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ऋतिक ने मेरे लिए की थी रात में शूटिंग- मुकेश तिवारी

10 जनवरी को ऋतिक रोशन अपना 44वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 06:13 PM IST

मुंबई।  अपनी पहली फिल्म 'कहो ना... प्यार है' की सुपर सक्सेज के बाद ऋतिक रोशन की फिल्म इंडस्ट्री में जब तूती बोल रही थी, निर्देशक विक्रम भट्‌ट ने मुझे फिल्म 'आप मुझे अच्छे लगने लगे' में उनके साथ काम करने का मौका दिया था। इसमें भी ऋतिक के अपोजिट अमीषा पटेल थीं, जिन दोनों के बीच की केमिस्ट्री ने 'कहो ना...' को सन् 2000 की सुपरहिट फिल्म बना दिया था। जाहिर है कि मैं बेहद उत्साहित था, मगर तभी राज (राजकुमार संतोषी) जी ने मुझे फिल्म 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' के लिए याद किया। अब चूंकि इन दोनों फिल्मों की शूटिंग के लिए मेरी डेट्स टकरा रही थीं, इसलिए मैं खुद को बड़ी दुविधा में महसूस कर रहा था... एक तरफ ऋतिक के साथ काम करने का मोह तो दूसरी ओर उन राज जी का प्रस्ताव, जिन्होंने ही 'चाइना गेट' के जरिए मुझे फिल्मी दुनिया में ब्रेक दिया था!

 

 

यह बात जैसे ही ऋतिक के कानों तक पहुंची, उन्होंने ही मुझसे बात करके सकारात्मक रास्ता निकालने का बड़प्पन दिखाया था। मैंने भी बिना संकोच किए उनसे कह दिया था कि आपकी फिल्म मेरे लिए बहुत मायने रखती है, मगर राज जी का मुझ पर अहसान है! वह 'द लेजेंड...' को जहां स्टार्ट-टु-फिनिश के तहत शूट करना चाहते हैं, वहीं आपकी भी फिल्म के क्लाइमेक्स वाला शेड्यूल कम-ओ-वेश वही है तो मैं क्या करूं? आप यकीन नहीं करेंगे कि ऋतिक ने चुटकी बजाते हल निकाल दिया... वह पहली बार मेरी खातिर यदि रात में शूटिंग करने के लिए तैयार हो गए थे तो साथ ही विक्रम को ऐसा करने के लिए मना भी लिया था! अब मैं रात में यहां (मुंबई में) 'आप मुझे...' की शूटिंग करता तो सुबह होते ही पुणे के लिए रवाना हो जाता, जहां 'द लेजेंड...' की शूटिंग चल रही होती थी। इस तरह मैं रात होने से पहले मुंबई वापस आकर 'आप मुझे...' के सेट पर जा पहुंचता। कुल 9 दिनों तक चले इस व्यवस्थित शेड्यूल का पूरा क्रेडिट मैं ऋतिक को ही दूंगा। 

 

 

यहां सेट पर भी उन्होंने मुझे कम प्रभावित नहीं किया। असल में 9 से 5 के शेड्यूल में उनके चार घंटे तो बॉडी पंप-अप करने में ही खर्च हो जाया करते थे। हालांकि जिन दृश्यों में ऋतिक के शारीरिक सौष्ठव का प्रदर्शन किया जाना था, उनमें बॉडी डबल के सहारे भी फिल्मांकन करने की बात हुई, पर मजाल क्या कि ऋतिक को कोई राजी कर लेता! यह बात और है कि मेरी तरह ऋतिक भी तब न्यू कमर थे। वह अपनी एक-एक मशल्स को उभारने के लिए जिस शिद्दत से इसकी तैयारी करते थे, उनका वह डेडिकेशन देखकर मैं केवल प्रभावित नहीं था... ऋतिक की मेहनत के मद्देनजर मैं वाकई में दंग था!