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पार्वती की पहली हिंदी फिल्म है ‘करीब...’, बोलीं- इरफान हैं वर्ल्ड क्लास एक्टर

इरफान खान और पार्वती स्टारर फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ धीरे धीरे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में ग्रोथ कर रही है।

Danik Bhaskar | Nov 13, 2017, 05:27 PM IST
पार्वती और इरफान खान पार्वती और इरफान खान
मुंबई. इरफान खान और पार्वती स्टारर फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ धीरे धीरे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में ग्रोथ कर रही है। फिल्म ने वीकेंड में 5.25 करोड़ का बिजनेस किया है। फिल्म बताती है कि कई बार जिंदगी की भागदौड़ में कब जिंदगी गुजर जाती है पता ही नहीं लगता है और जब पता लगता है तो देर हो चुकी होती है। लेकिन प्यार कभी भी हो सकता है और किसी से भी हो सकता है फिर वो आपके एक दम अपोजिट ही क्यों न हो। फिल्म और उससे जुड़ी बाकी किस्सों के बारे में DainikBhaskar.com ने की पार्वती से खास बातचीत...
काफी नेचुरल है मेरा किरदार...
इस फिल्म में मुझे काम करके काफी अच्छा लगा। मेरा जो किरदार था वो एक दम नॉर्मल था। यानि मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मुझे एक्टिंग करनी है। ये फिल्म हमें ये समझाती है कि दो अलग लोगों में भी प्यार हो सकता है। फिर चाहें उनका लाइफ स्टाइल एक दम अलग ही क्यों न हो। फिल्म में ये दिखाया गया है कि जब आपको किसी से लगाव हो जाता है तो उसकी माइनस प्वाइंट भी अच्छे लगते हैं। यही इस फिल्म में दिखाया भी गया है।
इरफान हैं कमाल के एक्टर...
इरफान खान तो कमाल के एक्टर हैं, एक दम नेचुरल और उनके साथ काम करने में बहुत मजा आया है। वो काफी पॉजीटिव हैं और एक दम नेचुरल, उनमें दिखावा बिलकुल नहीं है। जैसे वो परदे पर हैं वैसे ही ऑफस्क्रीन हैं। मैंने इरफान की ज्यादा फिल्में देखी नहीं हैं लेकिन जो देखी हैं वो कमाल की हैं जैसे लाइफ ऑफ पाई, पीकू। वैसे भी इरफान तो वर्ल्ड क्लास एक्टर हैं उनकी एक्टिंग के बारे में जितना कहो उतना कम।
आगे की स्लाइड्स में जानें बाकी बातचीत...
पार्वती और इरफान खान पार्वती और इरफान खान
करीब करीब सिंगल की सबसे खास बात...
करीब करीब सिंगल की सबसे अच्छी बात जो मुझे लगी वो ये कि ये एक साफ सुथरी फिल्म है। जो पूरा परिवार एक साथ बैठ कर देख सकता है। इसमे अगर रोमांस भी है तो वह एक दम प्योर है और नेचुरल है। जो देखने वालों को अच्छा लगेगा। जब आप खुद ये फिल्म देखेंगे तो आपको लगेगा कि ये कहानी आपके किसी करीबी के काफी करीब है। क्योंकि आज की फास्ट लाइफ में लोगो के पास अपने लिए इतना कम समय है कि वो अपने आप को ही भूल जाते हैं। 
पार्वती पार्वती
हिंदी फिल्मों के बारे में सोचा नहीं था...
सच कहूं तो मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं हिंदी फिल्मों में काम करूंगा। मैं साउथ की एक्ट्रेस हूं और वहां अपने करियर से काफी खुश हूं। मुझे  साउथ इंडस्ट्री में नाम बनाने में दस साल लग गए। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं बॉलीवुड में काम करूंगी। लेकिन जब तनुजा चंद्रा ने मुझे फिल्म ऑफर की तो मुझे कहानी अच्छी लगी और मैंने हां कह दिया। मैंने इस फिल्म को काफी एन्जॉय किया।
पार्वती पार्वती
फिल्म के बदोलत किया ट्रैवल...
मैंने फिल्म की बदोलत कई खूबसूरत लोकेशन्स पर ट्रेवल किया। पर्सनली भी मुझे ट्रेवल करना बहुत पसंद है। लेकिन जब मैं फिल्म के लिए ट्रेवल करती हूं तो ज्यादा एन्जॉय नहीं कर पाती हूं क्योंकि मेरे ध्यान फिल्म में रहता है। मेरे लिए तो मुंबई भी नया था लेकिन मैंने इस शहर को भी काफी एन्जॉय किया। 
पार्वती पार्वती
फिल्म की कहानी होता है जरूरी...
साउथ में मेरा करियर काफी अच्छा है तो मेरे लिए ये मायने नहीं रखता कि फिल्म कहां कि है। बल्कि मायने ये रखता है कि फिल्म की स्टोरी कैसी है। मैं फिल्म की स्टोरी पर फोकस करती हूं। फिर वो मलयालम हो या फिर हिंदी कोई फर्क नहीं पड़ता।