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सीनेट की बैठक में लिए गए अधिकांश निर्णय का विवि में नहीं होता है अनुपालन

Supaul News - परीक्षा विभाग की लापरवाही से छात्रों का भविष्य हो रहा बर्बाद तीन दिन में संचिका निष्पादन के आदेश का नहीं...

Feb 22, 2020, 09:30 AM IST

{परीक्षा विभाग की लापरवाही से छात्रों का भविष्य हो रहा बर्बाद

{तीन दिन में संचिका निष्पादन के आदेश का नहीं हो रहा पालन

बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को सीनेट की 20 वीं बैठक होगी। इसमें विवि के 10 अरब 67 करोड़ रुपए का कुल वार्षिक बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य मामलों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। भले ही विवि में आयोजित सीनेट-सिंडीकेट की बैठकों में छात्र हित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हों, लेकिन उस निर्णय का विवि कार्यालय में सही तरह से अनुपालन नहीं होता है। पूर्व के सीनेट की बैठक में लिए गए एेसे ही कुछ निर्णय पर विवि प्रशासन की उदासीनता से सवाल खड़ा होता है। तीन फरवरी 2018 को आयोजित सीनेट की बैठक में विवि कार्यालय में तीन दिन के अंदर संचिका निष्पादन की बात कही गई थी। इस बाबत विवि के ज्ञापांक जीएस (ए-4-170/07)-462/18 दिनांक 10.04.18 एवं ज्ञापांक जीएस (ए-4-170/07)-1071/18 दिनांक 25.8.18 के तहत सभी शाखाओं को तीन दिनों के अंदर संचिकाओं के निष्पादन का आदेश दिया गया था। लेकिन इस आदेश का पालन विवि के किसी भी कार्यालय में नहीं होता है।

छात्रों को परीक्षा विभाग का महीनों लगाना पड़ता है चक्कर

सबसे खराब स्थिति बीएनएमयू के परीक्षा विभाग का है। यहां प्रतिदिन छात्रों का किसी न किसी समस्या को लेकर जमावड़ा लगा रहता है। अभी हाल में ही एक बार फिर परीक्षा विभाग के लापरवाही का मामला सामने आया है। मामला डीएस कॉलेज कटिहार का है। पीजी मनोविज्ञान विभाग की छात्रा अदिति कुमारी को थर्ड सेमेस्टर दिसंबर 2016 की परीक्षा में एक अंक फेल कर दिया गया था। छात्रा ने अपने उत्तरपुस्तिका की रिटोटलिंग के लिए महाविद्यालय व विश्वविद्यालय में आवेदन जमा की। आवेदन जमा करने के लगभग 15 दिन बाद विवि से छात्रा को उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति उपलब्ध करवाया गया। उत्तरपुस्तिका की छाया प्रति का अवलोकन करने पर पता चला कि परीक्षक द्वारा प्रश्न संख्या 7 का प्राप्तांक 6 कुल अंक में नहीं जोड़ा गया है। छूटे अंक के कुल प्राप्तांक में जोड़ने के लिए अदिति ने नौ अक्टूबर को प्रतिकुलपति डॉ. फारुक अली के पास आवेदन दिया। आवेदन पर प्रति कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार को रिजल्ट में सुधार करने का निर्देश दिए। लेकिन पांच महीने के बाद भी अभी तक रिजल्ट में सुधार नहीं किया गया है। परीक्षा नियंत्रक पहले तो टेबलेटर उपलब्ध नहीं होने बात कहते थे, लेकिन अब वे कहते हैं कि उनके पास उत्तरपुस्तिका है ही नहीं।

परीक्षा बोर्ड की बैठक में उठा मामला, नहीं निकला निर्णय

परीक्षा विभाग में छात्रा अदिति के समस्या का समाधान नहीं होने पर मामला को परीक्षा बोर्ड की बैठक में भी रखा गया। जहां प्रति कुलपति द्वारा परीक्षा नियंत्रक को कॉपी देने की बात कही गई। लेकिन परीक्षा नियंत्रक कॉपी प्राप्त नहीं होने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया।

इससे पूर्व भी रिजल्ट में जल्द सुधार करने व संबंधित परीक्षक पर कार्रवाई के लिए प्रति कुलपति डॉ. फारुक अली ने दशहरा से पूर्व अपने कार्यालय में परीक्षा नियंत्रक को मौखिक आदेश दिए थे। लेकिन परीक्षा नियंत्रक पर प्रति कुलपति के आदेश का कोई असर नहीं हुआ। न तो उन्होंने रिजल्ट में सुधार किए और न ही संबंधित परीक्षक पर कोई कार्रवाई किए। उल्टे अब कॉपी नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। कुलपति डॉ. अवध किशोर राय ने कहा कि परीक्षा बोर्ड की बैठक में उन्हें मामले की जानकारी मिली है। छात्रा की कॉपी खोजने का निर्देश दिया गया है। कुलपति को आदेश दिए एक सप्ताह से अधिक समय हो चुका है। लेकिन इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

सिंडिकेट के सदस्यों का नहीं हुआ है चुनाव

विश्वविद्यालय में नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने, जिला स्तर पर एक परीक्षा भवन का निर्माण किए जाने, सिंडिकेट का चुनाव करवाने, विवि क्षेत्रांतर्गत क्रीड़ा महाविद्यालय की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण निर्णयों पालन नहीं हुआ है। हालांकि विवि के नॉर्थ कैंपस में परीक्षा भवन बनाया गया है, जबकि सहरसा व सुपौल में परीक्षा भवन बनाए जाने की कोई पहल नहीं की गई है। वहीं कई वर्ष से विवि में सिंडिकेट सदस्यों का चुनाव नहीं करवाया गया है।

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