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सदन में समाज सुधारक व चिंतक की जगह अपराधी का बोलबाला : डाॅ. अमन

एक वर्ष पहले
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सुपौल जिला मुख्यालय स्थित बीबीसी कॉलेज सभागार में शुक्रवार को लोरिक विचार मंच के बैनर तले विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ लोरिक विचार मंच के प्रदेश संयोजक डॉ. अमन कुमार, केशव कुमार, पैक्स अध्यक्ष जय प्रकाश यादव के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। संबोधित करते प्रदेश संयोजक डॉ. अमन कुमार ने कहा कि राजनीति कोई नौकरी या रोजगार नहीं है, बल्कि एक जनप्रिय व प्रतिष्ठायुक्त निःशुल्क सेवा है। वर्तमान समय में राजनीति को नव धनाढ्य व्यक्ति व्यवसाय बनाने पर तुले हुए हैं। एक दिन के लिए भी कोई विधायक या सांसद बनते हैं तो आजीवन पेंशन मिलता है। सरकारी कर्मचारी और पदाधिकारी को 60 वर्ष उम्र तक नौकरी करने के बाद पेंशन मिलती है। सांसद, विधायक, विधान पार्षद व राज्यसभा सदस्यों को पेंशन नहीं मिलना चाहिए। जिस प्रकार नौकरी में योग्यता का मापदंड तय है। उसी प्रकार विधायक और सांसद के टिकट में भी सामाजिक मापदंड निर्धारित होना चाहिए। विधानसभा, लोकसभा या अन्य सदन का टिकट धनबल के आधार पर नहीं बल्कि जनबल व सामाजिक सरोकार के आधार पर वितरण होना चाहिए। वंशवाद को स्पष्ट परिभाषित करने की जरुरत है।

मनमाना बढ़ाते हैं वेतन भत्ते, नहीं लगता टैक्स

उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद मनमाने ढंग से अपने वेतन व भत्ते बढ़ा लेते हैं। व्यक्तिगत स्वार्थ सिद्धि में पक्ष और विपक्ष सभी एकजुट हो जाते हैं। कहा कि सांसद को प्रतिमाह एक लाख रुपया मासिक वेतन, 45 हजार रुपया प्रतिमाह कार्यालय भत्ता, 2 हजार रुपये प्रतिदिन दैनिक भत्ता, 45 हजार रुपया प्रतिमाह संवैधानिक भत्ता, सड़क मार्ग से सफर करने पर 16 रुपया प्रति किलोमीटर यात्रा भत्ता, रेल सेवा फ्री और हवाई सेवा में 75 प्रतिशत छूट मिलती है। इसके बावजूद सांसद की सैलेरी पर टैक्स नहीं लगता है।

सरकारी खजाने से मकान, वाहन, भोजन, चिकित्सा, हवाई यात्रा, टेलीफोन और अन्य सुविधाओं के नाम पर हो रहे खर्च समाप्त होना चाहिए। स्वच्छता सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष केशव कुमार ने कहा कि सदन में बैठे लोगों को निजी हित को त्याग कर समाज के लिए काम करना चाहिए। संगोष्ठी में कृष्ण कुमार, राम कुमार यादव, रामनंदन कुमार, संतोष कुमार, मणिभूषण कुमार, संजीव कुमार मंडल, गुलटेश कुमार, अजीत कुमार, अमीरचंद सिंह, विश्वनाथ कुमार, मुकेश कुमार बन्दे, रविन्द्र मेहता, राहुल कुमार, विकास कुमार जायसवाल, गुलशन कुमार, विजय कुमार आदि उपस्थित थे।

बीबीसी कॉलेज में कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि व अन्य।
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