किस्सा / 28 साल पहले आई थी स्लीपर हिट रामगढ़ के शोले, पैसों की तंगी के चलते अमजद ने चुनी थी फिल्म

28 years of parody sleeper hit movie Ramgarh ke sholay, released with look alike actors in 1991
फिल्म में अमिताभ के हमशक्ल के विजय सक्सेना की रिलीज के कुछ महीनों बाद रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी फिल्म में अमिताभ के हमशक्ल के विजय सक्सेना की रिलीज के कुछ महीनों बाद रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी
अमजद खान का वजन इस कदर बढ़ चुका था कि वजन के कारण उन्हें 51 साल की उम्र में हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया अमजद खान का वजन इस कदर बढ़ चुका था कि वजन के कारण उन्हें 51 साल की उम्र में हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया
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28 years of parody sleeper hit movie Ramgarh ke sholay, released with look alike actors in 1991
फिल्म में अमिताभ के हमशक्ल के विजय सक्सेना की रिलीज के कुछ महीनों बाद रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थीफिल्म में अमिताभ के हमशक्ल के विजय सक्सेना की रिलीज के कुछ महीनों बाद रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी
अमजद खान का वजन इस कदर बढ़ चुका था कि वजन के कारण उन्हें 51 साल की उम्र में हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गयाअमजद खान का वजन इस कदर बढ़ चुका था कि वजन के कारण उन्हें 51 साल की उम्र में हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया

Jun 21, 2019, 03:45 PM IST

बॉलीवुड डेस्क. 1991 में डायरेक्टर अजीत दिवानी ने एक फिल्म बनाई थी रामगढ़ के शाेले। गब्बर को छोड़कर सब कुछ नकली। अमिताभ, गोविंदा, अनिल कपूर और देवानंद भी नकली। लेकिन इतनी सारी नकल के बावजूद 21 जून 1991 के दिन रिलीज हुई यह फिल्म 1975 में बनी रमेश सिप्पी की शोले की पैरोडी थी। जो सीरियस नहीं कॉमेडी में बदल गई थी। सबसे खास बात यह थी कि अमजद खान ने पैसों की तंगी के कारण इस फिल्म में अपने ही आइकॉनिक रोल को दोबारा निभाने का कदम उठाया था, वह भी बिलकुल अनजान कलाकारों के साथ। 

 

 

 

'रामगढ़ के शोले' की खास बातें

1991 में अमजद के बढ़े हुए वजन के कारण उनके पास कोई काम नहीं आता था। फिल्म में काम करने की वजह उनके प्रोडक्शन में बनी दो फिल्मों का फ्लॉप हो जाना था। इसके बाद अमजद की सेविंग्स पूरी तरह खत्म हो चुकी थीं। साथ ही उन्हें बढ़ते हुए वजन के कारण कई हैल्थ प्रॉब्लम्स भी हो रही थीं। 
 

स्लीपर हिट यह शब्द फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी फिल्म के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिसका प्रमोशन कम होता है। या फिर कोई ऐसी फिल्म, जिसकी ओपनिंग अच्छी न हुई हो बावजूद उसके वह लंबे समय तक के लिए चल जाती है और एक बड़ी सफल फिल्म बन जाती है। इस टर्म का यूज म्यूजिक वीडियोज के लिए भी किया जाता है। 

रामगढ़ के शोले बेहद कम बजट में बनी फिल्म थी। रिलीज के बाद क्रिटिक्स ने भी इसे एक स्टार रेटिंग ही दी थी। लेकिन फिर भी फिल्म के निर्माताओं को चार गुना फायदा मिला था क्योंकि फिल्म को गांवों में बेहद पसंद किया गया था। फिल्म की शूटिंग महज 40 दिन में की गई थी। 

पैरोडी फिल्म में रामगढ़ के शोले सबसे सफल मानी जाती है। पैरोडी फिल्म उन कॉमेडी फिल्मों को कहते हैं जो किसी फिल्म या कई फिल्मों की नकल होती हैं। इन फिल्मों को आलोचक कम पसंद करते हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई करती हैं। इनमें घूम, ढूंढते रह जाओगे, डुप्लिकेट शोले, ओह डार्लिंग ये है इंडिया, क्विक गन मुरगन, सूरमा भोपाली और मैं हूं पार्ट टाइम किलर जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। 

रामगढ़ के शोले में चार-चार डुप्लिकेट्स ने काम किया था। जिसमें विजय सक्सेना ने अमिताभ बच्चन का रोल प्ले किया था। वहीं किशोर भानुशाली ने देव आनंद का रोल प्ले किया था। साथ ही गोविंदा और अनिल कपूर के डुप्लिकेट्स ने भी फिल्म में काम किया था। हालांकि अमजद खान का कोई डुप्लिकेट नहीं था इसलिए वे खुद इस फिल्म में गब्बर का रोल करते नजर आए थे। 

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