मंगलवार की रात नौ बजे से बुधवार सुबह तक विजिबिलिटी रही 3 मीटर, 19 को बारिश के आसार

Supaul News - जिले में मगंलवार की शाम से बुधवार की सुबह तक सर्दी के इस सीजन का अब तक सबसे घना कोहरा था। जब शहरी क्षेत्र में सड़कों...

Jan 16, 2020, 09:35 AM IST
Supaul News - visibility from 9 am on tuesday night to 3 m on wednesday rain expected on 19th
जिले में मगंलवार की शाम से बुधवार की सुबह तक सर्दी के इस सीजन का अब तक सबसे घना कोहरा था। जब शहरी क्षेत्र में सड़कों पर रात करीब नौ बजे ही विजिबिलिटी पांच मीटर से भी कम रही। जबकि सूनसान इलाकों में रात नौ बजे ही विजिबिलिटी 3 मीटर के पास रही। शाम पड़ते ही कुहासा छाने लगा था। जो रात गहराने के साथ धीरे-धीरे घना होता गया।

इससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर रात में वाहन रेंगते दिखे। दूसरी ओर बुधवार की सुबह भी शीतलहर जारी रहा। सुबह करीब 11 बजे के बाद धूप निकली। हालांकि पछ़ुआ हवा 5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती रही। बावजूद कनकनी में काफी कमी आई है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। मंगलवार को तापमान सामान्य से 6 डिग्री कम अधिकतम 17.4 और न्यूनतम 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड की गई। सापेक्षित आर्द्रता 89 प्रतिशत रहा। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 21 एवं न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा।

आज भी रहेगा कोल्ड डे

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार का दिन भी कोल्ड डे रहेगा। साथ ही कुहासा भी छाया रहेगा। जबकि शुक्रवार को 11 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पछुआ चलने की संभावना है। जबकि शनिवार को एक और रविवार को 4 एमएम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 12, शुक्रवार को अधिकतम 22 एवं न्यूनतम 15, शनिवार को अधिकतम 20 एवं न्यूनतम 14 रहने की संभावना है। जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।

शहर ने ओढ़ी कोहरे की चादर
06 डिग्री कम रहा सामान्य से अधिकतम तापमान

10.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम, 89 % आर्द्रता

05 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं

11 बजे बुधवार की सुबह निकली धूप, पर राहत नहीं

सुपौल शहर में सुबह 8:08 बजे छाया कुहासा।

अगले दो दिनों में फिर से बढ़ेगी कनकनी

कृषि विश्वविद्यालय सबौर के सहरसा अंतर्गत अगवानपुर स्थित अनुसंधान केन्द्र के कनीय कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. देवन कुमार चौधरी ने कहा कि लोकल कंडीशन के कारण अभी धुंध की स्थिति रहेगी। आने वाले दो दिनों में फिर से पछ़ुआ हवा रफ्तार पकड़ेगी। जिससे कनकनी में वृद्धि होगी।

‘फसल को बचाने के लिए करें दवा का छिड़काव’

कृषि विवि सबौर के सहरसा अंतर्गत अगवानपुर स्थित अनुसंधान केन्द्र के मौसम वैज्ञानिक अशोक पंडित ने बताया कि शुष्क मौसम को ध्यान में रखते हुए 15 से 30 नवंबर के बीच बुआई की गई गेहूं की फसल में आवश्यकतानुसार दूसरी या तीसरी सिंचाई करनी चाहिए। तीसरी सिंचाई के बाद यूरिया का छिड़काव करना चाहिए। दिसंबर में बोए गए गेहूं की फसल में बुआई के 25 से 30 दिन बाद पहली सिंचाई के 4-5 दिन बाद खरपतवारनाशी दवा का छिड़काव करना चाहिए। 50 से 55 दिन की हो चुकी मक्के की फसल को 50 किलोग्राम यूरिया प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। उसके तुरंत बाद मिट्टी चढ़ाकर सिंचाई करें। सरसों एवं राई में लाही कीड़े की रोकथाम के लिए इमीडाक्लोरपीड की 0.25 एमएल या डाईमेथोएट 30% की एक एमएल प्रति लीटर के हिसाब से पानी में घोल कर छिड़काव करना चाहिए। आलू की फसल में ब्लाइट रोग के लिए नियमित निगरानी करें। अगर, रोग संक्रमण होता है तो डायथेन एम-45 दो ग्राम या रेडोमिल डेढ़ ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें। अगर, आलू की फसल में कटा हुआ कीट का प्रकोप देखने को मिले तो क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी ढाई किलोग्राम एक हजार लीटर पानी में मिला कर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव करें।

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