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जानिए आखिर किन 7 स्टेप्स की वजह से हो रही श्रीदेवी की डेड बॉडी आने में देरी

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी की डेड बॉडी को दुबई से मुंबई में समय लग रहा है।

Danik Bhaskar | Feb 26, 2018, 03:21 PM IST

दुबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी की डेड बॉडी को दुबई से मुंबई में समय लग रहा है। इसकी वजह अब तक यह मानी जा रही थी कि फोरेंसिक रिपोर्ट्स अब तक दुबई पुलिस को नहीं मिली है। हालांकि, ताजा रिपोर्ट्स की मानें तो फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आ गई है और इसमें इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि श्रीदेवी की मौत हार्ट अटैक से ही हुई है। जहर या कोई अन्य संदिग्द्ग एलिमेंट उनकी बॉडी में नहीं पाया गया है। लेकिन अभी भी दुबई से उनकी बॉडी को आने में 8 घंटे का वक्त लगेगा। ऐसा क्यों? आइए डालते नजर:-

- गल्फ न्यूज में काम करने वाले एक पत्रकार की मानें तो अगर किसी की मौत अस्पताल में होती है और इसका कारण साफ होता है तो बॉडी जल्दी रिलीज कर दी जाती है। लेकिन अगर मौत हॉस्पिटल से बाहर हुई है तो पुलिस को इन्फॉर्म करना पड़ता है। भले ही मौत नेचुरल ही क्यों न हुई हो। पुलिस केस दर्ज करने के बाद मामले की इंवेस्टिगेशन करती है। इसके अलावा भी कई आधिकारिक स्टेप्स उठाए जाते हैं।

ये होते हैं स्टेप्स

1. प्रोसीजर के मुताबिक, सबसे पहले बॉडी को अल कुसैस मुर्दाघर में रखा जाता है।
2. जनरल डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिक एविडेंस बॉडी का फॉरेंसिक टेस्ट करता है।
3. फॉरेंसिक टेस्ट कि रिपोर्ट आने के बाद बॉडी पुलिस को सौंपी जाती है।
4. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाता है और पुलिस इस मामले में क्लीयरेंस देती है।


ये होती है डेथ सर्टिफिकेट जारी होने के बाद की प्रोसेस, देखें आगे की स्लाइड्समें देखें बाकी तीन स्टेप्स...

ये होती है डेथ सर्टिफिकेट जारी होने के बाद की प्रोसेस

 

5. डेथ सर्टिफिकेट जारी होने के बाद संबधित शख्स का पुलिस वीजा वेरीफाई किया जाता और इसके बाद दुबई में मौजूद इंडियन काउंसलेट पासपोर्ट रद्द करता है। 
6. इसके साथ ही  इंडियन काउंसलेट डेथ सर्टिफिकेट और बॉडी को इंडिया ट्रांसपोर्ट करने के लिए नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करता है।
7. इन सब के बावजूद पुलिस कई तरह के लेटर्स भी इश्यू करती है। ये लेटर्स बॉडी को अस्पताल या मुर्दाघर के लिए, जहां अंतिम संस्कार होना है, उसके लिए, एयरपोर्ट और एयरलाइन्स के लिए होते हैं। 
बता दें कि डेथ सर्टिफिकेट अरबी भाषा में बनता है और इसकी  ट्रांसलेटेड कॉपी इंडियन काउंसलेट को दी जाती है। इसी के  बाद मृत शख्स के परिवार या रिलेटिव्स को बॉडी ले जाने के लिए NOC मिलता है। 

 

 

आर्टिकल में दिए गए पॉइंट्स से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर क्यों श्रीदेवी की डेड बॉडी को इंडिया आने में समय लग रहा है।