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जिले में जल्द मलबरी कोकून से धागा निर्माण के लिए रिलिंग सेंटर होगी स्थापित

Supaul News - जिले के मलबरी रेशम उत्पादकों की मेहनत रंग लाने लगी है। जिले के किसानों द्वारा उत्पादित मलबरी कोकून से जीविका के...

Aug 30, 2019, 10:00 AM IST
Triveniganj News - the district will soon have a drilling center for the manufacture of thread from mulberry cocoon
जिले के मलबरी रेशम उत्पादकों की मेहनत रंग लाने लगी है। जिले के किसानों द्वारा उत्पादित मलबरी कोकून से जीविका के द्वारा रेशम के धागे एवं सिल्क साड़ियों का निर्माण कराया जाने लगा है। इसके लिए जल्द ही जिले में मलबरी कोकून से धागा निर्माण इकाई यानी रिलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे जिले के मलबरी किसानों को काफी लाभ पहुंचेगा।

यह जानकारी जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक अजय कुमार ओझा ने बुधवार को अनुमंडल मुख्यालय स्थित जीविका कार्यालय सभागार में मलबरी का उत्पादन बढ़ाने के लिये किसानों को प्रोत्साहित करने व फसल के न्यूतम समर्थन मूल्य दिलाने को लेकर जिलास्तरीय समीक्षात्मक बैठक में दी।

समीक्षा बैठक में जीविका के राज्य कार्यालय से आए मलबरी कन्सल्टेंट डॉ आरके पांडेय ने कहा कि सुपौल में मलबरी रेशम उत्पादन के लिए अनुकूल मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पहल पर यह परियोजना शुरू की गई। यह परियोजना जीविका के अलावे मनरेगा एवं उद्योग विभाग की मदद से क्रियान्वित की जा रही है। परियोजना के तहत मलबरी की खेती कर रहे किसानों को कई तरह की वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मलबरी परियोजना के क्रियान्वयन में सुपौल अन्य जिलों की तुलना में काफी आगे है। वहीं जिला वित्त प्रबंधक सत्येंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में वर्ष 2014-15 में जीविका के माध्यम से जिले के पांच प्रखंडो में मुख्यमंत्री कोसी मलबरी परियोजना शुरू की गई थी। यहां करीब एक हजार किसानों को इस परियोजना से जोड़ने के लक्ष्य की तुलना में अब तक 936 किसानों को मलबरी की खेती से जोड़ा जा चुका है। इसमें त्रिवेणीगंज में 264, बसंतपुर में 347, छातापुर में 213, सरायगढ़ में 64 एवं किसनपुर में 48 किसान मलबरी की खेती कर रहे हैं। समीक्षा बैठक में किसनपुर प्रखंड के बीपीएम पवन कुमार, त्रिवेणीगंज प्रखंड के जीविकोपार्जन विशेषज्ञ अवधेश कुमार, क्षेत्रीय समन्वयक राजीव कुमार, प्रशांत कुमार, सामुदायिक समन्वयक निशा कुमारी, रूपम कुमारी, चंदन कुमार, बबिता कुमार, कंचन कुमारी, लेखापाल अजीत कुमार के अलावे सभी पांच प्रखंडो से आए मलबरी बीआरपी शामिल थे।

खुशखबरी : 120 क्विंटल कोकून का उत्पादन के साथ राज्यभर में सुपौल अव्वल

त्रिवेणीगंज में बैठक करते जीविका के अधिकारी व अन्य।

कोकून से जिले में ही तैयार होगा रेशम धागा

मौके पर जीविका के सामाजिक विकास प्रबंधक अमरजीत कुमार ने कहा इस वर्ष जिले में 500 नए किसानों को मलबरी की खेती से जोड़ा जा रहा है। परिणाम स्वरूप मलबरी उत्पादकों की संख्या बढ़कर डेढ़ हजार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 120 क्विंटल कोकून का उत्पादन हो चुका है। कोकून उत्पादन के मामले में सुपौल पूरे राज्य में अव्वल रहा है। रिलिंग सेंटर स्थापित होने से यहां के किसानों द्वारा उत्पादित कोकून से जिले में ही रेशम का धागा तैयार होने लगेगा। उसके बाद इन धागों से सिल्क साड़ी सहित अन्य वस्तुओं का निर्माण किया जाएगा। मौके पर छातापुर के बीपीएम रामबाबू ने कहा कि फिलहाल यहां के उत्पादित कोकून को पश्चिम बंगाल के मालदा में ले जाकर बेचा जाता है। जिससे किसानों को उचित कीमत भी नही मिल पाती है। इससे किसानों में मायूसी रहती है। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि धागा निर्माण केंद्र स्थापित हो जाने से रेशम उत्पादकों को कोकून की अच्छी कीमत मिलेगी।

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