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शनाया ट्वेन /बचपन से था गाने का शौक, 10 साल की उम्र में लिखने लगीं गाने; बनीं क्वीन ऑफ कंट्री पॉप

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 12:40 PM IST


biography personal life and inspirational story of pop singar shania twain
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biography personal life and inspirational story of pop singar shania twain

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 12:40 PM IST

केवल 10 साल की उम्र में ही इन्होंने गाने लिखने शुरू कर दिए थे। 1997 में कम ऑन ओवर एल्बम रिलीज हुआ, जिसके 40 मिलियन रिकॉर्ड्स बिके थे। इससे पहले किसी फीमेल आर्टिस्ट ने ऐसी सफलता नहीं देखी थी। शनाया ट्वेन का असली नाम इलीन रेजीना एडवर्ड्स था। उनका जन्म 28 अगस्त 1965 को विंडसर, ओंटेरियो, कनाडा में हुआ। जब वे बहुत छोटी थीं तभी माता-पिता का तलाक हो गया था। लेकिन मां शेरॉन ने जेरी ट्वेन के साथ जल्द ही दूसरी शादी कर ली। जेरी ने शेरॉन की तीनों बेटियों को एडॉप्ट कर लिया था।

  • तीन साल की उम्र से ही गाती थीं गाने

    तीन साल की उम्र से ही गाती थीं गाने

    शनाया का पालन-पोषण एक छोटे-से शहर टिमिन्स में हुआ, जो ओंटेरियो में था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। शनाया को स्कूल टिफिन में ब्रेड और मस्टर्ड सॉस मिलती थी, जिसे गरीबों का नाश्ता कहा जाता था। उन्हें बचपन में केवल एक ही चीज से खुशी मिलती थी, वो था संगीत। वे 3 साल की उम्र से ही गाने गाया करती थीं। 8 साल की थीं जब गिटार बजाना शुरू कर दिया था और 10 साल की उम्र में गाने लिख भी लेती थीं। मां शेरॉन भी बेटी के शौक को प्रोत्साहित करती थीं। मां के प्रोत्साहन की वजह से ही शनाया ने क्लब्स और छोटे इवेंट्स में गाना शुरू कर दिया था। कई बार उन्हें टीवी और रेडियो पर गाने का मौका भी मिलता था।

  • कमाने के लिए रिजॉर्ट में गाया

    कमाने के लिए रिजॉर्ट में गाया

    जब 18 की हुईं तो उन्होंने तय किया कि टोरंटो जाकर संगीत में ही करियर बनाएंगी। उन्हें काम भी मिला, लेकिन उससे कमाई इतनी नहीं हो पाती थी कि वे अपने खर्चे उठा सकें। 1987 में एक कार दुर्घटना में उनके माता-पिता का निधन हो गया। शनाया को तब गहरा सदमा लगा। अपने तीन छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह उन्हीं पर थी। हताश शनाया अपने शहर टिमिन्स वापस लौट गईं और वहीं एक रिजॉर्ट में गाना गाकर पैसे कमाने लगीं। लेकिन उनके मन में तो अपना संगीत बनाने की इच्छा बसी हुई थी। वे अपने खाली समय में गाने लिखा करती थीं।

  • पचास हफ्ते तक राज करता रहा कम ऑन ओवर एल्बम

    पचास हफ्ते तक राज करता रहा कम ऑन ओवर एल्बम

    एक दिन उनका डेमो देखकर पॉलीग्राम ने उन्हें साइन कर लिया। उन्हें शनाया का काम तो पसंद आया लेकिन उनका नाम इलीन ट्वेन पसंद नही आया। आखिर उनका नाम शनाया ट्वेन रखा गया। 1993 में पहला एल्बम शनाया ट्वेन के नाम से ही रिलीज हुआ। यह कुछ खास नहीं चला। इसी साल 28 दिसंबर 1993 को शनाया ने संगीत निर्माता रॉबर्ट जॉन मुट लैंग से शादी कर ली। 1995 में उनका नया एल्बम वुमन इन मी आया। यह बेहद सफल रहा। साल 1997 में आए एल्बम कम ऑन ओवर ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। 1999 में उनके एल्बम यू आर स्टिल द वन को 2 ग्रैमी अवॉर्ड्स मिले। बिलबोर्ड्स कंट्री चार्ट पर भी ये टॉप पर था। अगले ही साल उन्हें कम ऑन ओवर के लिए भी 2 ग्रैमी मिले। कम ऑन ओवर लगातार 50 हफ्तों तक राज करता रहा। इसे आज भी ऑलटाइम बेस्ट-सेलिंग कंट्री एल्बम माना जाता है।

  • 2008 में आ गई थी वोकल मसल्स में खराबी

    2008 में आ गई थी वोकल मसल्स में खराबी

    कम ऑन ओवर की रिकॉर्ड तोड़ सफलता के बाद शनाया ने वर्ल्ड टूअर किया और अंतरराष्ट्रीय सितारा बन गईं। 2002 में अप रिलीज हुआ। ये उनके पहले के एल्बम्स के मुकाबले कम चला। लैंग से उन्हें एक बेटा भी हुआ। दिसंबर 2010 को शनाया और लैंग ने तलाक ले लिया और दोनों अलग हो गए। इसके बाद साल 2011 में शनाया ने नेस्ले के एग्जीक्यूटिव फ्रेडरिक थेबॉड से शादी कर ली। 2008 में उनके वोकल मसल्स में खराबी आने लगी। उन्हें गाने में तकलीफ होती थी। इलाज के बाद 2012 में वे पूरी तरह ठीक हो गईं। 2015 में उन्होंने अपने एक शो का लाइव एल्बम रिलीज किया। साथ ही यह घोषणा भी की कि जिस दिन वे 50 साल की होंगी उस दिन भी एक नया एल्बम रिलीज करेंगी। 
    इनके जीवन से मिली ये सीख

    • जो चाहते हैं उसे पाने की जिद कीजिए।
    • आज अगर कुछ गलत है तो कल जरूर ठीक होगा।
    • अगर ठान लिया है तो आप कुछ भी कर सकते हैं।

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