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मयंक वैद / एल्कोहॉलिक, ओवरवेट और देर रात तक जागते थे, अब कहलाते हैं वर्ल्ड्स फास्टेस्ट इंडियन



Mayank Vaid became the 44th and first Asian athlete in the world to complete the 463 km long Enduroman race
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Mayank Vaid became the 44th and first Asian athlete in the world to complete the 463 km long Enduroman race

  • मयंक वैद 463 किलोमीटर लंबी एंड्यूरोमैन रेस पूरी करने वाले दुनिया के 44वें और एशिया के पहले एथलीट बने

Dainik Bhaskar

Sep 21, 2019, 08:07 PM IST

लाइफ-मैनेजमेंट डेस्क. मयंक वैद एक दिन अपने बेटे को स्कूल बस तक छोड़ने के लिए गए और वहीं से अपने पड़ोसी डेविड गेदिंग को बधाई देने पहुंच गए। डेविड ट्रायएथलीट थे और लोकल न्यूजपेपर में उनकी न्यूज़ छपी थी। डेविड नॉर्थ कोरिया के प्योंगयांग में होने वाली अगली मैराथन के लिए तैयारी कर रहे थे। मजाक-मजाक में डेविड ने मयंक को भी मैराथन में दौड़ने के लिए कह दिया। डेविड के लिए बात आई-गई हो गई, लेकिन मयंक ने इसे सीरियसली ले लिया। कुछ हफ्तों बाद ही मयंक ने हाफ मैराथन पूरी की और इसके बाद उन्होंने आयरन मैन, अल्ट्रामैन और अब एंड्यूरोमैन रेस पूरी करके कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं।

मयंक के पिता थे लॉन्ग डिस्टेंस रनर

  1. 42 साल के मयंक वकील हैं। वह हांगकांग स्थित लुइस विटन पैसिफिक में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के डायरेक्टर हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक जर्मनी में नौकरी की। उसके बाद हांगकांग शिफ्ट हो गए। मयंक बताते हैं कि उनकी जॉब में ट्रैवलिंग बहुत करनी पड़ती है। वह देर रात तक जागते और पार्टीज में शरीक होते। बकौल मयंक शराब, स्मोकिंग और देर तक जागना उनकी लाइफस्टाइल बन चुकी थी। पांच फुट एक इंच के मयंक का वजन भी 87 किलो था। मयंक कहते हैं कि जर्मनी में रहकर उन्होंने टाइम की वैल्यू करना सीखा। फॉरेन टूर पर वह हमेशा ऐसी होटल चुनते थे, जिसमें स्विमिंग पूल हो या जो समुद्र तट के नजदीक हो। ताकि वह स्विमिंग कर पाएं। अगर ट्रिप ज्यादा दिन की होती, तो मयंक अपने साथ रनिंग गियर के साथ साइकिल भी ले जाते।

  2. हिमाचल प्रदेश के बिलासुपर में जन्मे मयंक के पिता अशोक वैद बीएसएफ से आइजी रिटायर हुए थे। मां नीरू वैद गृहिणी थीं। मयंक कहते हैं कि पिता सुपर फिट थे। वह लॉन्ग डिस्टेंस रनर थे। मां भी खेल को सपोर्ट करती थीं। वह उन्हें कभी भी घर में फालतू नहीं रहने देती थीं। मयंक और उनके बड़े भाई दोनों घर से बाहर रहने के दौरान हॉर्स राइडिंग, गोल्फ, स्कीइंग, हॉकी, टेनिस, सॉकर, स्विमिंग, फिशिंग और जिम्नास्टिक तक खेलते। पिता की नौकरी के कारण 12 साल में उन्होंने 13 स्कूल बदले। मयंक कहते हैं कि पिता की कश्मीर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने वहां की चुनौतीपूर्ण जिंदगी देखी और इससे उनमें चुनौती और जोखिम लेने का एटीट्यूड विकसित हुआ। 

  3. 50.24 घंटे में पूरी की रेस

    मयंक ने 50 घंटे 24 मिनट में बिना सोए एंड्यूरोमैन रेस पूरी की। उन्होंने 16. 35 घंटे तक 140 किलोमीटर दौड़ पूरी की। इसके बाद 5.12 घंटे रेस्ट करने के बाद 12.48 घंटे में 42 किमी तैराकी की। 2.20 घंटे रेस्ट के बाद 13.29 घंटे में 290 किमी साइकिल चलाई। मयंक वेजिटेरियन हैं और घर का खाना खाते हैं। मयंक का दिन सुबह 4 बजे शुरू होता है। इसके बाद दो घंटे रनिंग या साइकलिंग करते हैं। दोपहर में लंच के बाद समय निकालते हैं और पूल में जाकर स्विमिंग करते हैं। वहीं वीकेंड पर सुबह 3 बजे उठ जाते हैं। इसके बाद रनिंग, साइकलिंग और ओपन वॉटर स्विमिंग करते हैं। वह रोज 8.30 पर सो जाते हैं।

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