सड़क-बिजली में समृद्ध, मेडिकल कॉलेज व एयरपोर्ट चाहिए
वर्तमान : जिले से गुजरते हैं छह एनएच, सफर हुआ आसान
आज सड़क के मामले में जिले ने काफी विकास कर लिया है। जिले से छह राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। सड़क-बिजली के मामले में सुपौल समृद्धशाली बन चुका है। जिले में बिजली की सुविधा काफी बेहतर है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में निचले पायदान पर खड़े सुपौल जिले में आज एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, एएनएम कॉलेज के अलावा प्राइवेट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, अच्छे-अच्छे निजी स्कूल हैं। इंजीनियर बनने के लिए छात्रों को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं है।
भविष्य: सेंट्रल स्कूल का निर्माण जल्द मेडिकल कॉलेज हेतु जमीन की तलाश
सड़क-बिजली, शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में खड़ा सुपौल जिला में वह दिन दूर नहीं जब मेडिकल कॉलेज, सेंट्रल स्कूल और वीरपुर में हवाई अड्डा चालू हो सकता है। मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। सेंट्रल स्कूल निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्रालय से स्वीकृति मिल चुकी है। सेंट्रल स्कूल निर्माण की प्रक्रिया जल्द चालू कर दी जाएगी। जबकि वीरपुर हवाई अड्डा के जीर्णोद्वार को लेकर भी कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शहर में नाली व्यवस्था, सीवेज सिस्टम को भी डेवलप करने की जरूरत है।
भूत : 30 साल पहले आवागमन के साधन थे कम, टमटम से होती थी यात्रा
30 साल पहले ऊबर-खाबड़ सड़कें, टमटम पर बैठे लोग यहां की यातायात की पहचान थी। तब ज्यादा साधन भी नहीं थे। 30 साल गुजरते-गुजरते यह तमाम साधन इतिहास के पन्नों में दब गया। आज लग्जरी वाहन, ई-रिक्सा से लोग एक जगह से दूसरे जगह आते-जाते हैं। सड़कें ऐसी कि बाहर से आने वाले लोग भी इस जिले की सड़कों को देख भौंचक रह जाते हैं। इतना ही नहीं जिला मुख्यालय ने 30 साल पहले हाट और गुदरी बाजार के रूप में अपनी पहचान बना ली थी, आज जिला मुख्यालय मेें विभिन्न कंपनियों का शोरूम, मॉल, बड़े-बड़े प्रतिष्ठान विकास की कहानी बयां कर रही है।
कहा- कभी हाट और गुदरी बाजार के रूप में थी सुपौल की पहचान, आज खुल चुके हैं बड़े-बड़े प्रतिष्ठान
सु पौल आज जिले का 30वां स्थापना दिवस है। इस दौरान जिले ने विकास के कई आयाम गढ़े। जिला स्थापना के समय सुपौल जहां हाट सा दिखता था। अब जिले ने काफी विकास कर लिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर सड़क परिवहन में काफी सुविधाएं बढ़ी हैं। ट्रेन सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इंजीनियरिंग कॉलेज खुल चुका है। मेडिकल कॉलेज की प्रक्रिया जारी है। अब भी कई काम होने बाकी हैं। शहर में नाले, सीवरेज सिस्टम, डंपिंग जोन को विकसित करना होगा। इसके साथ ही यहां एयरपोर्ट की भी जरूरत है।
प्रो. अवनिंद्र सिंह
प्राचार्य, एसएनएस महिला
कॉलेज, सुपौल