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एक हिट ने इस एक्ट्रेस को रातों-रात बना दिया था स्टार, 25 साल से है गुमनाम

अनुराग कश्यप की फिल्म 'मुक्काबाज' में फिल्म 'नदिया के पार' (1982) की गुंजा यानी साधना सिंह नजर आने वाली हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 07, 2018, 12:00 AM IST
साधना सिंह। साधना सिंह।

अनुराग कश्यप की फिल्म 'मुक्काबाज' में फिल्म 'नदिया के पार' (1982) की गुंजा यानी साधना सिंह नजर आने वाली हैं। साधना को फिल्म 'नदिया के पार' ने रातोंरात स्टार बना दिया था, लेकिन इस हिट के बाद भी वे बॉलीवुड में खुद को स्थापित नहीं कर पाईं। इतना ही नहीं, उन्हें फिल्मों के खास ऑफर्स भी नहीं मिले। दोबारा फिल्मों में किस्मत आजमाने आ रही साधना से DainikBhaskar.com ने बातचीत की। बातचीत में साधना ने इंडस्ट्री और अपने अनुभव शेयर किए। मेरे साथ ऐसे क्यूं हुआ समझ में नहीं आया...


पिछले 25 साल से गुमनाम साधना सिंह ने बातचीत में बताया, 'मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ ये मैं कभी समझ ही नहीं पाई। ब्लॉकबस्टर फिल्म देने के बाद भी इंडस्ट्री ने मुझे स्वीकार नहीं किया। हिट फिल्म के बाद उम्मीद थी कि मुझे कई ऑफर्स मिलेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ'। साधना ने कहा, 'गुंजा को लेकर फैन्स बहुत ज्यादा क्रेजी हुए। कुछ ने तो मुझे अपने खून से लेटर तक लिखकर भेजे। एक बार तो जिस होटल में ठहरी थी, वहां मुझसे मिलने लाखों की तादाद में फैन्स आ गए और उन्हें कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था। कई बार तो लोग मुझे देखते ही मेरे पैर छूने लगते थे। लोगों का गुंजा के प्रति प्यार देखकर मैंने भी तय किया था कि मैं इसी तरह के रोल करूंगी'।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें साधना सिंह से बातचीत से कुछ और अंश...

साधना सिंह। साधना सिंह।

80 के दशक की अन्य एक्ट्रेसेस जहां अलग- अलग रोल करने में विश्वास करती थीं वहीं, साधना एक ही टाइप के रोल करना चाहती थी। 'मैंने उन फिल्मों के भी ऑफर ठुकरा दिए जिसमें मुझे मॉर्डन गर्ल के रोल ऑफर हो रहे थे। फिल्म मेकर मनमोहन देसाई एक बार मेरे पास एक फिल्म का ऑफर लेकर आए थे, जिसमें हीरो जैकी श्रॉफ थे और फिल्म में मुझे एक तवायफ का किरदार निभाना था। लेकिन मैंने फिल्म में काम करने से मना कर दिया। मैं कुछ अच्छी फिल्में करना चाहती थीं। मैंने गुंजा जैसा रोल पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार किया, लेकिन वक्त निकल गया और ऐसी कोई भी फिल्म नहीं मिली'। 

साधना सिंह। साधना सिंह।

साधना ने बताया, 'मेरे इंट्रोवर्ट नेचर की वजह से भी मुझे किसी फिल्म मेकर ने एप्रोच नहीं किया'। उन्होंने बताया, 'मैं हमेशा से ही लो प्रोफाइल पर्सन रही हूं। मैं लोगों में ज्यादा घुलती-मिलती भी नहीं थी। मैं कभी भी पार्टीज अटेंड नहीं करती थी। मैं सोशल भी नहीं रही। ये एक ऐसी फील्ड है जहां लोगों से मिलना-जुलना पड़ता है। लेकिन मैं इन सबके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। मैं कभी भी एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थी। मैं सिंगर बनने के लिए ही पैदा हुई और इसी फील्ड में अपना करियर बनना चाहती थी। लेकिन फिल्म 'नदिया के पार' ने सबकुछ बदल कर रख दिया'। साधना ने 'ससुराल' (1984), 'पिया मिलन' (1985), 'पापी संसार' (1985), 'तुलसी' (1985), 'प्यार का सावन' (1991) सहित अन्य फिल्मों में काम किया। 

साधना सिंह। साधना सिंह।

90 के दशक में साधना ने प्रोड्यूसर राजकुमार शाहाबादी से शादी की। और अपनी फैमिली लाइफ में बिजी हो गई। उन्होंने बताया, 'मैं अपनी फैमिली को टाइम देना चाहती थी। इस बीच कुछ टीवी शो भी ऑफर हुए, जो मैंने किए। टीवी की वजह से मेरा एक्टिंग करियर जिंदा रहा'। उन्होंने 1997 में टीवी सीरियल 'घर जमाई' से टीवी की दुनिया में कदम रखा। इसके अलावा उन्होंने कई टीवी शोज में काम किया। उन्होंने बताया, 'टीवी में कई ऑफर्स मिलते हैं, लेकिन वर्क सटिस्फैक्शन नहीं मिलता है। 12-12 घंटे मजदूरों की तरह काम करना पड़ता था। इतना ही नहीं शूटिंग की लोकेशन इतनी दूर होती है कि मैं सिर्फ ट्रैवलिंग में अपना टाइम खराब नहीं करना चाहती हूं'। 

 

बेटी के साथ साधना सिंह। बेटी के साथ साधना सिंह।

2016 में फिल्म प्रोड्यूसर शेफाली भूषण साधना की बेटी शीना से मिलने आई थी। मीटिंग के बाद उन्होंने साधना को फिल्म 'जुगनी' का ऑफर दिया था। अब वे अनुराग कश्यप की फिल्म 'मुक्काबाज' में दिखेंगी। उन्होंने बताया कि अब वे डिफरेंट रोल्स करना चाहती हैं। उनकी बेटी शीना भी एक्ट्रेस है और उसने भी कई फिल्मों में काम किया है।

 

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साधना सिंह।साधना सिंह।
साधना सिंह।साधना सिंह।
साधना सिंह।साधना सिंह।
साधना सिंह।साधना सिंह।
बेटी के साथ साधना सिंह।बेटी के साथ साधना सिंह।
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