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होम डिलेवरी के नाम पर उपभोक्ताओं की जेबें हो रहीं ढीली प्रति सिलेंडर 27 रुपए एजेंसी संचालक की जेब में जा रहा

एक वर्ष पहले
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{जिले में रसोई गैस उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा कैश एंड कैरी (सीएनसी) छूट का लाभ

जिले की गैस एजेंसियां ग्राहकों की जेब पर हर दिन डाका डाल रही हैं। सरकार की ओर से दी जाने वाली कैश एंड कैरी (सीएनसी) छूट को अमूमन ग्राहक नहीं जानते हैं। इसका सीधा लाभ एजेंसियों की जेब में जा रहा है। दरअसल, गोदाम में आकर गैस सिलिंडर लेने वाले उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों की ओर से प्रति सिलेंडर लगभग 27 रुपये की छूट दी जाती है, लेकिन डीलर्स इसे अपनी जेब में रख ले रहे हैं। जिले में एचपी, इंडेन, भारत गैस सहित अन्य गैस एजेंसियां है। इसमें ज्यादातर ग्राहकों को सिलिंडर गैस गोदाम पर ही उपलब्ध कराए जाते हैं। होम डिलेवरी के नाम पर वेंडर की मनमानी से भी उपभोक्ता त्रस्त हैं। हैरत की बात तो यह है कि जिम्मेदार एजेंसी संचालक व अधिकारी भी वेंडरों की इस मनमानी पर ध्यान नहीं देते हैं। मतलब उपभोक्ताओं की इस गंभीर समस्या के प्रति जवाबदेह लोग भी तमाशबीन बन बैठे हैं। वेंडर की मनमानी का आलम यह है कि पर्ची पर अंकित राशि के अलावा घर तक सिलेंडर पहुंचाने का 50 से 60 रुपये अधिक वसूल रहे हैं।

सिलेंडर घर पहुंचाने पर 50-60 रुपए वसूल रहे वेंडर

उपभोक्ता अजय कुमार ने कहा कि रसोई गैस घरों तक पहुंचाने पर वेंडर 50 से 60 रुपये ज्यादा वसूल रहे हैं। रोशन कुमार ने कहा कि होम डिलीवरी के नाम पर वेंडर वाले उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। घर तक गैस सिलेंडर पहुंचाने पर वेंडर द्वारा 40 से 60 रुपये ज्यादा लिया जाता है। पूछने पर कहते हैं कि यही व्यवस्था है।

घरेलू गैस का होता है व्यावसायिक उपयोग

व्यावसायिक गैस पर 18 फीसदी जीएसटी टैक्स ज्यादा लिया जाता है। वहीं, घरेलू सिलिंडर पर कम टैक्स लिया जाता है। टैक्स से बचने के चक्कर में होटल, रेस्तरां और फास्ट फूड वाले घरेलू गैस सिलिंडर से बड़े सिलिंडर में रिफिलिंग कराते हैं। इस खेल की जानकारी एजेंसी से लेकर अधिकारियों को भी है। लेकिन आज तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि इसको लेकर आम उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत भी की जाती है। बावजूद विभागीय पदाधिकारी इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझते हैं।

जांच कराकर होगी कार्रवाई

जिला अापूर्ति पदाधिकारी सियाराम रजक ने कहा कि निर्धारित दर व रसीद पर अंकित राशि पर ही रसोई गैस होम डिलेवरी करना है। अगर होम डिलेवरी के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

खुद रिफिलिंग को गोदाम पर जाने के बाद भी लेते हैं डिलेवरी चार्ज

सरकार की तरफ से गैस सिलेंडर घर तक पहुंचाने की सुविधा गैस एजेंसियां उन ग्राहकों को दे रही है, जो यह सुविधा चाहते हैं, लेकिन उन ग्राहकों को जो होम डिलवरी नहीं चाहते हैं और खुद रिफिलिंग कराने गोदाम पर जाते हैं, उनसे भी पूरी राशि वसूल की जा रही है। नियमानुसार ऐसे ग्राहकों को होम डिलीवरी का चार्ज वापस कर देना है। एक एजेंसी के संचालक ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 15 किमी की दूरी तक होम डिलीवरी करनी है। होम डिलेवरी करके प्रति सिलेंडर 916 रुपये लेने हैं। इसमें ट्रांसपोर्टिंग के अनुसार एक या दो रुपए कम या अधिक हो सकता है।

{ उपभोक्ताओं की समस्या पर ध्यान नहीं देता जिला प्रशासन

गैस की बुकिंग कराते समय ही होम डिलेवरी चार्ज जोड़ लेते है एजेंसी संचालक
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