डेढ़ वर्षों से बिना किसी आदेश के शिक्षक का वेतन बंद, भुगतान के लिए लगा रहे चक्कर

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 09:36 AM IST

Supaul News - सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बिजलपुर राम टोला में पदस्थापित शिक्षक के बिना किसी कारण के करीब डेढ़ वर्ष से वेतन...

Supaul News - half of the teacher39s salary for one and a half years the salary for the payment
सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बिजलपुर राम टोला में पदस्थापित शिक्षक के बिना किसी कारण के करीब डेढ़ वर्ष से वेतन बंद है। जिस कारण शिक्षक दयाशंकर मंडल और उसके परिवार के समक्ष एक साथ कई समस्या उत्पन्न हो गई है। ज्ञात हो कि जनवरी 2018 से शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक श्री मंडल का बिना कारण बताए वेतन पर रोक लगा दिया गया था।

हैरत की बात है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी मामले में डीएम के आदेश की अवहेलना करते आ रहे हैं। शिक्षा विभाग की मनमानी का आलम है कि डेढ़ वर्षों से कार्यालय के चक्कर लगाते शिक्षक को आज तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। जिसका खामियाजा पीड़ित शिक्षक के परिवार को भुगतना पड़ रहा है। वेतन बंद रहने से शिक्षक के पांच बच्चों की पढ़ाई के साथ लकवाग्रस्त पिता और परिवार की जीविका चलाना परेशानी का सबब बना है। सिस्टम की मार से से लाचार शिक्षक अब न्याय के लिए भगवान भरोसे हैं।

सदर प्रखंड के प्रावि बिजलपुर राम टोला में पदस्थापित शिक्षक के साथ नियोजन इकाई कर रही मनमानी

पीड़ित शिक्षक का परिवार।

बिना किसी कारण के बंद कर दिया गया था वेतन : पीड़ित शिक्षक ने बताया कि सदर प्रखंड के बकौर हाट स्थित प्राथमिक विद्यालय में 6 जून 2005 को पंचायत शिक्षक के रूप में अपना योगदान दिया। जहां 5 दिसंबर 2016 तक सहायक शिक्षक के रूप में निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्य का पालन करता रहा। विभागीय आदेश के आलोक में नियोजन इकाई द्वारा मेरा समायोजन प्राथमिक विद्यालय बिजलपुर राम टोला में कर दिया गया। जिसके बाद मैंने 6 दिसंबर 2016 को उक्त विद्यालय में अपना योगदान दिया। जहां से छह माह तक मुझे वेतन भुगतान भी दिया गया। लेकिन छह माह बाद विद्यालय की प्रधान रंजना कुमारी ने बताया कि आपका स्थानांतरण प्राथमिक विद्यालय परसौनी में कर दिया गया है। इसलिए आप इस विद्यालय के उपस्थिति पंजी पर अपना हस्ताक्षर नहीं कर सकते हैं। जबकि इस संबंध में शिक्षा विभाग व नियोजन इकाई द्वारा मुझे किसी प्रकार का पत्र नहीं मिला।

डेढ़ वर्षों से शिक्षक लगा रहे विभाग का चक्कर : शिक्षक ने बताया कि वेतन बंद होने के बाद से ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों समेत डीएम तक मामले को लेकर गुहार लगा आए। जिसमें तत्कालीन डीएम वैद्यनाथ यादव ने 12 सितंबर 2018 को आदेश निर्गत कर मामले में अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया था। डीएम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई बकौर द्वारा नियमों की अनदेखी कर शिक्षक का स्थानांतरण कर दिया गया। जिसमें डीएम ने नियोजन इकाई से स्पष्टीकरण पूछते कार्रवाई का आदेश दिया था। आदेश की प्रतिलिपि पंचायत नियोजन इकाई बकौर, सदर बीडीआे, डीईओ, डीपीओ स्थापना व बीईओ को दिया था। इस बीच नियोजन इकाई ने पत्र निर्गत कर श्री मंडल काे पुन: प्राव बिजलपुर राम टोला में ही योगदान का आदेश निर्गत कर कोरम पूरा कर दिया।

परिवार की जीविका चलाना शिक्षक के लिए मुश्किल : वेतन बंद रहने के कारण पीड़ित शिक्षक के परिवार की माली हालत काफी खराब है। पीड़ित शिक्षक ने बताया कि वेतन बंद रहने के कारण उनके पांच बच्चों की पढ़ाई के साथ परिवार की जीविका चलाना मुश्किल है। बताया कि बीते 20 जनवरी को ही मेरे पिता लकवाग्रस्त हो गए। लेकिन वेतन बंद रहने के कारण रुपए के अभाव में पिता का इलाज कराना भी संभव नहीं है।

बीईओ ने जारी पत्र में कहा- कार्य नहीं कर रहे, फिर भुगतान कैसे

पीड़ित शिक्षक के स्थानांतरण व वेतन भुगतान मामले में बीईओ द्वारा डीईओ को 26 जून 2018 को दिए पत्र में कहा गया है कि पीड़ित शिक्षक जुलाई 2017 से ही किसी भी विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य नहीं कर रहे हैं। लेकिन अचरज की बात है कि जब शिक्षक विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य नहीं कर रहे हैं तो भला उनका वेतन भुगतान दिसंबर 2017 तक कैसे किया गया।

जांच कर होगी कार्रवाई

डीईओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

X
Supaul News - half of the teacher39s salary for one and a half years the salary for the payment
COMMENT

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543