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अाज शाम 7:26 से रात 11:38 बजे तक होलिका दहन का मुहूर्त, होली कल
रंगों के पर्व होली में अब एक दिन ही शेष है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन होती है। सोमवार को होलिका दहन है। इस दिन होलिका दहन का शुभ मुहूर्त का कुल समय 4 घंटे 12 मिनट ही है। पंडित आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र के अनुसार सोमवार को शाम 7:26 से रात 11:38 बजे तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है। होलिका दहन के बाद मंगलवार को होली है। होली के रंग में शहर-गांव से लेकर सरकारी कार्यालय तक रंगने लगे हैं। सड़कों पर पान की दुकानों से लेकर मोटर वाहनों तक में सिर्फ होली के गीत सुनाई पड़ रहे हैं। बाजार में सड़क किनारे अबीर, गुलाल, रंग व पिचकारी की दुकानें सजी हैं। बच्चे एक दिन पहले से ही होली मना रहे है।
केमिकल युक्त रंग चेहरे के लिए हानिकारक
होली में एक छोटी सी गलती किसी के लिए खतरनाक हो सकती है। इसलिए रंग लगाते हुए ध्यान रखें कि यह किसी की आंख, कान और नाक में न जाने पाए। केमिकल रंग इंसान के लिए खतरनाक है। डॉ. रामचन्द्र कुमार का कहना है कि केमिकल रंगों से बचाने के लिए होली खेलने से पहले अपने शरीर पर अच्छे से तेल या कोई क्रीम लगाना चाहिए। इससे रंगों का असर त्वचा तक आसानी से नहीं पहुंच पाएगा। नहीं तो यह केमिकल युक्त रंग त्वचा को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके विश्वास का कहना है कि होली खेलते समय आंखों पर चश्मा लगा रहना चाहिए। इससे रंग-गुलाल आंखों में नहीं जा पाएगा। अगर रंग, पानी या गुलाल आंख में चला जाए तो अविलंब नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।
बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थ व रंग-गुलाल की भरमार
सूत्रों की मानें तो बाजार में मिलावटी रिफाइंड व सरसों तेल खूब बिक रहे हैं। लोगों को भी पता नहीं है कि नकली है या असली। इसी तरह रंगों में भी मिलावट की जा रही है। सस्ते केमिकल व बेकार इंजन ऑयल से तैयार रंग भी बाजार में बिक रहे हैं। मिलावटी रंग त्वचा, आंख और दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जानकारों की मानें तो सस्ता रंग काफी घातक होता है। इसका प्रभाव कभी तुरंत तो कभी एक या दो सप्ताह के बाद चेहरे और शरीर पर एलर्जी के रूप में दिखाई देता है।
बसों में बढ़ी यात्रियों की भीड़
आपसी भाईचारा व रंगों के त्योहार होली के रंग में रंगने के लिए लोग अपने गांव लौटने लगे हैं। इसके कारण बसों में भीड़ बढ़ गई है। पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, दिल्ली से आने वाली बसों में पैर रखने की जगह नहीं है। जिससे बसों की छतों पर बैठ यात्रा करना मजबूरी बन गई है।
कुर्ता-पायजामा सहित बच्चों के कपड़ों की बढ़ी डिमांड
रंगों के त्योहार होली को लेकर बाजारों में खरीदारों की भीड़ लगनी शुरू हो गयी है। बाजार में कुर्ता व पायजामा लोगों को अधिक पसंद आ रहे हैं। रेडिमेड की दुकानों पर एक से बढ़कर एक लाल, पीले, क्रीम कलर और नीले रंग के कुर्ता और सफेद पाजामा की बिक्री हो रही है। एक दिन बाद होली रहने के कारण बाजारों में चहल पहल बढ़ गई है।
होली मनाने को लेकर घर आने लगे परदेसी, केमिकल युक्त रंग से रहें दूर, सेहत पर पड़ेगा असर
रेडिमेड दुकान में कुर्ता, पायजामा सहित अन्य कपड़ों की खरीदारी करते लोग।
सुपौल के महावीर चौक पर होली की सामग्री खरीदते लोग ।