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जदयू जिलाध्यक्ष ने कटवाया पेड़, कहा- अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों ने मांगा था

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 05:30 AM IST

Supaul News - पर्यावरण विभाग के निर्देशों की अवहेलना करते हुए सदर प्रखंड के सुखपुर-सोल्हनी पंचायत में धड़ल्ले से हरा पेड़ काटे...

Supaul News - jaidu district president katwaya tree said the villagers had sought for the funeral
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पर्यावरण विभाग के निर्देशों की अवहेलना करते हुए सदर प्रखंड के सुखपुर-सोल्हनी पंचायत में धड़ल्ले से हरा पेड़ काटे जाने का मामला सामने अाया है। पेड़ कटवाने का अाराेप पंचायत के मुखिया सह जदयू जिलाध्यक्ष रामविलास कामत पर है। दरअसल कर्णपुर-सुखपुर पथ में निर्माणाधीन एएनएम-जीएनएम स्कूल के बगल में एक सरकारी तालाब है, जिसके महार पर दर्जनों कीमती पेड़ लगे हुए थे। इसमें शीशम, महुआ, सेमर, महोगनी सहित अन्य पेड़ शामिल थे, जो मनरेगा के तहत सरकारी राशि से लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में पेड़ गायब होते चले गए। आलम यह है कि बगान की जगह अब इक्का-दुक्का पेड़ ही नजर आता है। बीते तीन दिनों में ही आधा दर्जन पेड़ काटा गया है। वहां काम कर रहे मजदूरों सहित आसपास के लोगों ने बताया कि पंचायत के मुखिया सह जदयू जिलाध्यक्ष रामविलास कामत द्वारा पेड़ कटवाया गया है। वहीं जिलाध्यक्ष श्री कामत ने कहा कि शुक्रवार को गांव के ही शर्मा टोला में किसी महिला की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने लकड़ी की मांग की थी, जिसकी वजह से उन्होंने ग्रामीणों को स्वयं जाकर लकड़ी देख लेने के लिए कहा। पेड़ काटने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति के सवाल पर वे चुप्पी साध गए। पेड़ के सील से स्पष्ट है कि लकड़ी फर्नीचर के लिए कटवाई गई है। लोगों ने बताया कि शुक्रवार को एक ट्रैक्टर शीशम की लकड़ी ढोई गई है, जबकि शनिवार को भी एक ट्रैक्टर लकड़ी मौके पर ही पड़ी थी। जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है।

स्थल पर काट कर गिराया गया पेड़।

फॉरेस्ट एक्ट के तहत दर्ज होता है मुकदमा

अधिवक्ता नारायण कामत ने बताया कि बिना अनुमति के पेड़ काटने का मामला काफी गंभीर है। पेड़ हरा हो या सूखा, मामले में फॉरेस्ट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होता है। एक्ट के तहत गैर जमानतीय धाराओं में मुकदमा चलता है और उच्च न्यायालय से निचले स्तर के किसी भी न्यायालय से दोषी को जमानत देने का प्रावधान नहीं है। भारतीय वन कानून 1927 के प्रावधानों के अनुसार बिना सरकारी अनुमति पेड़ को जड़ से काटने पर जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। जांच कर होगी कार्रवाई


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