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सावन में इन मंदिरों में दूसरे राज्य व विदेशों से भी पूजा-अर्चना करने आते हैं भगवान शंकर के भक्त

जिले में सावन मास के शुरू होने के साथ ही यहां ऐतिहासिक मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। यहां की मंदिरों में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 26, 2018, 04:35 PM IST

  • सावन में इन मंदिरों में दूसरे राज्य व विदेशों से भी पूजा-अर्चना करने आते हैं भगवान शंकर के भक्त
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    जिले में सावन मास के शुरू होने के साथ ही यहां ऐतिहासिक मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। यहां की मंदिरों में बिहार के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने आते हैं। बाबा महंेद्रनाथ मंदिर जिले के सिसवन प्रखंड के ग्राम रामगढ़ में स्थित है| यह सीवान की सबसे प्राचीन शिव मंदिरो में से एक है। इस मंदिर का निर्माण नेपाल नरेश महेंद्रवीर विक्रम सहदेव ने करवाया था। हिन्दुओं की ये मान्यता है कि यहां आने वाले भक्त खाली हाथ नहीं लौटते हैं। शिव मंदिर महेंंद्र सीवान में बिहार व यूपी से लोग बाबा महेंद्र नाथ की दर्शन और पूजा करने आते हैं। जहां बाबा महेंद्रनाथ के दर्शन करने वाले कभी निराश नहीं जाते। यहां रोज हजारों भक्त आते हैं। सावन मे भक्तो की संख्या और बढ़ जाती है। मेहन्दर मे बाबा के पूजा दर्शन के लिए गोपालगंज, छपरा, मोतिहारी, गाजीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, झारखंड, यूपी इसके अतिरिक्त नेपाल से भी लोग आते हैं।

    मंदिर में हैंं हजारों घंटियां

    महेन्द्रनाथ मंदिर में आकर्षण का कंद्र भी है। मंदिर में छोटे-बड़े आकार की हजारों की संख्या में घंटियां टंगी है । हर-हर महादेव के जयघोष व घंटी- शंख की ध्वनि से मंदिर परिसर से लेकर सड़कों पर भगवान शिव की महिमा गूंजती रहती है।

    सावन के दौरान हर दिन हजारों श्रद्धालु शिव मंदिरों में करते हैं भगवान महादेव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक

    नेपाल नरेश ने बनवाया था सिसवन का महेंद्रनाथ मंदिर

    सिसवन प्रखंड का महेंद्रनाथ मंदिर नेपाल नरेश महेंद्र ने बनवाया था। यह हजारों साल पहले की कहानी है। जनश्रुति है कि नेपाल नरेश महेन्द्र कुष्ठ रोग से पीड़ित थे। वे इस रोग से मुक्ति के लिए ऋषि मुनियों के अाश्रम-आश्रम घूम रहे थे। इसी दौरान वे मेहंदार गांव पहुंचे। यहां पर उस समय घना जंगल था। रात होने से राजा ने इसी स्थान पर विश्राम किया। रात में राजा ने स्वप्न देखा कि भगवान भोलेनाथ कह रहे हैं कि हे राजन, जहां पर तुम आराम कर रहे हो। पास में ही पानी में स्नान करने से तुम्हारा कुष्ठ रोग दूर हो जाएगा। इसी के बाद सुबह में राजा ने कीचड़युक्त पानी में स्नान किया और देखते ही देखते उनका कुष्ठ रोग दूर हो गया। इसी खुशी में राजा ने यहां पर भव्य शिव मंदिर बनवाया और 500 बीघा में कमलदाह सरोवर खोदवाया। आज भी यह सरोवर फैला हुआ है। ऐसी मान्यता है कि आज भी कुष्ठ रोग से पीड़त अपनी रोग से मुक्ति के लिए यहां स्नान करते है। नेपाल नरेश महेन्द्र द्वारा मंदिर बनवाए जाने से ही इसका नाम महेन्द्रनाथ मंदिर पड़ा। सावन मास में देशभर के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्वालु जलाभिषेक करने आते है।

    महादेवा शिव मंदिर।

    सोहगरा शिव मंदिर| गुठनी प्रखंड के सोहगरा गांव में भगवान भोलेनाथ का भव्य मंदिर है। जहां पर पूजा-अर्चना करने के लिए यूपी से भी बड़ी संख्या में श्रद्वालु आते हैं। यह मंदिर कुछ ऊंचाई पर है। इस मंदिर की मान्यता भी काफी प्राचीन है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर को राक्षस राजा वाणासूर ने बनवाया था। वाणासूर की एक बेटी उषा थी। वह भगवान भोलेनाथ की आराधना करती थी। इसलिए वाणासूर ने अपनी बेटी की पूजा अर्चना के लिए भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया। बाद में ऊषा की शादी भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरूद्ध से शादी हुई। यहां पर शिवलिंग काफी विशाल है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर ऊषा द्वारा भगवान भोलेनाथ की पूजा करने के बाद ही भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र से शादी हुई थी। इसलिए यहां पर भी कन्याएं अच्छे वर के लिए पूजा-अर्चना करती हैं।

    महादेवा शिव मंदिर

    शहर का महादेवा शिव मंदिर भी काफी प्राचीन है। यह पंचमुखी शिव मंदिर है। इस जिले में इसी मंदिर में पंचमुखी शिवमंदिर का निर्माण कराया गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वालों काे भगवान भोलेनाथ निराश नहीं करते हैं।

    गुठनी प्रखंड का सोहगरा शिव मंदिर।

    यहां से इन मंदिरों की इतनी है दूरी

    32किलोमीटर दूर है सिसवन प्रखंड का महेन्द्रनाथ मंदिर

    07किलोमीटर की दूरी है सिसवन प्रखंड से महेन्द्रनाथ मंदिर

    08किलोमीटर की दूरी पर है सारण जिले के रसूलपुर महेन्द्रनाथ हाल्ट से

    25किलोमीटर दूर है मैरवा रेलवे स्टेशन से सोहगरा शिव म ंदिर

    45किलोमीटर दूर है सीवान रेलवे स्टेशन से सोहगरा शिव मंदिर

    01किलोमीटर दूर है यूपी की सीमा से

    01लाख से ज्यादा श्रद्वालु हर सोमवारी को करते है महेन्द्रनाथ मंदिर में जलाभिषेक

    80हजार से ज्यादा श्रद्वालु सावन मास की प्रत्येक सोमवारी को सोहगरा शिव मंदिर में करते है पूजा अर्चना

    50हजार से ज्यादा श्रद्वालु शहर के महादेवा शिव मंदिर में करते है जलाभिषेक

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