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'रंग बरसे' सॉन्ग के पीछे छुपा है एक विवाद, जिसे लेकर अमिताभ ने हमेशा साधी चुप्पी

होली का त्योहार हो और फिल्म 'सिलसिला' का सॉन्ग 'रंग बरसे' जेहन में न आए, ऐसे कैसे हो सकता है।

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 12:01 AM IST
Controversy Of Amitabh Bachchan Rang Barse Song

मुंबई. होली का त्योहार हो और फिल्म 'सिलसिला' का सॉन्ग 'रंग बरसे' जेहन में न आए, ऐसे कैसे हो सकता है। फिल्म 'सिलसिला' का यह गाना बॉलीवुड के सबसे फेमस होली सॉन्ग्स में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमिताभ बच्चन और रेखा पर फिल्माए गए इस सॉन्ग से जुड़ा एक विवाद भी है, जिसने ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे। ऐसा विवाद, जिसपर अमिताभ बच्चन ने हमेशा चुप्पी साधी...

- गाने पर विवाद इसके राइटर को लेकर है। हमेशा से रिपोर्ट्स में यह देखने को मिलता है कि अमिताभ बच्चन की आवाज में गाए गए इस गाने को उनके बाबूजी हरिवंश राय बच्चन ने लिखा है। जबकि सच्चाई यह है कि वे इस सॉन्ग के राइटर नहीं है। हालांकि, खुद अमिताभ ने कभी रिपोर्ट्स में आ रहे झूठ के खिलाफ कुछ नहीं कहा। वे हमेशा इस मामले में चुप रहे।

तो क्या है 'रंग बरसे' का इतिहास

- 'रंग बरसे' का इतिहास फिल्म 'सिलसिला' से भी कई साल पहले का है। दरअसल, यह एक उत्तर प्रदेश का लोकगीत है, जिसे अमिताभ बच्चन अपने स्ट्रगल के दौर में आरके स्टूडियो की होली पार्टी में गाया करते थे।
- बाद में जब यश चोपड़ा ने 1981 में 'सिलसिला' बनाई तो तब म्यूजिक डायरेक्टर शिव हरी की सलाह के बाद उनकी आवाज में ही यह सॉन्ग फिल्म में डाल दिया।

आगे की स्लाइड्स में देख सकते हैं 'रंग बरसे' के गाने की कुछ स्टिल्स, साथ ही जानें कॉपीराइट से जुड़े अमिताभ के कुछ और विवाद...

Controversy Of Amitabh Bachchan Rang Barse Song

इस कविता पर भी चुप्पी साधे रहते हैं अमिताभ

 

सोशल मीडिया पर अक्सर एक कविता को हरिवंश राय बच्चन की रचना बताया जाता है। हालांकि, यह कविता सोहनलाल द्विवेदी ने लिखी है। लेकिन अमिताभ बच्चन इस कविता के राइटर को लेकर भी हमेशा चुप्पी साधे रहते हैं। पूरी कविता इस प्रकार है :- 

 

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

 

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

 

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

 

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।


और जब बाबूजी की कविता का पाठ करने पर अमिताभ ने मांग ली थी लॉयल्टी, पढ़ें आगे की स्लाइड्स...

Controversy Of Amitabh Bachchan Rang Barse Song

और जब बाबूजी की कविता का पाठ करने पर अमिताभ ने मांग ली थी लॉयल्टी

 

- जुलाई 2017 में इस बात की खूब चर्चा रही थी कि अमिताभ बच्चन ने कुमार विश्वास से सिर्फ इसलिए लॉयल्टी की मांग की थी, क्योंकि उन्होंने बाबूजी की कविता एक वीडियो बनाकर इंटरनेट पर शेयर कर दिया था। 
- दरअसल, कुमार ने पिछले दिनों हरिवंश राय बच्चन की कविता 'नीड़ का निर्माण' को आवाज देकर एक वीडियो तैयार किया था। इसे यूट्यूब पर अपलोड करने के साथ ही उन्होंने 8 जुलाई को ट्विटर अकाउंट से शेयर भी किया था।
- अमिताभ की लीगल टीम ने कुमार को नोटिस भेजकर पूछा था कि इस कविता को गाकर आपने कितने पैसे कमाए, इसकी जानकारी दें। कुमार ने भी अमिताभ को रिट्वीट करते हुए लिखा था- ''इसके लिए सिर्फ लोगों से प्रशंसा मिली, लेकिन सर बताना चाहता हूं कि बाबूजी को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया वीडियो डिलीट कर रहा हूं। इससे कमाए 32 रुपए भी आपको भेज रहा हूं।'' इसे लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के मिले-जुले रिएक्शन सामने आए थे। ज्यादातर ने अमिताभ के फैसले को गलत ठहराया था। वहीं, वीडियो के लिए कुमार की जमकर तारीफ की थी। 

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