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इस फिल्म को मिला था पहला A सर्टिफिकेट, सेक्स सीन नहीं ये थी वजह

बॉलीवुड के इतिहास में 1950 में आई फिल्म 'हंसते आंसू' को सेंसर बोर्ड का पहला 'ए' सर्टिफिकेट मिला था।

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 01:32 PM IST
फिल्म हंसते आंसू का पोस्टर। फिल्म हंसते आंसू का पोस्टर।

डायरेक्टर विशाल पंड्या की फिल्म 'हेट स्टोरी 4' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई हैं। फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया है। आपको बता दें कि ऐसी कई फिल्में हैं जिन्हें 'ए' सर्टिफिकेट मिला है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड के इतिहास में वो कौन सी फिल्म है जिसे पहला 'ए' सर्टिफिकेट मिला और क्यों? यदि नहीं तो आपको इस पैकेज में बताते हैं कि वो कौन सी फिल्म जिसे पहला 'ए' सर्टिफिकेट मिला था। इसलिए मिला था इस फिल्म को ए सर्टिफिकेट...

रिपोर्ट्स की मानें को बॉलीवुड के इतिहास में 1950 में आई फिल्म 'हंसते आंसू' को सेंसर बोर्ड का पहला 'ए' सर्टिफिकेट मिला था। इस फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट मिलने का कारण फिल्म के सेक्स सीन्स नहीं बल्कि फिल्म का नाम था। सेंसर बोर्ड को फिल्म के नाम 'हंसते आंसू' पर आपत्ति थी। बोर्ड का कहना था कि हंसते हुए आंसू कैसे हो सकते हैं। बता दें कि फिल्म को डायरेक्टर केबी लाल ने डायरेक्ट किया था। फिल्म में मधुबाला और मोती लाल लीड रोल में थे।


आगे की स्लाइड्स में पढ़ें सेंसर बोर्ड से जुड़ी कुछ और बातें और किस फिल्म तो सेक्स सीन्स के लिए पहला ए सर्टिफिकेट मिला था...

सेंसर बोर्ड नियमानुसार फिल्मों के सीन्स पर कैंची चलाता है। सेंसर बोर्ड नियमानुसार फिल्मों के सीन्स पर कैंची चलाता है।

इसलिए मिलता है 'ए' सर्टिफिकेट
हर साल कई फिल्‍में बनती हैं। कई बार फिल्‍में सेंसर बोर्ड के नियमों पर सही नहीं बैठती। इसलिए 'ए' सर्टिफिकेट दिया जाता है। नियमानुसार केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा फिल्मों को प्रमाणित करने के बाद ही उसे रिलीज किया जा सकता है। सेंसर बोर्ड फिल्‍मों में सेक्स सीन्‍स, वल्‍गर कॉमेडी, वल्‍गर सॉन्‍ग, डबल मीनिंग संवाद, एब्‍यूजिंग वर्ड जाने से रोकता है, इसके साथ ही यह भी ध्‍यान देता हैं कि फिल्‍म के जरिए किसी धर्म, समुदाय, वर्ग आदि को टारगेट न किया हो। 

 

सेंसर बोर्ड अलग-अलग कैटेगिरी में फिल्मों को सर्टिफिकेट देता है। सेंसर बोर्ड अलग-अलग कैटेगिरी में फिल्मों को सर्टिफिकेट देता है।

ये हैं कैटेगिरी 
U- ये सर्टिफिकेट पाने वाली फिल्मों को हर एज ग्रुप के लोग देख सकते हैं।
U/A- इस कैटेगरी की फिल्मों के कुछ सीन्स में हिंसा, अश्लील भाषा या सेक्स सीन्स हो सकती है, जिस वजह से इस कैटेगिरी की फिल्म केवल 12 साल से बड़े बच्‍चे किसी बड़े की उपस्थिति मे ही देख सकते हैं।
A - ये सर्टिफिकेट की फिल्‍म को सिर्फ 18 साल या उससे अधिक उम्र वाले ही देख सकते हैं।
S- ये स्‍पेशल कैटेगरी है और यह रियर फिल्‍मों को ही मिलती है। ये उन फिल्मों को दी जाती है जो किसी एक वर्ग के लिए बनाई जाती हैं।

फिल्म चेतना का पोस्टर। फिल्म चेतना का पोस्टर।

सेक्स सीन्स की वजह से 'चेतना' को मिला था 'ए' सर्टिफिकेट
यूं तो 'हंसते आंसू' पहली ऐसी फिल्म थी जिसे  'ए' सर्टिफिकेट मिला था, लेकिन ये सर्टिफिकेट फिल्म को सिर्फ उसके नाम की वजह से मिला था। लेकिन आपको बता दें कि जिस वजह से सेंसर बोर्ड फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट देती है वो पहली फिल्म निर्देशक बीआर इशारा की फिल्म 'चेतना' (1970) थी। सेक्स सीन्स की वजह से इस फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट मिला था। इस फिल्म में डायरेक्टर ने वेश्याओं के जीवन और उनके पुर्नवास से जुड़ा विषय को उठाया था। इस फिल्म के कई सीन्स पर सेंसर बोर्ड को आपत्ति थी।