- Hindi News
- National
- Supaul News Vis The Foundation Stone For The Third Mahasetu On Kosi Before The Election Will Be 14 Km Less Distance From Supaul To Madhubani
िवस. चुनाव पूर्व कोसी पर तीसरे महासेतु का हो सकता है शिलान्यास, 14 किमी कम होगी सुपौल से मधुबनी की दूरी
वर्तमान में निर्मली प्रखंड होते कोसी महासेतु के रास्ते हो रहा आवागमन
जिले के दो प्रखंडों को मिलाकर बने सुपौल विधानसभा क्षेत्र का एक प्रखंड कोसी महासेतु बन जाने के बाद भी पहले जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। आज भी मरौना प्रखंड के लोग निर्मली प्रखंड होते हुए कोसी महासेतु के रास्ते जिला मुख्यालय आते हैं। सूत्र बताते हैं कि सुपौल विधानसभा क्षेत्र के मरौना प्रखंड के 13 पंचायतों के लोगों को सीधे रूप से जिला मुख्यालय के जोड़ने के लिए पूर्वी कोसी तटबंध के बैरिया मंच के पास से मुंगरार होते नए पुल बनाने का प्रारूप तैयार हो चुका है। विधानसभा चुनाव से पहले तीसरे पुल का शिलान्यास किया जा सकता है। पुल निर्माण हो जाने के बाद मरौना के लोगों को ही नहीं मधुबनी के लोगों को भी सुपौल सहित अन्य जगहों पर आने जाने के लिए कम दूरी तय करनी होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त पुल निर्माण का राज्य सरकार से लगभग हरी झंडी मिल चुकी है। पुल निर्माण को लेकर डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है। आवंटन के बाद पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
सुपौल सदर प्रखंड का पूर्वी कोसी तटबंध स्थित बैरिया मंच, जहां से बनना है तीसरा कोसी महासेतु।
राजीव कुमार झा| सुपौल
जिले को जल्द एक और बड़ी सौगात मिलेगी। जिले में कोसी नदी पर विधानसभा चुनाव से पहले तीसरे महासेतु का शिलान्यास होगा। इसको लेकर विभागीय तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इसके निर्माण के बाद कोसी नदी में सुपौल जिले की सीमा से तीन महासेतु गुजरेगी।
इसमें किसनपुर थाना क्षेत्र में एनएच-57 पर पूर्व में निर्मित कोसी महासेतु पर यातायात चालू है, जबकि देश के सबसे लंबे सड़क पुल के रूप में कोसी नदी पर दूसरे महासेतु का निर्माण मधुबनी के भेजा एवं सुपौल के बकौर के बीच शुरू है। इसके बाद सुपौल के बैरिया मंच से मरौना के बीच बनने वाले तीसरे कोसी महासेतु के शिलान्यास की विभागीय कागजी प्रक्रिया करीब पूरी हो चुकी है। यह पुल करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा होगा। इस महासेतु के बनने से सुपौल से मधुबनी की दूरी 14 किलोमीटर और दरभंगा की दूरी 20 किलोमीटर कम हो जाएगी। अभी सुपौल से मधुबनी की दूरी 110 किलोमीटर है।
महासेतु के निर्माण के बाद 13 पंचायत के लोग सीधे मुख्यालय से जुड़ेंगे
18 साल पहले जब कोसी नदी पर एक साथ रेल और सड़क महासेतु की आधारशिला रखी गई थी तो लोगों को यह यकीन नहीं हो रहा था कि दो भागों में विभक्त मिथिलांचल एक हो पाएगा, लेकिन सड़क महासेतु बनने और यातायात चालू होने के बाद लोगों का सपना पूरा हो गया। यह सपना अभी पूरा ही हुआ था कि केंद्र सरकार ने देश में सबसे लंबा पुल कोसी में बनाने का निर्णय लिया और पुल निर्माण का कार्य भी चालू हो गया है। दूसरे सड़क महासेतु का अभी निर्माण ही शुरू हुआ कि एक नए पुल बनाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। जानकार बताते हैं कि कोसी सड़क महासेतु, बकौर में बन रहे देश का सबसे लंबा पुल के बीच में बैरिया मंच के पास इस महासेतु का निर्माण कराया जाएगा। इससे 13 पंचायत के लोगों को फायदा होगा।
मधुबनी और दरभंगा जिले को भी फायदा
बैरिया मंच के पास से बनने वाला महासेतु लगभग डेढ़ किमी लंबा होगा। पुल के दोनों तरफ एप्रोच पथ का निर्माण कराया जाएगा। पुल निर्माण होने के बाद सुपौल विधान सभा क्षेत्र के मरौना प्रखंड के लोगों को ही नहीं बल्कि मधुबनी एवं दरभंगा जिले के कई गांवों के लोगों को सुपौल आने के लिए न सिर्फ कम दूरी तय करनी होगी, बल्कि आर्थिक बचत भी होगा।
इस महासेतु के निर्माण केे बाद दरभंगा की दूरी भी 20 किमी होगी कम
तीसरा महासेतु
दूसरा महासेतु
कोसी नदी स्थित दूसरे महासेतु का निर्माण मधुबनी के भेजा एवं सुपौल के बकौर के बीच शुरू
पहला महासेतु
किसनपुर थाना क्षेत्र में एनएच-57 पर पूर्व में निर्मित कोसी महासेतु पर यातायात चालू