ही औसत बिलिंग कर देते हैं। इसका नतीजा हो रहा है कि हर माह 8 हजार उपभोक्ताओं को गलत बिल आ रहा है। इस वजह से वे सुधार के लिए कई दिनों तक बिजली ऑफिस में विभागीय अफसर व कर्मियों का चक्कर लगाते है। खपत से ज्यादा बिल बिल आने की वजह से उपभोक्ता बिल भी जमा नहीं करते है। वे सुधार के लिए आवेदन देकर उदासीन हो जाते हैं। उपभोक्ताओं को लगता है कि जबतक सुधार नहीं होगा। तबतक बिल जमा नहीं करेंगे। इस तरह राजस्व में गिरावट भी आ रही है। इस बात का खुलासा जब हुआ, तब सीवान ग्रामीण क्षेत्र के तत्कालीन बिजली एसडीओ उमाशंकर प्रसाद ने वरीय अफसरों को एजेंसी के खिलाफ पत्र लिखा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एजेंसी को हटाने की हुई थी अनुशंसा

बिजली एसडीओ ने कहा था कि इस तरह एजेंसी के कार्यों में लापरवाही देखी गई। इससे कार्य पूरी तरह असंतोषजनक बताते हुए कहा गया कि विभागीय हित में एजेंसी से भविष्य में काम लेना उचित नहीं है। इसलिए एजेंसी काे चेतावनी दी गई। लेकिन चेतावनी का भी असर एजेंसी पर नहीं पड़ा। ग्रामीण एसडीअो ने 3 जुलाई को विद्युत कार्यपालक अभियंता सीवान को पत्र लिखकर फ्लूएंट ग्रिड एजेंसी को कार्य से हटाने की अनुशंसा कर दी।

बिलिंग एजेंसी का विरोध करना पड़ा महंगा | सीवान ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत बिलिंग एजेंसी फ्लूएंट ग्रिड के कार्यों में लापरवाही बताते हुए उसका विरोध करना तत्कालीन बिजली एसडीओ उमाशंकर प्रसाद को महंगा पड़ गया। उसकी खामी को उजागर करने के बाद बिजली एसडीओ का ट्रांसफर जरूर हो गया। 3 जुलाई को बिजली कार्यपालक अभियंता सीवान को पत्र लिखे और 5 जुलाई को पावर कम्पनी ने ट्रांसफर कर दिया।

क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता

बिलिंग एजेंसी से अगर बिल जारी करने में गड़बड़ी होती है तो उसमें सुधार भी किया जाता है। एजेंसी को बैठक में निर्देश दिया गया है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें। इसके बाद सुधार हो रहा है। अंकित कुमार, कार्यपालक अभियंता, बिजली कम्पनी, सीवान

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