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शहर के वार्ड-8, 9 व 12 में नाली की उड़ाही नहीं होने से लोगों को परेशानी

एक वर्ष पहले
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नगर परिषद सुपौल के विभिन्न वार्डों में नाली उड़ाही को लेकर नप प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। काफी दिनों से नाली की उड़ाही नहीं होने के कारण दूषित पानी का बहाव सड़क पर हो रहा है। इसके अलावे जगह-जगह नाली जाम है। लंबे समय से नाली में जमा दूषित पानी व नाली के बाहर सड़क पर बह रहा गंदा पानी लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा रही है। लोग विभिन्न बीमारी के शिकार भी हो रहे है। लेकिन नगर परिषद सुपौल स्थित वार्ड- 8, 9 व 12 सहित विभिन्न वार्डों में नियमित रूप से नाली की सफाई नहीं कराई जा रही है। लोहिया नगर चौक स्थित केरोसिन तेल डीपो से कोसी टेंट हाउस होते हुए विलियम्स हाई स्कूल रोड में वार्ड-9 के घरों में भी नाली का पानी प्रवेश कर रहा है। बताया जा रहा है कि उड़ाही अथवा सफाई कराए बगैर नाली के ऊपर ढ़क्कन का निर्माण करा दिया गया है। सफाई व उड़ाही के अभाव में जगह-जगह नाली जाम है। इधर, सुपौल-सहरसा मुख्य सड़क के पूरब दिशा में वार्ड-8 स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास से कांग्रेस कार्यालय तक काफी दिनों से नाली जाम है। कांग्रेस कार्यालय से डॉ. नवीन दास के घर तक मुख्यमंत्री नगर विकास योजना अंतर्गत गत 2012 में 21 लाख 6 हजार 864 रुपये की लागत से निर्मित पक्की नाली की सफाई भी नहीं हो रही है। इस कारण सड़क किनारे होकर गुजरने वाले लोग नाक पर रुमाल अथवा कपड़ा रख कर आवागमन करने को विवश हो रहे है। वार्ड-12 स्थित कोसी रोड में स्व. फते बाबू के घर से शिव मंदिर तक लगभग 3 साल से नाली की उड़ाही नहीं हुई है।

20 सफाईकर्मियों को प्रतिदिन नाली सफाई के दिए गए निर्देश

नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में नाली की सफाई उड़ाही के लिए 20 सदस्यीय टीम गठित है। टीम में शामिल 20 सफाईकर्मियों को प्रतिदिन नाली की सफाई के लिए निर्देश दिया गया है। उड़ाही अथवा सफाई के प्रति लापरवाही बरतने वाले सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शीघ्र ही शहर के नालियों की उड़ाही होगी।
-भवेश कुमार, ईओ नप सुपौल

नियमित नाली की सफाई जरूरी, नहीं तो डायरिया व मलेरिया जैसे रोग


नाली के दूषित पानी से न केवल मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है बल्कि जल जनित बीमारियां भी फैलती है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, डायरिया, उल्टी-दस्त, मियादी बुखार जैसे रोग के लोग शिकार होते हैं। नाली की नियमित सफाई करनी चाहिए। जल जनित बीमारियों से बचने के लिए नाली पर ढक्कन भी जरूरी है।
-डॉ. सीके प्रसाद, सदर अस्पताल, सुपौल

वार्ड-12 में जाम ढक्कन विहीन नाली।
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