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MOVIE REVIEWS: ‘बेशरम’

रणबीर अब ‘बेशरम’ बन गए हैं। इसे डायरेक्टर अभिनव कश्यप ने बनाया है।

Dainik Bhaskar

Oct 02, 2013, 06:34 PM IST
MOVIE REVIEW BESHARAM
'ये जवानी है दीवानी' के 'बनी' बन दर्शकों का दिल जीतने और बॉक्स ऑफिस पर छा जाने के बाद रणबीर अब ‘बेशरम’ बन गए हैं। इसे डायरेक्टर अभिनव कश्यप ने बनाया है।
कहानी: फिल्म की कहानी है बबली (रणबीर कपूर) की जो कहने को तो एक मोटर मैकेनिक है, मगर असल में चोर है। वह कार चुराने में माहिर है और इसमें उसका साथ देता है उसका दोस्त टीटू यानी 'टर्मिनेटर 2'। बबली दिल्ली के एक अनाथालय में रहता है। उसके मां-बाप नहीं हैं, इसलिए उसे अपने सरनेम का भी पता नहीं होता। जिस अनाथालय में वह पला-बढ़ा है, वहां के बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले खुद उठाता है। वह काफी बेशरम है और हर काम को बहुत ही बेशरमी से करता है। उसे किसी चीज़ का डर नहीं और न ही गलत काम करके वह पछताता है। उसके तरीके गलत हैं, मगर दिल साफ़ है।
उसे इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि दूसरों को क्या लगता है। इसी बेशर्मी से उसकी जिंदगी चलती रहती है, मगर एक शादी में तारा शर्मा (पल्लवी शारदा) से टकराने के बाद उसकी लाइफ में बदलाव आने लगते हैं। तारा एक कंपनी की मैनेजर है, जिसके बड़े-बड़े सपने हैं। उसे क्लर्क या सरकारी नौकरी वाले लड़के से शादी नहीं करनी। उसे स्टेट्स, पैसा सबकुछ चाहिए और इसी स्टेट्स की खातिर वह अपनी पूरी कमाई खर्च कर मर्सडीज कार खरीदती है ताकि शान से ऑफिस और दोस्तों के बीच उठ-बैठ सके, क्योंकि सभी हाई-प्रोफाइल हैं।
'बेशरम' बबली को तारा से प्यार हो जाता है, मगर तारा को वह फूटी आंख नहीं सुहाता। वह उसे 'बेशरम' कहकर उसे बार-बार जलील करती है और उसके प्यार को ठुकरा देती है। बबली पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, मगर एक दिन उसे इस बात का अहसास होता है जब वो अनजाने में अपने प्यार यानी तारा (पल्लवी शारदा) को हर्ट कर देता है।
वह तारा की ही कार चुराकर बेच देता है। बबली को अपनी गलती का अहसास होता है और वह गलती सुधारने के लिए तारा से वादा करता है कि उसे उसकी कार वापस लाकर देगा। इसी बदलाव को देख तारा भी उससे प्यार करने लगती है। मगर तब तक उसके पीछे पुलिस इंचार्ज चुलबुल चौटाला (ऋषि कपूर) और उनकी पत्नी बुलबुल चौटाला (नीतू कपूर) हाथ धोकर पड़ जाते हैं। स्थिति तब और जटिल हो जाती है, जब विलेन जावेद जाफरी (जिसके लिए बबली कार चुराने का काम करता है) भी बबली की नाक में दम कर देता है।
फिल्म का पहला भाग मनोरंजन से भरपूर है और आपको लगने लगता है कि इंटरवल के बाद फिल्म की कहानी गति पकड़ेगी मगर अफ़सोस ऐसा हो नहीं पाता।सेकंड हाफ शुरू होते ही फिल्म में ऐसा कुछ नहीं रह जाता जिसे आपने पहले न देखा हो।
एक्टिंग: रणबीर कपूर जब भी परदे पर आते हैं, कुछ नया करते हैं। उनकी खासियत यही है कि हर फिल्म में दर्शकों को अपना एक नया रूप दिखाते हैं और वाहवाही बटोर ले जाते हैं। इस फिल्म में भी उनका बिल्कुल अलग रूप सामने आया है। बबली के किरदार में उन्होंने जो बेशर्मी दिखाई है, उसके लिए वह तारीफ के काबिल हैं।
उनकी एक्टिंग इस फिल्म का पहला प्लस प्वाइंट है। कपड़ों से लेकर, बोलचाल, सोने और नहाने तक में उनकी बेशर्मी देखकर साफ़ हो जाता है कि फिल्म का टाइटल बेशरम क्यों रखा गया है। नई एक्ट्रेस पल्लवी शारदा ने भी ठीक अभिनय किया है। पहले भाग में वह एक अक्खड़ और खडूस लड़की के किरदार में दिखी हैं, वहीं इंटरवल के बाद वह आश्चर्यजनक रूप से नरम पड़ जाती हैं और बबली पर लट्टू हो जाती हैं।
एक्टिंग से ज्यादा उनके डांसिंग स्टाइल की तारीफ करनी होगी। सभी गानों में उन्होंने काफी अलग अंदाज में लटके-झटके दिखाए हैं। रणबीर के अलावा, ऋषि और नीतू कपूर की एक्टिंग भी बढ़िया है। दोनों ने ऐसे जोड़े की भूमिका निभाई है, जिनकी कोई औलाद नहीं। बुलबुल (नीतू) अपने पति को इस बात के लिए हर वक्त ताने मारती है, वहीं चुलबुल (ऋषि) की कॉमिक टाइमिंग कमाल की है। हैरानी की बात ये है कि उन्होंने कई सारे स्टंट्स भी किये हैं।
निर्देशन: 'दबंग' के निर्देशक अभिनव कश्यप मसाला एंटरटेनर बनाने में माहिर हैं। इस फिल्म में भी उन्होंने दबंग के इसी फ़ॉर्मूले को अपनाया है। फिल्म को परिवार के साथ देखने लायक रखने की पूरी कोशिश की है और कुछ हद तक इसमें सफल भी हुए हैं। हालांकि, कुछ डायलॉग्स सुनकर आप झेंप सकते हैं अगर आप फैमिली के साथ इस फिल्म को देख रहे हैं। लेकिन अगर आप दोस्तों-यारों के साथ इसे देख रहे हैं तो खूब इन्जॉय भी करेंगे। मारधाड़, रोमांस, कॉमेडी सब चीज़ों का बराबर मिश्रण पेश कर अभिनव ने एक मनोरंजक फिल्म देने में सफलता पाई है।
म्यूजिक: फिल्म का म्यूजिक औसत है, मगर यूथ में लोकप्रिय हो चुका है। हालांकि, दबंग के 'मुन्नी बदनाम' और कई हिट नंबर्स की तरह इस फिल्म के गाने लंबे समय तक दर्शकों को याद नहीं रहने वाले हैं। हां, फिल्म का टाइटल गाना बेशरम काफी बढ़िया है और इसमें रणबीर का डांस आपको मस्त कर देता है।
क्यों देखें: रणबीर की बेहतरीन एक्टिंग और एक मसाला एंटरटेनमेंट फिल्म के शौकीन हैं तो यह फिल्म एक बार जरूर देख सकते हैं।
क्यों न देखें: कहानी दमदार नहीं, सेकंड हाफ काफी कमजोर, सेंसिबल फिल्में देखने के शौक़ीन हैं तो ये फिल्म शायद ही आपको भाए।
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