करीब 23 लाख की आबादी वाले सुपौल जिले में बेहतर

Supaul News - करीब 23 लाख की आबादी वाले सुपौल जिले में बेहतर स्वास्थ्य देने के लिए प्रयास तो हुए हैं, लेकिन अभी इस क्षेत्र में बहुत...

Dec 04, 2019, 09:36 AM IST
करीब 23 लाख की आबादी वाले सुपौल जिले में बेहतर स्वास्थ्य देने के लिए प्रयास तो हुए हैं, लेकिन अभी इस क्षेत्र में बहुत कुछ करना बाकी है। अब अगर यहां मेडिकल कॉलेज खुल जाए तो जिले के लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

सरकारी आंकड़ों की माने तो सुपौल स्वास्थ्य एवं आर्थिक मामले में अत्यन्त पिछड़े जिला में सुमार है। कोसी के कहर से भौगोलिक रूप से विचित्र जिला के नाम से भी जाना जाता रहा है। यह दीगर बात है कि सड़क, बिजली के साथ साथ शिक्षा व उद्योग के क्षेत्र में भी तेजी से सुगबुगाहट दिखने लगी है, लेकिन इसके काम की गति बढ़ानी होगी, तभी जिला आने वाले वर्षों में विकसित जिला में शुमार होगा।

स्वास्थ्य
मेडिकल कॉलेज खुले तो मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

इमरजेंसी में मरीजों को दरभंगा और पटना जाना पड़ता है

भगवान जी पाठक

सामाजिक कार्यकर्ता

मेडिकल कॉलेज के लिए प्रयास शुरू हो चुका है। इसके लिए जमीन को चिह्नित किया जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण का कार्य भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा जिले में दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं।

जिले में सदर अस्पताल के अलावा 11 पीएचसी, 21 एपीएचसी, 2 सीएचसी और तीन अनुमंडल अस्पताल बनाए गए, जिसका भवन देखने के बाद इसमें सहज ही बेहतर स्वास्थ्य की कोई भी कल्पना की जा सकता है। कुछ दिनों पहले तक जहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए दरभंगा पटना और पूर्णिया जाना पड़ता है। यह दीगर बात है कि आधुनिकता के दौड़ में सुपौल भी आगे बढ़ने लगी है। अब वैसे मरीजों में भारी कटौती हुई है। इसका खास वजह यह है कि जिले का सदर अस्पताल कई सुविधाओं से लैस हो गया है। सदर अस्पताल में 200 से अधिक बेड की सुविधा है। अत्याधुनिक पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सहित आईसीयू सेंटर खुल गया है। इसके चलते मरीजों को अधिकांश स्वास्थ्य लाभ सदर अस्पताल में ही मिल जाता है, लेकिन आपातकालीन मरीजों के लिए आज भी डीएमसीएच दरभंगा, धरान नेपाल या पीएमसीएच पटना जाना पड़ता है।

अभी मेडिकल कॉलेज के लिए सिर्फ जमीन को चिन्हित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन इसके बन जाने से लोगों को बड़ी उम्मीद मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बाद लोगों को बड़ी सुविधा मिलने लगेगी। हालांकि इसके बनने में अभी वक्त लगेगा।

अस्पतालों में डॉक्टर और कर्मियों की कमी पूरी करना। जल्द ही इस दिशा में सरकार से स्तर से कार्य शुरू करने की जरूरत है। ओपीडी की सुविधा को और बेहतर करना ताकि मरीज बिना नहीं लौटें। स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना।

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