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इंटीमेट सीन काटे, 'ब्रा' को कराया ब्लर, जब सेंसर ने फिल्मों से की ऐसी छेड़छाड़

लंबे समय से विवादों में चली आ रही फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दी है।

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 12:02 AM IST
फिल्म क्वीन में ब्लर की गई ब्रा और ऐ दिल है मुश्किल में ऐश्वर्या राय। फिल्म क्वीन में ब्लर की गई ब्रा और ऐ दिल है मुश्किल में ऐश्वर्या राय।

मुंबई। लंबे समय से विवादों में चली आ रही फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दी है। अब देशभर में यह मूवी 25 जनवरी को रिलीज होगी। रिलीज से पहले ही सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 5 जरूरी बदलाव किए हैं। वैसे यह पहला मामला नहीं है जब किसी फिल्म के सीन्स या फैक्ट्स को लेकर सेंसर बोर्ड ने बदलाव किए हों। इससे पहले भी कई फिल्मों के साथ ऐसा हो चुका है। किसी से सेंसर बोर्ड ने कोई सीन हटवाया तो किसी मेें कुुुछ और बदलाव करने पड़े। क्वीन के एक सीन में ब्रा को करवा दिया ब्लर...


डायरेक्टर विकास बहल की फिल्म 'क्वीन' में एक जगह कंगना रनोट अपने हाथ में ब्रा पकड़े नजर आती हैं। सेंसर बोर्ड ने इस सीन में ब्रा को ब्लर करवा दिया था। इसके अलावा, अंडरगारमेंट्स वाले कुछ और सीन्स भी ब्लर किए गए थे।

आगे की स्लाइड्स पर, कुछ और फिल्में जिनसे सेंसर बोर्ड ने हटवाए थे सीन्स...

ऐ दिल है मुश्किल से हटवाए थे 3 सीन्स

डायरेक्टर करन जौहर की फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' को सेंसर बोर्ड ने U/A सर्टिफिकेट दिया था। लेकिन इससे ऐश्वर्या राय और रणबीर कपूर के तीन इंटीमेट सीन्स पर कैंची चला दी थी। करन ने इस दौरान खूब बहस की कि सीन कहानी के लिए जरूरी थे। लेकिन बोर्ड ने एक न सुनी। फाइनली, इस फिल्म से तीनों सीन्स को हटा दिया गया था।

 

'हीरोइन' से हटाया गया करीना का स्मोकिंग सीन

मधुर भंडारकर की फिल्म 'हीरोइन के एक सीन में करीना कपूर सिगरेट पीते हुए इंडियन मोरालिटी के बारे में बताती नजर आती हैं। लेकिन सेंसर बोर्ड को यह सीन गलत लगा और उन्होंने इस पर कैंची चला दी।

 

'फाइंडिंग फैनी' में वर्जिन शब्द पर लगाई गई थी रोक

डायरेक्टर होमी अदजानिया की फिल्म 'फाइंडिंग फैनी' के एक डायलॉग में वर्जिन शब्द का इस्तेमाल किया गया था। जिसपर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई और शब्द हटवा दिया। फिल्म को U/A सर्टिफिकेट दिया गया था।

 

'इश्किया' में गोरखपुर नाम पर आपत्ति थी

डायरेक्टर अभिषेक चौबे की फिल्म 'इश्किया' को सेंसर बोर्ड की आपत्ति का शिकार होना पड़ा था। बोर्ड ने फिल्म में कहीं भी गोरखपुर का नाम मेंशन करने से इनकार किया था। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की शूटिंग इसी शहर में हुई थी। बोर्ड के मुताबिक, फिल्म के कारण शहर का नाम बदनाम हो सकता था।

'शूटआउट एट वडाला' में लव मेकिंग सीन को छोटा कराया गया

डायरेक्टर संजय गुप्ता की फिल्म 'शूटआउट एट वडाला' में जॉन अब्राहम और कंगना रनोट के बीच के लव मेकिंग सीन शूट किया गया था। सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताते हुए इसे छोटा करवा दिया था। इसके अलावा भी फिल्म में कई कट्स लगाए गए थे।

 

'साहब बीवी और गैंगस्टर' में बेडरूम सीन को छोटा किया गया

डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया की फिल्म 'साहब, बीवी और गैंगस्टर' को सेंसर बोर्ड ने A सर्टिफिकेट दिया था। बावजूद इसके रणदीप हुड्डा और माही गिल के बीच फिल्माए गए एक बेडरूम सीन को छोटा कराया गया था।

 

