ऑस्कर 2019 / 28 लाख रु. का चंदा इकट्ठा कर बनी थी ऑस्कर जीतने वाली फिल्म 'पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस'

Dainik Bhaskar

Feb 25, 2019, 01:33 PM IST



the idea behind the oscar winning documentary which is based in India
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हॉलीवुड डेस्क. भारतीय पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म 'पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस' ने शॉर्ट डॉक्यूमेंटरी कैटेगरी में ब्लैक शीप, एंड गेम, लाइफबोट और ए नाइट एट द गार्डन को हराकर ऑस्कर जीता है। फिल्म को रयाक्ता जहताबची ने डायरेक्ट किया है। इसे भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया है। गुनीत ने विकी कौशल स्टारर मसान और इरफान खान स्टारर द लंच बॉक्स जैसी बेहतरीन फिल्में भी प्रोड्यूस की है। इस डॉक्यूमेंटरी को बनाने के लिए एक कैम्पेन के जरिए 28 लाख रुपए का फंड इकट्ठा किया गया था। 
 

 

लॉस एंजिलिस की स्टूडेंट्स ने हापुड़ तक पहुंचाई सैनिटरी नैपकिन मशीन

डॉक्यूमेंटरी की कहानी दिल्ली के पास हापुड़ गांव में रहने वाली महिलाओं की है, जिन्होंने मासिक धर्म से जुड़ी रूढियों के विरोध में अपनी आवाज मुखर की। लेकिन इसके पीछे का विचार आया लॉस एंजिलिस के ऑकवुड स्कूल की 12 से 14 साल की उम्र के बीच की लड़कियों को, जब उन्हें पता चला कि कई जगहों पर लड़कियों को अपनी पढ़ाई सिर्फ इसलिए छोड़ देनी पड़ती है, क्योंकि वे मासिक धर्म के समय सैनिटरी नैपकिन जैसी सुविधाएं अफॉर्ड नहीं कर सकती। उन लड़कियों ने इसके लिए कुछ करने का निर्णय लिया। बेक सेल और योगाथॉन जैसी गतिविधियों के जरिए इन बच्चियों ने करीब 3 हजार डॉलर(करीब दो लाख रुपए) जुटाए, जिससे वे बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन कम दामों पर तैयार करने वाली मशीन खरीद सकें। 

 

इन बच्चियों ने इस काम में अपनी इंग्लिश टीचर मैलिसा बर्टोन की मदद ली। मैलिसा ने GLI(गर्ल्स लर्न इंटरनेशनल) नाम की संस्था से संपर्क किया, ताकि वे कोई ऐसा गांव चिन्हित करें, जहां यह मशीन जरूरतमंदों की मदद के लिए दी जा सके।

 

28 लाख रुपए का फंड इकट्ठा कर बनाई फिल्म
GLI ने 'एक्शन इंडिया' से संपर्क किया, जो दिल्ली के नजदीक स्थित गांव हापुड़ में काम कर रही थी। इसके बाद सैनिटरी पैड बनाने वाली यह मशीन हापुड़ पहुंचा दी गई। यहां की महिलाओं ने इस काम के लिए बढ़-चढ़कर भागीदारी दी। जल्द ही एक कैम्पेन शुरू हुआ, जिससे हापुड़ की मासिक धर्म को लेकर बनी सोच और मशीन से आए बदलाव पर फिल्म बनाने के लिए 40 हजार डॉलर(करीब 28 लाख रुपए) की रकम इकट्ठा की गई। 

 

फंड इकट्ठा होने के बाद प्रोजेक्ट टीम में गुनीत मोंगा प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़ी, और इरानी-अमेरिकी डायरेक्टर रयाक्ता जहताबची ने डायरेक्शन की कमान संभाली। फिल्म की शूटिंग 2016 में हुई थी। 

हापुड़ में जश्न का माहौल

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार फिल्म की एक किरदार स्नेहा के परिवार ने ऑस्कर जीतने पर जश्न मनाया। कथिखेड़ा गांव में रहने वाले इस परिवार की बेटी स्नेहा फिल्म में नजर आई थीं। 

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