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- Chhatapur News Road Connecting The Population Of 50 Thousand Could Not Be Completed Even After 12 Years Of Kusha Tragedy
कुसहा त्रासदी के 12 वर्ष बाद भी नहीं बन सकी 50 हजार की आबादी को जोड़ने वाली सड़क
कुसहा त्रासदी में माधोपुर पंचायत के वार्ड-14 में ध्वस्त सड़क का निर्माण नहीं
2008 में हुए कुसहा त्रासदी से क्षेत्र के लोग 12 वर्ष बाद भी नहीं उबर सके हैं। अब भी कुसहा त्रासदी के दौरान हुए विनाश लीला के निशान हरे हैं। जिससे सूबे की सरकार द्वारा पहले से बेहतर कोसी बनाने के दावे की पोल खुलने लगी है। प्रखंड के माधोपुर पंचायत स्थित हरिहरपुर की मुख्य ग्रामीण सड़क 2008 में आए कुसहा त्रासदी में ध्वस्त होकर तलाब में तब्दील हो गई थी। जो 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक ज्यों की त्यों है। तालाब में तब्दील सड़क का अब तक दोबारा निर्माण नहीं कराया जा सका है। जिससे लोगों में आक्रोश रोष है। 18 अगस्त 2008 को कुसहा त्रासदी ने प्रखंड के कई पंचायत के मुख्य सड़क को ध्वस्त कर दिया था। इसी दौरान माधोपुर पंचायत के वार्ड-14 में सड़क ध्वस्त हो गया था और बड़ा गड्ढा बन गया था। जहां दोबारा सड़क निर्माण कराने को लेकर लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक से गुहार लगाई। लेकिन लोगों को हर स्तर केवल आश्वासन मिला। मालूम हो कि यह सड़क माधोपुर के महद्दीपुर बाजार मेला ग्राउंड चौक से निकलकर हरिहरपुर मुस्लिम टोला, राम टोला, यादव टोला, मंडल टोला, ब्राह्मण टोला से गुजरती हुई रामपुर और झखाड़गढ़ पंचायत होते हुए मुख्यालय बाजार को जोड़ती है। करीब 50 हजार की आबादी को जोड़ने वाली सड़क नहीं बनने से लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सड़क करीब 400 फिट की लंबाई और 100 फिट से अधिक चौड़ाई में 35 फिट गहरे गड्ढे में तब्दील है।
सड़क निर्माण का कराया जाएगा प्रयास
इस बाबत अारडीअो अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। अपने स्तर से सड़क निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक ने ग्रामीणों को कई बार निर्माण का दिया आश्वासन
हरिहरपुर के खुर्शीद खान ने कहा कि स्थानीय विधायक द्वारा कई बार सड़क बनाने का आश्वासन दिया गया। वहीं महादलित टोला के समाजसेवी रामानंद राम, दयानंद राम, सुशील राम, माधोपुर पंचायत के उप मुखिया बिरेन यादव, वार्ड सदस्य ललित मंडल, समाजसेवी राजिंद्र प्रसाद सिंह, उत्तम लाल सादा, डोमी सादा, फूलो सादा, बेचन मंडल, रामचंद्र मंडल, अरुण मेहता ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी के लिए 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण नहीं कराया जाना सरकार के दावे की पोल खोल रहा है। अगर विधान सभा चुनाव से पहले दोबारा सड़क निर्माण नही हुआ तो हमलोग वोट का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। पूर्व मुखिया इशरत परवीन ने बताया कि पंचायत में इतनी बड़ी राशि उपलब्ध नहीं रहने के कारण यह सड़क पंचायत मद से नहीं बनाई जा सकी। वहीं वर्तमान मुखिया सरयुग मंडल ने कहा कि पंचायत को इतनी बड़ी राशि नहीं है।
छातापुर में ध्वस्त सड़क के स्थान पर बना गड्ढा।