--Advertisement--

छलका इस एक्ट्रेस का दर्द, बताया आखिर क्यों इंडस्ट्री में नहीं बना पाई अपनी जगह

केन घोष की साल 2013 में आई 'इश्क-विश्क' के बाद अमृता राव इंस्डट्री का पॉपुलर फेस बन गई थीं।

Danik Bhaskar | Feb 20, 2018, 01:39 PM IST

केन घोष की साल 2013 में आई 'इश्क-विश्क' के बाद अमृता राव इंस्डट्री का पॉपुलर फेस बन गई थीं। इसके बाद ये 'मस्ती', 'वाह! लाइफ हो तो ऐसी', 'प्यारे मोहन' और 'विवाह' में नजर आई थीं, लेकिन फिर ये बड़े परदे से गायब हो गईं। अमृता मानती हैं कि बोल्ड रोल नहीं करने की वजह से ही आज में फिल्मों से दूर हो गईं। बता दें कि अमृता ने काफी डिफरेंट रोल प्ले किए हैं। फराह खान की 'मैं हूं ना' में जहां इन्होंने टॉमब्वॉय का रोल प्ले किया है। वहीं, 'विवाह' में इन्होंने एक शर्मिली लड़की का रोल प्ले किया था। लेकिन, लंबे समय से फिल्मों से दूर होने पर इन्होंने हाल ही में dainikbhaskar.com से बातचीत की। पेश है बातचीत के कुछ अंश...

- अमृता कहती हैं मुझे टाइप कास्ट रोल ही ऑफर किए जा रहे थे। इसी वजह से में आज इंडस्ट्री से दूर हूं। करियर की शुरुआत से ही मैंने कभी बोल्ड कैरेक्टर नहीं किए। अपने कम्फर्ट जोन में रहते हुए ही मैंने फिल्में की है, लेकिन रोल हमेशा डिफरेंट चूज किए। बोल्ड कैरेक्टर से दूर रहना मेरा फैसला था। इसी वजह से मैंने बड़े बजट की कई कर्मशियल फिल्में छोड़ दी।

- अमृता बताती हैं कई प्रोजेक्ट्स में फिजिकल इंटीमेसी की डिमांड की गई थी, इसलिए मैंने कभी उनके लिए हां नहीं कहा। श्याम बेनेगल की 'वेलडन अब्बा' बहुत अच्छी फिल्म थी लेकिन इसमें कुछ कन्फ्यूजन थे तो मैंने उसे मना कर दिया था। हालांकि, मुझे इस बात का कोई अफसोस नहीं है।

अगली स्लाइड्स में पढ़ें अमृता ने और क्या बताया...