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5 फीट नीचे गया वाटर लेवल, चापाकल सूखा, जहां रहता था पानी वहां पड़ीं दरारें

सीवान में बारिश नहीं होने से तेजी से वाटर लेवल नीचे जा रहा है। इस साल 5 फीट पानी लेयर नीचे चला गया है। जहां पर सालोभर...

Dainik Bhaskar

Jul 22, 2018, 05:50 AM IST
5 फीट नीचे गया वाटर लेवल, चापाकल सूखा, जहां रहता था पानी वहां पड़ीं दरारें
सीवान में बारिश नहीं होने से तेजी से वाटर लेवल नीचे जा रहा है। इस साल 5 फीट पानी लेयर नीचे चला गया है। जहां पर सालोभर पानी रहता था वहां पर जमीन में दरार पड़ गई। अगर इसी तरह बारिश नहीं हुई तो अगले माह तक पानी का लेयर 6 फीट नीचे चला जाएगा। घरों में लगाए गए चापाकल से पानी नहीं निकल रहा है। बड़ी मुश्किल से लोग पानी चला रहे हैं। घरों में लगे अधिकतर चापाकल सूख जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस तरह की समस्या पिछले पांच साल में नहीं हुई थी। सीवान में औसतन 14 फीट नीचे पानी का लेयर है। कई स्थानों पर बारिश के मौसम में यह लेयर 8 से 10 फीट भी आ जाता है। इस साल बारिश ही नहीं हुई। इसलिए लेयर ऊपर नहीं आ रहा है। शहर के कागजी मोहल्ला, अग्रवाल टोली, मखदूम सराय, शेख मोहल्ला समेत कई स्थानों पर पानी के लिए सबसे ज्यादा संकट है। एक सप्ताह के अंदर सबसे ज्यादा वाटर लेबल में गिरावट गुठनी अस्पताल के पास आई है। यहां एक सप्ताह में 8 इंच लेबल की कमी आई है।

तालाब सूखने से पशु-पक्षियों के लिए भी पानी संकट

सीवान शहर के बीच में स्थित गांधी मैदान के पास पोखरा में सालोभर पानी रहता था। लेकिन इस साल बारिश ही नहीं हुई। इससे पोखरा पूरी तरह सूख गया है। मोहल्ले के जितेन्द्र कुमार, प्रेम सिंह, गुलाम सरवर आदि ने बताया कि यहां पर हमेशा पानी लगा रहता था। लेकिन पोखरा तीन माह से पूर तरह सूख गया है।

कमलदाह सरोवर में भी पानी नहीं

बारिश नहीं होने से सिसवन प्रखंड के महेन्द्रनाथ मंदिर स्थित पवित्र कमलदाह सरोवर भी पानी बिना सूख गया है। सरोवर के घाट के पास थोड़ा सा पानी है। बारिश होने पर क्षेत्र का पानी इसी सरोवर में आता है। सरयू नदी में उफान आने पर भी उसका संपर्क सरोवर से होता है। लेकिन इस साल दोनों संभावनाएं खत्म हैं।

शहर के कागजी मोहल्ला, अग्रवाल टोली, मखदूम सराय, शेख मोहल्ला समेत कई स्थानों पर पानी के लिए सबसे ज्यादा संकट, गुठनी अस्पताल के पास एक सप्ताह में 8 इंच लेबल नीचे गिरा है

23 फीट 9 इंच पर हुसैनगंज प्रखंड के बघौनी में चला गया पानी का लेयर

08 फीट पर ही सीवान में मिलता था पानी

13 फीट 4 इंच पर है लकड़ी नबीगंज प्रखंड के नहरहरपुर में

10 फीट 5 इंच का अंतर है जिले में अधिकतम व न्यूनतम वाटर लेबल में

15 फीट 4 इंच पर सीवान शहर के कचहरी के पास वाटर लेबल

01 सप्ताह के अंदर 4 इंच वाटर लेबल में हुई गिरावट

08 इंच गुठनी अस्पताल के पास एक सप्ताह में वाटर लेबल में कमी

पानी की समस्या पिछले पांच साल में नहीं हुई थी। औसतन 14 फीट पानी का लेयर है। कई स्थानों पर बारिश के मौसम में यह लेयर 8 से 10 फीट भी आ जाता है। इस साल बारिश ही नहीं हुई। इसलिए लेयर ऊपर नहीं आ रहा है।

46847 चापाकल लगाए गए हैं सीवान जिले में

अफसर बोले- पांच सालों में इतना वाटर लेबल नीचे नहीं गया था, सीवान में औसतन 14-15 फीट में मिलता है लेयर

हुसैनगंज प्रखंड में एक सप्ताह में 4 इंच नीचे गया

हुसैनगंज प्रखंड में सबसे ज्यादा नीचे वाटर लेबल चला गया है। हुसैनगंज के बघौनी पंचायत के चकहाजी गांव में चन्द्रदेव राम के घर के पास सबसे नीचे पानी का लेयर गया है। वहां पर पानी का लेयर फिलहाल 23 फीट 9 इंच पर है। जबकि पिछले सप्ताह 23 फीट 5 इंच पर था। इसी तरह खरसंडा के बल्ली गांव में शिवनाथ बढ़ई के घर के पास भी पानी का लेयर 20 फीट 5 इंच पर है। वहां पर भी पिछले सप्ताह 20 फीट 1 इंच पर था। इसी तरह हरिहांस गांव में छठु चौधरी के घर के पास भी 20 फीट 1 इंच पर पानी का लेयर चला गया है। वहां पर भी एक सप्ताह के अंदर 4 इंच की गिरावट हुई है। रघुनाथपुर प्रखंड के पंजवार गांव में रामाशंकर सिंह के घर के पास भी पानी का लेयर 19 फीट 6 इंच पर चला गया है। जबकि वहां पर पिछले सप्ताह 19 फीट 5 इंच था। इधर बसंतपुर में पानी का लेयर 15 फीट पर है। अभी भी पानी का लेयर ऊपर में नबीगंज प्रखंड के नरहरपुर गांव में शिवमंदिर के पास 13 फीट 4 इंच पर है। जबकि बरसात के माैसम में यहां का लेयर 8 फीट पर ही रहता है।

44987 चापाकल जिले में चालू हालत में

1860 चापाकल जिले में खराब पड़े

बारिश नहीं हुई लेयर और गिरेगा


चापाकल सूख रहा


दाहा नदी में पानी ही नहीं

जुलाई व अगस्त माह में दाहा नदी में उफान से तटीय क्षेत्र के लोग तबाह हो जाते हैं। इस साल हालत यह है कि यह नदी खुद अस्तित्व संकट से जूझ रही है। नदी पूरी तरह सूख गई है। यह नाला की तरह दिख रही है।

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फीट के बाद गुठनी में 17 फीट 8 इंच पर आया वाटर लेबल

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