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कोरोना वायरस के खतरे को लेकर निजी स्कूल व कोचिंग अलर्ट नहीं, आदेश के बावजूद खुले रहे
विश्व जनसमुदाय के लिए परेशानी का सबब बना कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बिहार सरकार ने 31 मार्च तक राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज व प्राइवेट शिक्षण संस्थान को बंद करने का आदेश दिया है। लेकिन त्रिवेणीगंज अनुमंडल में संचालित कई प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान सरकार के आदेश की शनिवार को खुले आम धज्जियां उड़ाते नजर आए। आज जबकि सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने में लगी है। वहीं प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कोराेना वायरस के रोकथाम के लिए सरकार द्वारा 31 मार्च तक बंदी के लिए गए निर्णय के बाद शनिवार को पत्रकारों ने त्रिवेणीगंज में संचालित निजी स्कूलों व कोचिंगों का पड़ताल की तो तीन स्कूल व एक कोचिंग में पठन-पाठन का कार्य चल रहा था। इस संबंध में जब चिलौनी नदी के समीप संचालित कोचिंग संस्थान के संचालक से जब पूछा गया तो उन्होंने कोरोना वायरस के प्रति सजगता दिखाने की बजाय देख लेने की धमकी देने लगे।
अवहेलना करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई
एसडीएम विनय कुमार सिंह ने पूछने पर बताया कि सरकार के आदेश की अवहेलना करने वाले एेसे प्राइवेट स्कूल व कोचिंग के संचालक पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ये प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान थे खुले
9:40 बजे रुद्रा पब्लिक स्कूल, 9:59 बजे शिवम पब्लिक स्कूल, 10:18 बजे प्रगति आवासीय पब्लिक स्कूल और 10:35 पंकज कुमार के प्राइवेट कोचिंग खुले थे। शिवम पब्लिक स्कूल प्रबंधक पवन कुमार ने बताया कि उन्हें रात को सूचना मिली थी। लेकिन बच्चे विद्यालय आ गए। रुद्रा पब्लिक स्कूल के संचालक ने तो पत्रकारों को देख छुट्टी दे दी। जबकि प्रगति स्कूल में भी पढ़ाई हो रही थी। प्रबंधक ने कहा कि सूचना नहीं थी। कोचिंगे संचालक पंकज कुमार से पूछा गया तो वे भड़क उठे और मुकदमे में फंसाने की धमकी दीे।
पड़ताल के दौरान स्कूल खुले रहने के बाबत पूछने पर संचालक ने दी धमकी
आवासीय प्रगति स्कूल में पढ़ाते शिक्षक।
चिलौनी नदी के समीप कोचिंग संस्थान में हो रही पढ़ाई।
शिवम पब्लिक स्कूल में क्लास लेते शिक्षक।
रुद्रा पब्लिक स्कूल में पढ़ते बच्चे।