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85 लाख की योजना में पीआरएस ने ली 13 लाख रिश्वत मुखियापति ने कहा-5% देंगे, पीओ को भी देना पड़ता है

Supaul News - अभयनंद कुमार दीपक | राघोपुर सरकार के लाख प्रयास के बावजूद सरकारी योजनाएं धरातल पर शत-प्रतिशत नहीं उतर पाती है।...

Dec 04, 2019, 09:05 AM IST
अभयनंद कुमार दीपक | राघोपुर

सरकार के लाख प्रयास के बावजूद सरकारी योजनाएं धरातल पर शत-प्रतिशत नहीं उतर पाती है। खासकर मजदूरों को कम से कम सौ दिन का रोजगार देने वाली सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी योजना मनरेगा लूट का पर्याय बन चुकी है। योजना के क्रियान्वयन के जिम्मेवार ही मिल-बांटकर राशि लूटने में जुटे हुए हैं। इसकी पूरी हकीकत भास्कर स्टिंग में सामने आई है। स्टिंग में यह बात सामने आई है कि 85 लाख की योजना में 13 लाख पीआरएस ने रिश्वत ली। मुखिया पति ने कहा-पांच फीसदी ही कमीशन देंगे, क्योंकि पीओ और पीटीओ को भी देना पड़ता है।

स्टिंग में योजना से जुड़े अधिकारी से लेकर मुखिया एवं उनके प्रतिनिधि खुद बता रहे हैं कि मनरेगा योजना का 30 प्रतिशत राशि ही कार्य पर खर्च किया जाता है। बांकी रूपए योजना के जिम्मेवार आपस में बांट लेते हैं। इस मामले को लेकर बीते माह पहले पीटीए मनरेगा धर्म प्रकाश मल्लिक के प्रखंड कार्यालय स्थित आवास पर देवीपुर पंचायत के पीआरएस अवधेश साह, देवीपुर पंचायत के मुखिया बिन्दुवाला गुप्ता के पति सूरज साह के साथ अन्य विभागीय कर्मी की बैठक मुखिया पति एवं पीआरएस के विवाद को सुलझाने के लिए हुआ था। जिसे भास्कर प्रतिनिधि ने कैमरे में कैद कर लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मुखिया पति एवं पीआरएस के बीच योजना राशि के बंटवारे को लेकर हुए विवाद को सुलझाना था, जिसमें पीआरएस अवधेश साह का कहना था कि हम जितना भी योजना पंचायत के करवाएंगे, उसमें प्राक्कलित राशि का 10 प्रतिशत रिश्वत के रूप में लेंगे। मुखिया पति सूरज साह का कहना था कि हम 5 प्रतिशत से अधिक रिश्वत नहीं देंगे, क्योंकि हमें मनरेगा पीओ एवं पीटीए को भी देना पड़ता है।

पीटीए मनरेगा धर्म प्रकाश मल्लिक के प्रखंड कार्यालय स्थित आवास पर बीते माह हुई थी बैठक

राघोपुर में रिश्वत की राशि को लेकर बात करते पीटीए (गंजी में) और पीआरएस विवेकानंद ठाकुर।

मुखिया 5 प्रतिशत देने को थे राजी, लेकिन पीआरएस 10 प्रतिशत पर थे अड़े

जब उक्त कुल 13 लाख की राशि की मांग पीआरएस से की गई तो पीआरएस अवधेश कुमार ने कहा कि उक्त राशि कमीशन में काट लिया गया। अब वह राशि नहीं मिलेगा। इसी मामले को लेकर मुखिया एवं पीआरएस में विवाद चल रहा था। वहीं बैठक के दौरान मुखिया पति ने पीआरएस अवधेश साह से कहा कि हम 5 प्रतिशत से ज्यादा पिसी नहीं देंगे। वहीं पीआरएस ने कहा कि हम 10 प्रतिशत से कम पिसी नहीं नहीं लेंगे। मुखिया पति ने कहा कि 10 प्रतिशत पिसी ज्यादा हो जाता है। क्योंकि पीओ, पीटीए को भी पिसी देना पड़ता है।

रिश्वत की राशि को लेकर पीआरएस से बात करते मुखियापति।

85 लाख की योजना में पीआरएस ने लिया 13 लाख कमीशन

इस बैठक में कुछ देर की वार्ता के बाद पता चला कि विवाद का मुख्य कारण पीआरएस द्वारा पंचायत में मनरेगा से योजना करवाने के बदले 13 लाख रूपए रिश्वत लेने का था। इसको लेकर मुखिया पति का कहना था कि पंचायत के पीआरएस द्वारा 85 लाख का मनरेगा से योजना कराया गया था, जिसमें मुखिया पति ने अपने स्तर से मजदूर का भुगतान कर दिया। वहीं जब विभाग द्वारा रूपए मजदूर को भेजा गया तो मुखिया पति ने मजदूर से रूपए ले लिए। लेकिन मैटेरियल का रूपया दो वाउचर के माध्यम से पीआरएस ने अपने एक रिश्तेदार सरायगढ़-भपटियाही निवासी प्रमोद कुमार नामक व्यक्ति के खाता में डलवा लिया। इसमें पहला 8 लाख का वाउचर एक बार लगाकर रूपए अपने रिश्तेदार के खाते में रूपए डलवा लिया। इसके बाद दोबारा 5 लाख का वाउचर लगाकर अपने उसी रिश्तेदार प्रमोद कुमार के खाते में विभाग से डलवा दिया।

जांच कर होगी कार्रवाई

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। वीडियो एवं आवाज सुनने से तो लग रहा है कि इस तरह का बात हुई है। मामला संज्ञान में आया है। वीडियो देखने एवं जांच कराने के बाद वीडियो के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आलोक चंद्र रंजन, मनरेगा पीओ

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