'खुद्दार' में सेक्सी को किया गया गया बेबी से रिप्लेस

1994 में आई डायरेक्टर इकबाल दुर्रानी की फिल्म 'खुद्दार' के सॉन्ग 'बेबी बेबी बेबी मुझे लोग बोलें', के बोल पहले 'सेक्सी सेक्सी...' थे। लेकिन सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद इन्हें रिप्लेस किया गया।

 

'जोधा अकबर' में जोधा को अकबर की पत्नी बताने पर था विवाद

आशुतोष गोवारिकर की सुपरहिट फिल्म 'जोधा अकबर' रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई थी। राजपूत कम्युनिटी ने विरोध जताते हुए कहा था कि जोधा अकबर की पत्नी नहीं रही हैं। बाद में जब सेंसर बोर्ड और राजपूत कम्युनिटी ने साथ बैठकर मामले को सुलझाया। तब जाकर फिल्म रिलीज हो सकी।

 

'आजा नचले' के गाने में 'मोची' शब्द पर हुआ था विवाद

माधुरी दीक्षित के कमबैक वाली इस फिल्म को अनिल मेहता ने डायरेक्ट किया था। फिल्म काफी धूमधाम से रिलीज हुई। लेकिन रिलीज के साथ ही विवादों में भी आ गई। फिल्म के टाइटल सॉन्ग में 'मोची' शब्द का मोची कम्युनिटी ने विरोध किया। बाद में इस शब्द के चलते गाने की पूरी लाइन बदलनी पड़ी थी।

 

'रंग दे बसंती' के टाइटल ट्रैक से हटा दिया था एक सीन

राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'रंग दे बसंती' के टाइटल ट्रैक से वह सीन सेंसर बोर्ड ने काट दिया था, जिसमें निहंग सिखों को घुड़सवारी करते दिखाया गया था। 20 सेकंड के इस कट के बाद मेकर्स ने इस सीन को ही फिल्म से हटा दिया था।

'हैदर' ने हटवाया गया था एक सीन

विशाल भारद्वाज की फिल्म 'हैदर' के एक सीन पर सेंसर बोर्ड ने सिर्फ इसलिए कैंची चला दी थी। क्योंकि उसमें bare-back (नंगी पीठ) दिखाई गई थी। खास बात यह है कि बोर्ड ने पहले ही इस फिल्म को A सर्टिफिकेट दिया था।

 

'कमीने' में 'तेली' शब्द पर मचा था बवाल

डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की फिल्म 'कमीने' के सॉन्ग 'ढेन टे णेन' में इस्तेमाल हुए 'तेली' शब्द पर तेली कम्युनिटी ने विरोध जताया था। बाद में इस शब्द को गाने में म्यूट किया गया। फिल्म को बोर्ड ने A सर्टिफिकेट दिया था।

 

...तो कुछ और होता 'शोले' का क्लाइमेक्स

सेंसर बोर्ड के हस्तक्षेप के चलते डायरेक्टर रमेश सिप्पी को फिल्म 'शोले' का क्लाइमेक्स दोबारा शूट करना पड़ा था। दरअसल, पहले शूट किए गए क्लाइमेक्स में ठाकुर गब्बर को मार देता है। लेकिन सेंसर बोर्ड को इसमें ज्यादा हिंसा नजर आई। इसलिए रमेश सिप्पी को दोबारा क्लाइमेक्स शूट करने का आदेश दिया गया। इसके मुताबिक, ठाकुर अंत में गब्बर को पुलिस के हवाले कर देता है।

 

एंग्री इंडियन गॉडेसेस में ब्लर किए गए देवी- देवताओं के विजुअल्स

डायरेक्टर पैन नलिन की इस फिल्म के कुछ सीन्स के बैकग्राउंड में देवी-देवताओं के विजुअल्स थे, जिन्हें सेंसर बोर्ड ने ब्लर करवा दिया था। इसके अलावा 'मेरा इंडियन फिगर है' जैसे कुछ डायलॉग्स भी हटवा दिए थे।

 

'बिल्लू बार्बर' के नाम को बदल दिया था

फिल्म बिल्लू बार्बर के टाइटल के चलते बार्बर कम्युनिटी ने ऑब्जेक्शन लिया। इसके चलते फिल्म के टाइटल को सिर्फ 'बिल्लू' कर दिया गया था।

 

'वीरप्पन' से हटवाई गई एक लाइन

डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'वीरप्पन' में राजीव गांधी की हत्या को लेकर एक लाइन थी, जिसे सेंसर बोर्ड ने यह कहकर हटवा दिया कि इससे तमिल ग्रुप्स ऑब्जेक्शन ले सकते हैं। फिल्म को A सर्टिफिकेट दिया गया था।